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विश्वकर्मा जयंती पर सीएम योगी का बड़ा ऐलान

उत्तर प्रदेश

"सीएम योगी आदित्यनाथ विश्वकर्मा एक्सपो 2025 में नए ट्रेड्स और कारीगरों के लिए टूलकिट योजना की घोषणा करते हुए"

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-12 नए ट्रेड्स को मिला टूलकिट और ट्रेनिंग स्कीम में स्थान

उत्तर प्रदेश (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भगवान विश्वकर्मा जयंती पर ‘विश्वकर्मा एक्सपो-2025’ का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब परंपरागत 11 कारीगर ट्रेड्स के साथ 12 नए ट्रेड्स को भी जोड़ा गया है। इनमें मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल गुड्स रिपेयरिंग, प्लंबर, कंप्यूटर रिपेयरिंग, सोलर पैनल रिपेयरिंग, डिजिटल फोटोग्राफी, ब्यूटी एंड वेलनेस सहित अन्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इन नए क्षेत्रों से जुड़कर युवाओं को आत्मनिर्भरता, आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि बीते साढ़े आठ साल में कारीगरों और शिल्पकारों ने यूपी को बीमारू राज्य से निकालकर विकास का ग्रोथ इंजन बना दिया है। कार्यक्रम में बैंकों द्वारा प्रदेशभर के कारीगरों, शिल्पकारों और उद्यमियों के लिए 1,32,000 करोड़ का ऋण वितरण किया गया, जो कई राज्यों के वार्षिक बजट से भी अधिक है। मंच से सीएम योगी ने सीतापुर की शशि देवी को 2 लाख रुपए और लखनऊ की अंशु शर्मा को 9.5 लाख रुपए का ऋण प्रदान किया।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत प्रदेशभर के 12,000 कारीगरों को मिला टूलकिट

इसके अलावा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत प्रदेशभर के 12,000 कारीगरों को टूलकिट दी गई। इनमें लखनऊ के ऋत्विक कनौजिया और प्रियंका कुमारी को मंच से टूलकिट देकर सम्मानित किया गया। सीएम योगी ने कहा कि 2017 में जहां 100 रुपये जमा पर केवल 44 रुपये का ऋण मिलता था, वहीं आज यह अनुपात 62 प्रतिशत हो गया है। लक्ष्य है कि अगले वित्तीय वर्ष तक इसे 75 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार युवाओं को जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब प्रोवाइडर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।                              यह वीडियो भी देखे :-                                       https://youtu.be/GfI4UPapxfc

सीएम योगी ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना का जिक्र करते हुए कहा कि यह अब पूरे देश के लिए मॉडल बन चुकी है और इस योजना की वजह से यूपी 1 लाख 86 हजार करोड़ रुपये का निर्यात करने वाला राज्य बन गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि क्रिकेट और फुटबॉल दुनियाभर में खेले जाते हैं लेकिन उनका निर्माण मेरठ में होता है। चमड़े का काम आगरा में होता है और कार्पेट बनाने में वाराणसी, मिर्जापुर और भदोही के कारीगरों का हुनर पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है।

इस अवसर पर विभिन्न कंपनियों और संगठनों के साथ तीन अहम एमओयू साइन किए गए। इनमें रेलटेल इंडिया, जीएमआर, शाही एक्सपोर्ट्स, यदुपति, ऊषा इंटरनेशनल, लक्मे, मिस्टर ब्राउन, राधेलाल, धोबीलाइट, मेसर्स ऐप्टेक, लाउंड्री लेजेंड, समाधान, महेश नमकीन, मिंडा सिल्का, केयर स्किल एकेडमी, अपैरल ट्रेनिंग एंड डिजाइन सेंटर, रॉयल इम्पैक्ट, विजय इंडस्ट्रीज, श्याम सन्स, अजिमुत बिजनेस ऑन व्हील्स, जेडी वेलफेयर, ब्लैक पॉटरी फाउंडेशन, एचसीएल फाउंडेशन और इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया के सीए चरनजीत सिंह नंदा व सीए ज्ञानचंद मिश्रा शामिल रहे। ये कंपनियां पारंपरिक कारीगरों को नई तकनीक से प्रशिक्षित करेंगी।

इसके साथ ही प्रदेश के 111 कनिष्ठ सहायकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इनमें से 11 अभ्यर्थियों को सीएम योगी ने मंच से स्वयं नियुक्ति पत्र सौंपा।

 

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