Loading...

वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026:

नई दिल्ली

Follow us

Share

टॉप-100 में भारत के सिर्फ एक संस्थान को मिली जगह, IISc बेंगलुरु ने बचाया सम्मान

टाइम्स हायर एजुकेशन की लिस्ट जारी — अमेरिका और ब्रिटेन का दबदबा कायम, चीन ने भी दिखाई ताकत

नई दिल्ली (रॉयल पत्रिका)। दुनिया की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारत की स्थिति एक बार फिर चर्चा और सवालों के घेरे में है। टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) ने ‘वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग बाय सब्जेक्ट 2026’ की लिस्ट जारी कर दी है।

इस प्रतिष्ठित रैंकिंग के टॉप-100 संस्थानों में भारत से केवल IISc बेंगलुरु (Indian Institute of Science) ही अपनी जगह बना पाया है। यह आंकड़ा भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि वैश्विक मंच पर भारत की भागीदारी उम्मीद से काफी कम है।

अमेरिका और ब्रिटेन का एकतरफा राज

THE की ओर से जारी बयान के मुताबिक, वैश्विक सूची में हमेशा की तरह अमेरिका और ब्रिटेन की यूनिवर्सिटीज ने अपना दबदबा बनाए रखा है। दुनिया की शीर्ष यूनिवर्सिटीज में ऑक्सफोर्ड, हार्वर्ड और एमआईटी जैसे संस्थानों का बोलबाला है।

चीन और सिंगापुर ने दी कड़ी टक्कर

2026 के आंकड़ों से एक और महत्वपूर्ण ट्रेंड सामने आया है। एशियाई देशों, विशेषकर चीन और सिंगापुर ने शिक्षा के क्षेत्र में जबरदस्त छलांग लगाई है।

  • चीन का उदय: चीन ने कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग और फिजिक्स (भौतिकी) के क्षेत्र में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।

  • एशियाई चुनौती: रैंकिंग के नतीजे बताते हैं कि जहां पश्चिमी देश समग्र रूप से आगे हैं, वहीं एशियाई देश अब रिसर्च और तकनीक में उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं।

भारत के लिए चिंतन का समय

इस रैंकिंग ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इतनी बड़ी आबादी और सैकड़ों विश्वविद्यालयों के बावजूद, टॉप-100 में केवल एक संस्थान का होना यह दर्शाता है कि रिसर्च और ग्लोबल मानकों पर भारतीय संस्थानों को अभी लंबा सफर तय करना है।

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।