नाक बंद और गले में खराश? इसे मामूली सर्दी समझने की भूल न करें, जानिए क्या है HMPV
मौसम बदलते ही कई तरह के वायरस सक्रिय हो जाते हैं, जिनमें एक ऐसा वायरस भी है जिसके बारे में कम लोग जानते हैं, लेकिन इसके लक्षण फ्लू या RSV जैसे ही होते हैं। इसी वजह से इसे पहचानना आसान नहीं होता। इस वायरस का नाम ह्यूमन मेटाप्न्यूमोवायरस (HMPV) है, जिसकी पहचान पहली बार साल 2001 में हुई थी। आइए जानते हैं यह कैसे फैलता है और कितना खतरनाक हो सकता है।
कैसे फैलता है यह वायरस?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह वायरस भी अन्य सांस से जुड़ी बीमारियों की तरह ही फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए यह दूसरों तक पहुंच जाता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, हाथ मिलाने या किसी दूषित सतह को छूने के बाद चेहरे को छूने से भी संक्रमण हो सकता है। इसलिए साफ-सफाई और सावधानी बेहद जरूरी है।
कब दिखता है इसका असर?
यह वायरस अक्सर फ्लू के बाद अपना असर दिखाता है। जहां फ्लू का पीक सर्दियों में होता है, वहीं HMPV के मामले मार्च के अंत से अप्रैल तक बढ़ते हैं। यानी जब लोग सोचते हैं कि फ्लू खत्म हो गया, उसी समय यह वायरस धीरे-धीरे फैलने लगता है। हाल ही में कैलिफोर्निया (अमेरिका) में इसके मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है, हालांकि यह दुनिया के कई हिस्सों में मौजूद है।
किसे ज्यादा खतरा?
यह वायरस किसी को भी प्रभावित कर सकता है, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों, कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों, लंबे समय से स्टेरॉयड लेने वाले मरीजों, सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों और कैंसर मरीजों के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकता है। स्वस्थ लोगों में इसके लक्षण हल्के भी हो सकते हैं।
क्या हैं लक्षण?
इसके लक्षण आम सर्दी-जुकाम जैसे ही होते हैं—खांसी, बुखार, नाक बंद होना, छाती में जकड़न और गले में खराश। यही वजह है कि कई बार लोग इसे सामान्य फ्लू समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
क्या है इलाज?
फिलहाल इस वायरस के लिए कोई खास एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर सामान्य सर्दी-जुकाम की तरह ही इलाज की सलाह देते हैं—ज्यादा आराम करें, शरीर को हाइड्रेट रखें और जरूरत पड़ने पर ओवर-द-काउंटर दवाओं का इस्तेमाल करें।
सावधानी ही बचाव है
बार-बार हाथ धोना, भीड़भाड़ से बचना, मास्क पहनना और बीमार व्यक्ति से दूरी बनाना इस वायरस से बचाव के सबसे आसान और असरदार तरीके हैं।
Disclaimer
Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.
Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।
