योगी को लगा बड़ा झटका!
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिनको वेटिंग प्रधानमंत्री भी माना जाता है, को बड़ा झटका लगा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले कहा करते थे कि तालिबानी सोच आतंकवादी सोच है। तालिबानी क्रूर और मानवता पर कलंक है। योगी ने उत्तरप्रदेश विधानसभा में कहा था कि तालिबान का समर्थन करना आतंकवाद का समर्थन करने के बराबर है। सांसद जियाउर रहमान बिर्क ने तालिबान द्वारा अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को अफगानिस्तान से खदेड़ने के संग्राम को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के समान बताया था। उस समय योगी सरकार ने संसद बिर्क के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। तालिबान के पक्ष में बोलने पर उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने कई प्रकार की सख्ती की थी। लेकिन वही योगी सरकार और उत्तरप्रदेश प्रशासन अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी के स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी की उत्तर प्रदेश के देवबंद जो इस्लामिक शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र है, गए एवं वहां की शिक्षाओं की तारीफ भी की। जबकि योगी सरकार में देवबंद को अच्छी नजरों से नहीं देखा जाता है। इसके बाद अफगान विदेश मंत्री आगरा के ताजमहल भी गए। मुख्यमंत्री योगी के विधानसभा और अन्य जगह दिए गए भाषणों का वीडियो वायरल हो रहा है। एक और बात सभी की जानकारी में नहीं है कि तालिबान हजरत मोहम्मद स.अ. से सबसे ज्यादा मोहब्बत करते हैं और हजरत मोहम्मद स.अ. की आलोचना करने वालों को पसंद नहीं करते हैं। उत्तर प्रदेश की विपक्षी पार्टिया मुख्यमंत्री योगी द्वारा पिछले वर्षों में दिए गए भाषणों और वक्तव्यों को लेकर मजाक उड़ा रही है। सांसद जियाउर रहमान बिर्क ने कहा कि अब किसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। तालिबान का समर्थन करने वाला तो आतंकवादी होता है। विपक्षी एवं काफी लोगों का कहना है कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विचारधारा बदल रही है, या मुसलमानों के प्रति उनका नजरिया बदल रहा है, या फिर किसी के दबाव में योगी जी चुप्पी साध रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी और दिल्ली वालों के बीच चल रही लड़ाई में योगी हार रहे हैं। क्या मुख्यमंत्री योगी अब वेटिंग प्राइममिनिस्टर की पदवी खोने जा रहे हैं। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी की सफल देवबंद और आगरा के ताजमहल की यात्रा से ऐसा ही लग रहा है। क्योंकि योगी आदित्यनाथ की छवि एक विशेष समुदाय एवं दलितों के खिलाफ रही है। उनके भाषण शैली में लोकप्रियता हिंदुओं के बीच इसलिए है कि वह एक विशेष समुदाय के खिलाफ अनाप-शनाप बोलते हैं। यदि योगी जी ने यह विशेष शैली छोडी, जिस प्रकार अफगानी विदेश मंत्री के दौरे के समय दिखाई दी, तो वह अपनी लोकप्रियता खो देंगे और प्रधानमंत्री के दावेदार भी नहीं रहेंगे। भारत में अफगान विदेश मंत्री की यात्रा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए बड़ा झटका है।
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