पश्चिमी बंगाल में ममता को हरा पाएगी भाजपा!
भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस की सरकार हटाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है
जयपुर (रॉयल पत्रिका)। पश्चिमी बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पार्टी तीन बार लगातार सरकार बना चुकी है। पश्चिमी बंगाल की तेज तर्रार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी देश की मज़बूत भाजपा विरोधी नेता मानी जाती हैं। ममता बनर्जी की भाजपा विरोधी नेताओं में प्रमुख रूप से गिनती होती है।
ममता की पकड़ और ‘एंटी इंकमबेंसी’ का अभाव
माना जाता है कि ममता बनर्जी के लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनकी पश्चिमी बंगाल की जनता में मज़बूत पकड़ बनी हुई है। पश्चिमी बंगाल की जनता में तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ 15 वर्षों के शासन के बाद भी ‘एंटी इंकमबेंसी’ (सत्ता विरोधी लहर) जैसी धारणा नहीं है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चौथी बार फिर से मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रही हैं।
भाजपा की रणनीति और हिंदुत्व कार्ड
दूसरी तरफ भाजपा पिछले 10 वर्षों से पश्चिमी बंगाल में पैर पसारने की पूरी कोशिश कर रही है। भाजपा कुछ हद तक पश्चिमी बंगाल में पहले से अधिक मज़बूत दिखाई दे रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता लगातार पश्चिमी बंगाल का दौरा कर रहे हैं।
गृह मंत्री और भाजपा के चाणक्य माने जाने वाले अमित शाह पूरी कोशिश कर रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को हराकर भाजपा की सरकार बनाई जाए। चुनाव जीतने के लिए भाजपा पश्चिमी बंगाल में हिंदुत्व कार्ड खेलने के पूरे प्रयास कर रही है, साथ में मंदिर एवं मुस्लिम विरोधी विचारधारा को पूरी तरह हवा दी जा रही है।
ममता बनर्जी को हराना आसान नहीं
वैसे भाजपा की केंद्र में मज़बूत सरकार है। भाजपा के पास मज़बूत मीडिया ग्रुप है, जो भाजपा की नीतियों और योजनाओं को उसके कार्यकर्ताओं और जनता तक पहुंचाता है। इसके अलावा भाजपा के विरोधियों का मानना है कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए ईडी, सीबीआई एवं चुनाव आयोग जैसी सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करके फायदा उठाती है।
इसके बावजूद पश्चिमी बंगाल में ममता बनर्जी को हराना भाजपा के लिए आसान नहीं है, क्योंकि ममता बनर्जी दूरअंदेशी वाली मेहनती लीडर हैं। पार्टी के कार्यकर्ताओं पर मज़बूत पकड़ है और राज्य सरकार की विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं के कारण पश्चिमी बंगाल की जनता ममता बनर्जी को पसंद करती है।
धार्मिक और जातीय समीकरण
इसके अलावा पश्चिमी बंगाल में मुसलमानों की जनसंख्या करीब 34% है, जो तृणमूल कांग्रेस को जिताने और सरकार बनाने में मुख्य भूमिका निभाती है। भाजपा का अभी सभी हिंदू जातियों पर पकड़ नहीं है। पश्चिमी बंगाल में दलित और पिछड़े वर्ग अभी भी भाजपा से दूरी बनाए हुए हैं।
फिर भी भाजपा ने पश्चिमी बंगाल के हिंदुओं में तेजी से पकड़ बनाई है, जिसके कारण भाजपा यहां काफी हद तक मज़बूत दिखाई देती है।
चुनावी चर्चा
फिर भी आजकल चुनाव को लेकर एक चर्चा बनी हुई है कि भाजपा किसी भी प्रदेश में चुनाव जीत सकती है चाहे जनता उसको वोट दें या नहीं।
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