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NEET पास किए बिना भी इन मेडिकल फील्ड्स में बना सकते हैं करियर

Jaipur

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भारत में लाखों छात्र-छात्राएं 12वीं के बाद डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं। इसके लिए NEET (National Eligibility cum Entrance Test) पास करना ज़रूरी होता है, ताकि MBBS या BDS जैसी डिग्री में एडमिशन मिल सके। लेकिन हकीकत यह है कि हर साल लाखों छात्र NEET देते हैं, और उनमें से केवल कुछ प्रतिशत को ही सरकारी या प्राइवेट MBBS सीट मिल पाती है। ऐसे में कई स्टूडेंट्स को लगता है कि मेडिकल फील्ड में करियर बनाने का सपना खत्म हो गया, लेकिन असल में ऐसा नहीं है। अगर आपका सिलेक्शन MBBS में नहीं होता, तो भी आप मेडिकल सेक्टर के कई अन्य कोर्स करके अच्छा करियर और शानदार कमाई कर सकते हैं। इन कोर्स के लिए NEET पास करना ज़रूरी नहीं है और इनमें रोजगार के भरपूर अवसर हैं।

B.Sc नर्सिंग (B.Sc Nursing)

कोर्स अवधि: 4 साल

एडमिशन प्रक्रिया: 12वीं (PCB) में 50% या उससे अधिक अंक, कुछ विश्वविद्यालयों के अपने एंट्रेंस एग्जाम होते हैं।

करियर स्कोप: सरकारी व प्राइवेट अस्पताल, हेल्थकेयर सेंटर, आर्मी मेडिकल सर्विस, विदेशों में नर्सिंग जॉब।

कमाई: शुरुआती सैलरी 25,000–40,000 रुपये, अनुभव के साथ लाखों रुपये सालाना।

B.Sc मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (B.Sc MLT)

कोर्स अवधि: 3 साल

काम: ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, बायोकेमिकल टेस्ट, पैथोलॉजी लैब संचालन।

एडमिशन: 12वीं (PCB) में 50% अंक, NEET जरूरी नहीं।

कमाई: शुरुआती 20,000–35,000 रुपये प्रति माह, प्राइवेट लैब या खुद की डायग्नोस्टिक सेंटर खोलने पर अधिक इनकम।

फार्मेसी कोर्स (B.Pharm)

कोर्स अवधि: 4 साल

काम: दवा निर्माण, रिसर्च, क्वालिटी कंट्रोल, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, ड्रग इंस्पेक्टर।

एडमिशन: 12वीं (PCB या PCM) में 50% अंक।

कमाई: शुरुआती 25,000–40,000 रुपये प्रति माह, फार्मेसी खोलने पर इनकम कई गुना बढ़ सकती है।

फिजियोथेरेपी (BPT – Bachelor of Physiotherapy)

कोर्स अवधि: 4.5 साल (6 महीने इंटर्नशिप सहित)

काम: मरीजों की फिजिकल थेरेपी, स्पोर्ट्स इंजरी, ऑर्थोपेडिक, न्यूरोलॉजी केसेस।

कमाई: शुरुआती 25,000–50,000 रुपये, प्राइवेट क्लिनिक खोलने पर 1 लाख+ मासिक भी संभव।

ऑप्टोमेट्री (B.Sc Optometry)

कोर्स अवधि: 4 साल

काम: आंखों की जांच, लेंस और चश्मा डिजाइन, आई केयर हॉस्पिटल में सेवाएं।

कमाई: शुरुआती 20,000–35,000 रुपये, अनुभव के साथ बढ़कर 60,000–70,000 रुपये मासिक।

डेंटल हाइजीन/डेंटल टेक्नोलॉजी

कोर्स अवधि: 2–3 साल का डिप्लोमा या B.Sc डिग्री

काम: डेंटल क्लिनिक में प्रोफेशनल असिस्टेंस, डेंटल प्रॉस्थेटिक्स तैयार करना।

कमाई: 20,000–40,000 रुपये मासिक, खुद का डेंटल लैब खोलने पर अधिक।

रेडियोलॉजी और इमेजिंग टेक्नोलॉजी

कोर्स अवधि: 3 साल (B.Sc Radiology)

काम: X-ray, MRI, CT Scan, अल्ट्रासाउंड मशीन ऑपरेट करना।

कमाई: 25,000–50,000 रुपये मासिक, प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर में उच्च आय।

न्यूट्रिशन और डाइटेटिक्स (B.Sc Nutrition & Dietetics)

कोर्स अवधि: 3 साल

काम: हॉस्पिटल, फिटनेस सेंटर, हेल्थ कंसल्टेंसी, स्पोर्ट्स टीम।

कमाई: 20,000–40,000 रुपये मासिक, प्राइवेट प्रैक्टिस में लाखों रुपये सालाना।

बायोटेक्नोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी

कोर्स अवधि: 3–4 साल

काम: रिसर्च, लैब टेस्टिंग, फार्मा कंपनियों में रोजगार।

कमाई: शुरुआती 25,000–35,000 रुपये, रिसर्च फील्ड में बड़ी संभावनाएं।

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