अमेरिका का खाड़ी देशों पर वर्चस्व समाप्ति की ओर
पश्चिम एशिया के मुस्लिम देशों पर अमेरिका का एक अघोषित रूप से शासन चलता था I एकमात्र ईरान ही ऐसा देश है जो अमेरिका की मनमानी का विरोध करता आया है I अमेरिका ने अपनी मर्जी के शासक सऊदी अरब, संयुक्त अमीरात, कतर, कुवैत, बहरीन, जॉर्डन, मिश्र एवं ओमान आदि देशों में बिठा रखे हैं I अमेरिका ने इन देशों में धीरे-धीरे अपने सैन्य अड्डे विकसित किये और फिर इन देशों पर सैनिक कार्रवाई का डर दिखाकर और दूसरे दुश्मन देशों से रक्षा के नाम पर पैसा वसूलना शुरू कर दिया I अमेरिकी कंपनियों ने तेल उत्पादक मुस्लिम देशों में रिफाइनरियों, एयरपोर्ट्स, समुद्री पोर्ट, बिजनेस सेंटर एवं प्रॉपर्टी कॉम्प्लेक्स में भारी निवेश करना शुरू कर दिया I पश्चिमी मुस्लिम देशों से बड़ी मात्रा में धन अमेरिका आता था I अमेरिका की मज़बूत आर्थिक स्थिति के लिए पश्चिम के मुस्लिम देशों का बड़ा योगदान है I लेकिन अमेरिका का लालच यहीं नहीं रुका, अमेरिका ने इजराईल के जरिए मुस्लिम देशों को गुलाम बनाने की मंशा पाल ली I धीरे-धीरे मुस्लिम देशों के सर्वोच्च नेताओं की हत्या होने लगी I शासक बदले जाने लगे और विरोध में आए देशों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए या सैन्य ताकत से दबाया गया I मुस्लिम देशों को अमेरिका इसराईल और पश्चिमी देशों ने अस्थिर कर दिया I अमेरिका ने इज़राईल को एक आक्रामक देश बना दिया I इजराईल पड़ौसी मुस्लिम देशों पर जब चाहे जहां चाहे आक्रमण करने लगा I इज़राईल ने 25 वर्षों में ईरान के सैंकड़ों वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, व्यवसायियों और राजनयिकों की हत्या कर दी I फिलिस्तीन की जमीन पर कब्जा कर लिया और लेबनान एवं सीरिया का एक बड़ा क्षेत्र कब्ज़े में ले लिया I इजराईल की इन कारगुजारियों को अमेरिका का पूरा समर्थन मिला I इज़राईल ने फिलीस्तीन के 70 हज़ार बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों को मौत के घाट उतार दिया और अमेरिका की सहमति से फिलिस्तीनियों पर अत्याचार किये I अमेरिका एक महीने पहले इज़राईल के कहने पर आक्रमण कर दिया, जबकि अमेरिका से ईरान की शांति वार्ता चल रही थी I ईरान पर एक तरफा आक्रमण का विश्व में विरोध हुआ और अमेरिकी जनता ने भी विरोध शुरू कर दिया और अभी तक कर रही है I लेकिन सोचने वाली बात यह निकलकर आई कि जिस तरह ईरान ने अपने ऊपर हुए आक्रमण का पलट वार किया उससे अमेरिका और ईरान के लेने देने के देने पड़ गए I ईरान ने इज़राईल का ज्यादातर इंफ्रास्ट्रक्चर समाप्त कर दिया और इज़राईल को भारी नुकसान पहुंचाया I ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिका के सैन्य बेसों का मिसाइलों और ड्रोनों से अटैक कर बर्बाद कर दिया I ईरान ने मुस्लिम देशों में अमेरिका की अन्य सुविधाओं जिनको वर्षों की मेहनत के बाद विकसित किया गया, कुछ दिन में ही बर्बाद कर दिया I ईरान यहीं पर नहीं रुका उसने अमेरिका के जितने भी ठिकाने खाड़ी देशों में उपस्थित थे चाहे वे सैन्य ठिकाने थे या असैन्य ठिकाने थे सभी पर अटैक करने की कोशिश की I जबकि अमेरिका का ईरान पर आक्रमण से पहले ऐसा अनुमान नहीं था वैसे अमेरिका और इज़राईल ने ईरान पर आक्रमण किए I उससे ईरान के बुनियादी ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है I लेकिन ईरान ने पलटवार करके अमेरिका और इज़राईल को बड़ा नुकसान पहुंचाया है I खाड़ी के मुस्लिम देशों में अमेरिका का वर्चस्व समाप्त होने के कगार पर पहुंच गया है I धीरे-धीरे करके अमेरिका ने मुस्लिम देशों से अपने सैन्य अड्डे खाली करना शुरू कर दिया है I अमेरिका ईरान से युद्ध करने में भयभीत नज़र आने लगा है I अमेरिकी सैनिक युद्ध में मरने लगे हैं I ईरान ने अब तक अमेरिका और इज़राईल पर बढ़त दिखाई है I संभावना यही है कि इस युद्ध के बाद अमेरिका का मुस्लिम देशों पर कब्जा करने का सपना अधूरा रह सकता है I
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