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बांग्लादेश अब भारत का दोस्त नहीं रहा!

जयपुर

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शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हालात बेहद नाजुक

अंतिम संस्कार के बाद संसद में घुसने की कोशिश, ढाका में तनाव

ढाका/नई दिल्ली। बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए आंदोलन के प्रमुख नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। शनिवार को हादी के अंतिम संस्कार के बाद एक हिंसक भीड़ ने संसद भवन में घुसने की कोशिश की।

  • हादी को दफनाने के बाद नारेबाजी करती हुई भीड़ संसद की ओर मार्च करने लगी और परिसर में घुसने का प्रयास किया, जिससे ढाका में भारी तनाव फैल गया है।

  • शरीफ उस्मान को कट्टर भारत विरोधी नेता माना जाता था और अब उनकी हत्या में भारत का हाथ होने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।

शेख हसीना के जाने के बाद भारत विरोधी लहर

शेख हसीना सरकार के अपदस्थ होने के बाद बांग्लादेश में भारत विरोधी लहर (Anti-India Wave) चरम पर है।

  • अल्पसंख्यकों पर खतरा: कुछ कट्टरपंथी धार्मिक संगठनों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ अभियान चलाना शुरू कर दिया है।

  • बदले रिश्ते: शेख हसीना सरकार भारत की घनिष्ठ मित्र मानी जाती थी और दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर व्यापार होता था। लेकिन पिछले एक साल में स्थिति पूरी तरह पलट गई है।

चीन-पाकिस्तान के खेमे में गया ‘छोटा भाई’

विश्लेषण के मुताबिक, बांग्लादेश अब पूरी तरह भारत विरोधी खेमे में खड़ा नजर आ रहा है।

  • इतिहास भूला: 1971 में भारत ने ही पाकिस्तान से अलग करवाकर बांग्लादेश को आजादी दिलाई थी। बांग्लादेश भारत को ‘बड़े भाई’ की तरह मानता था, लेकिन अब वह पाकिस्तान और चीन के खेमे में चला गया है।

  • चीन का सैन्य जाल: चीन नहीं चाहता कि बांग्लादेश भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध मजबूत रखे। यही कारण है कि चीन बांग्लादेश में अपने सैन्य अड्डों का विकास कर रहा है और सैन्य गठबंधन को मजबूत कर रहा है।

  • नया गठजोड़: वर्तमान में चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश का एक नया त्रिकोणीय गठजोड़ बनता दिख रहा है, जो भारत की सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी है।

मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल

विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश को लेकर मोदी सरकार की नीति उलझन भरी रही है या विफल साबित हुई है।

  • किसी भी देश के लिए पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध होना जरूरी है, लेकिन वर्तमान में भारत के रिश्ते अपने पड़ोसियों से बिगड़ते जा रहे हैं।

  • पाकिस्तान और चीन के साथ पहले से ही सीमा पर तनाव है, और अब बांग्लादेश भी भारत को आंखें दिखाने लगा है।

दोस्त नहीं, दुश्मन जैसी स्थिति

हालात यह हैं कि बांग्लादेश अब भारत का दोस्त नहीं, बल्कि दुश्मन नजर आ रहा है। यद्यपि बांग्लादेश सैन्य ताकत में भारत का मुकाबला नहीं कर सकता, लेकिन वह भारत को सामरिक और कूटनीतिक नुकसान जरूर पहुंचा सकता है। यह कहा जा सकता है कि बांग्लादेश अब भारत के हाथ से पूरी तरह निकल चुका है।

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