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अंत्योदय संबल पखवाड़े के शिविरों में वर्षों पुराने विवाद सुलझे

बारां

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अब तक 157 बंद रास्ते खुलवाए, आपसी सहमति से जमीन के 91 मामलों का निपटारा

शब्बीर हुसैन

बारां,(रॉयल पत्रिका)। जिले में चलाए जा रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल पखवाड़े के शिविरों में जिलेभर के गांवों में सालों से बंद पड़े बंद रास्तों को आपसी सहमति से खुलवाया गया है। इसके साथ ही राजस्व कोर्टों में कई वर्षों से चल रहे सीमाज्ञान, पत्थरगढ़ी, नामांतरण व सहमति पत्र सहित कई जमीनी मुकदमों का समझाईश से निपटारा किया गया है।  अब तक जिले में की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार पखवाड़े में राजस्व विभाग द्वारा सीमाज्ञान के 618 प्रकरण, नामान्तकरण के 1086 प्रकरण, सहमति विभाजन के 91 प्रकरण, रास्तों के 157 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सरकार की विभिन्न लाभकारी योजनाओं से जोड़नें हेतु कुल 1924 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। पंचायती राज विभाग द्वारा स्वामित्व के पट्टे बनाकर 1743 पट्टे वितरित किए गए। ऊर्जा विभाग द्वारा 374 बिजली के झूलते तारों को खिंचवाया गया। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा 202 नल कनेक्शन जारी किए गए तथा 71 पानी की टंकियों की साफ-सफाई की गई। वन विभाग द्वारा 238437 पौधे वितरित किए गए। खाद्य विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत 697 आवेदन निस्तारित किए गए। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वार 40 यूडीआईडी कार्ड जारी किए तथा पीएमवीवीवाई योजना के अन्तर्गत 621 व्यक्तियों को पंजीकृत किया गया। पशुपालन विभाग द्वारा लम्पी रोग, गलघोंटू, लंगड़ा बुखार के 27892 टीकाकरण किए गए। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कुल 66 स्कूटी ठीक करके वितरित की गई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 7327 पेंशनर्स को सत्यापित किया गया। अंत्योदय संबल पखवाड़े में 24 जून से शुरू हुए शिविर 9 जुलाई तक चलेंगे। शिविरों में सरकारी योजनाओं का आमजन को फायदा देने के लिए काम किया जा रहा है। पंचायती राज विभाग द्वारा स्वामित्व पट्टों का वितरण व वर्षा जल संरक्षण के लिए जलग्रहण संरचनाओं की मरम्मत संबंधी कार्य करवाए जा रहे हैं। बिजली निगमों की ओर से बिजली के झूलते तार व विद्युत पोल की समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। शिविर में आवेदन लेकर लोगों को लंबित जल कनेक्शन जारी किए जाएंगे। कृषि विभाग की ओर से सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत ड्रिप, मिनी व फव्वारा की स्वीकृतियां देने के साथ ही मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण किया जा रहा है। वन विभाग को नर्सरियों से पौधे वितरण व हरियालो राजस्थान के तहत पौधारोपण की जिम्मेदारी दी गई है।

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