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भाजपा सरकारों को मुसलमानों से इतनी नफरत क्यों है ?

Jaipur

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हैरानी की बात है कि तालिबान को आतंकवादी कहने वाले भाजपाई उनके सम्मान में तो पलक पावड़े बिछाते हैं और अपने ही देश के मुसलमानों से नफरत करते हैं

हैरानी की बात है तालिबान को आतंकवादी कहने वाले भाजपाई उनके सम्मान में तो पलक पावड़े बिछाते हैं और अपने ही देश के मुसलमानों से नफरत करते हैं I भाजपा की जितनी भी राज्य सरकारें हैं उनका रवैया हमेशा नफरत भरा होता है I भाजपा का कोई भी नेता जब भी मुंह खोलता है तो उसके मुंह से हमेशा मुसलमानों के लिए नफरत ही निकलती है I जबकि जिस अफगानिस्तान के तालिबान को ये आतंकवादी कहते नहीं थकते थे, जब वहां के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी भारत आए तो उनके सम्मान में पलक पावड़े बिछा डाले I यही है विदेश नीति में विदेश का हित सबसे ऊपर होता है और उसके लिए यदि तालिबान का सम्मान करना जरूरी है तो ठीक है I लेकिन आखिर देश के मुसलमानों से इतनी नफरत क्यों है ? जबकि वे भी देश के नागरिक हैं और उनके भी इतने ही बराबर के नागरिक अधिकार हैं जितने कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के हैं I फिर उनके संवैधानिक अधिकारों पर भाजपा की सरकारें हमला क्यों करती हैं I भाजपा सरकारों के कुछ रवैयों का विश्लेषण करेंगे तो स्पष्ट हो जाएगा कि इनको मुसलमानों से कितनी नफरत हैI शुरुआत यूपी से करते हैं यूपी के मुख्यमंत्री जो खुद को संत मानते हैं और सनातन संस्कृति में भी माना जाता है कि जो सन्यास ग्रहण कर लेता है वह राज, द्वेष, नफरत, भेदभाव इन सबसे ऊपर उठ जाता है I लेकिन यूपी के मुख्यमंत्री जो खुद योगी कहलवाना पसंद करते हैं, लेकिन मामला जब मुसलमानों का होता है तो उनकी भाषा से उनकी नफरत साफ नजर आती है और अगर कहीं चुनाव हो रहे होते हैं तो प्रधानमंत्री से लेकर हर भाजपा का नेता सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलने का ही काम करते हैं I अभी पिछले दिनों बरेली और कुछ शहरों में मुस्लिम युवाओं ने “आई लव मोहम्मद” के पोस्टर चिपका दिए तो उनके खिलाफ केस दर्ज हुए I उनकी गिरफ्तारियां हुई और बरेली में तो हद कर दी सैंकड़ों मुसलमानों को गिरफ्तार किया गया I इतना ही नहीं सार्वजनिक रूप से उनको अपमानित करते हुए उनकी परेड निकाली गई I सुप्रीम कोर्ट के सारे कानूनों का मजाक उड़ाते हुए सैंकड़ों घरों पर बुलडोजर चलाए गए I जबकि सुप्रीम कोर्ट घरों पर बुलडोजर चलाने के खिलाफ रोक लगा लगा चुका था I लेकिन योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का कोई सम्मान नहीं किया और हैरानी की बात यह है कि इस जुल्म के सारे वीडियो सोशल मीडिया में चलते रहे और देश का सुप्रीम कोर्ट खामोश रहा और अब भी खामोश है I उसमें अपने ही निर्णयों के खिलाफ कोई स्वत: संज्ञान नहीं लिया I इतना ही नहीं बरेली कांड के बाद यूपी के मुख्यमंत्री ने जिस भाषा का प्रयोग किया था वह एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की भाषा नहीं थी I कोई भी व्यक्ति जब मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेता है तो स्पष्ट शपथ लेता है कि वह राज्य के प्रत्येक नागरिक के साथ समानता का व्यवहार करेगा I किसी के साथ भी धर्म, जाति, लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं करेगा I लेकिन यूपी के मुख्यमंत्री सार्वजनिक मंचों से भाषण देते रहे कि उन्होंने मुसलमानों की गर्मी निकाल दी है, उनकी डेंटिंग पेंटिंग कर दी है I उनको ऐसे जगह भेज देंगे कि उनकी सात पीढ़ियां भी अपने-अपने अधिकारों और जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं करेंगे I हैरानी इस बात की है कि ऐसी गैर-संवैधानिक भाषा बोलने के बाद भी राज्यपाल ने कोई कार्रवाई नहीं की, देश के प्रधानमंत्री ने कोई कार्रवाई नहीं की I देश के सुप्रीम कोर्ट ने कोई कार्रवाई नहीं की I अभी बिहार में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं I ऐसे भाजपा के नेताओं के भाषणों में मुसलमानों से नफरत के बहुत उदाहरण देखने को मिलेंगे I योगी जी ने शुरू भी कर दिया है I उन्होंने हाल ही में सार्वजनिक रूप से बयान दिया है कि इंडिया गठबंधन के लोगों को बिहार विकास नहीं चाहिए I उनको तो बुर्का चाहिए I इस बयान के पीछे नफरत को आसानी से समझा जा सकता है I लेकिन शायद वे भूल गए कि मुस्लिम महिलाओं को बुर्का पहनने का अधिकार भी देश का संविधान ही देता है I योगी जी को ऐसा बयान देने से पहले देश के संविधान को पढ़ लेना चाहिए था I देश का संविधान देश के अल्पसंख्यक समुदाय को अधिकार देता है कि वे अपने धर्म की पालना कर सकते हैं, उसका प्रचार-प्रचार कर सकते हैं और बुर्का भी उसी अधिकार का हिस्सा है I हैरानी की बात है कि खुद योगी राजपूत समुदाय से आते हैं और उसे समुदाय में भी पर्दा-प्रथा थी और है I यूपी में तो हर भाजपा का नेता ऐसी ही भाषा बोल रहा है I अभी हाल की कैराना की सांसद चौधरी इकरा हसन जो निहायत सज्जन और पढ़ी-लिखी महिला हैं, उनके लिए  कैराना के ही पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी के समर्थकों ने उन्हें मुल्ली, पाकिस्तानी और आतंकवादी और अभद्र गालियां दी I जब इकरा हसन ने उनके खिलाफ कार्यवाही की मांग की और यह सवाल खड़ा किया कि क्या यही बीजेपी का “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान है I क्या सनातन में ऐसे ही बेटियों का सम्मान होता है तो पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी ने सार्वजनिक रूप से चौधरी इकरा हसन के लिए कहा कि जिन्होंने तलवार के डर से सलवार पहनी हो उसको सनातन से सवाल करने का अधिकार नहीं है I हैरानी इसलिए है कि उस प्रदीप चौधरी पर कोई कार्यवाही होगी या नहीं, क्योंकि यह उस मनुवादी मानसिकता के लोग हैं जिन्होंने कभी भी महिलाओं का सम्मान नहीं किया I अगर बात असम के मुख्यमंत्री की करें तो उसे मुसलमानों से इतनी नफरत है कि उसका अगर बस चले तो वह असम के मुसलमानों को या तो जबरन बांग्लादेश में धकेल दे या फिर हिंद महासागर में डूबा दे I ऐसे ही उत्तराखंड का मुख्यमंत्री कह रहा है I पहले दरगाहों पर यह कहकर बुलडोजर चलवाए हैं कि वे वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा करके बसाई गई हैं, फिर मदरसा बोर्ड को भंग किया गया I ऐसी ही मुसलमानों को झूठे मुकदमों में फसाने के लिए हर भाजपा सरकार अपने-अपने राज्य में धर्मांतरण निरोधक कानून बना रही है I ताकि इसकी आड़ में मुसलमानों को झूठे मुकदमों में फंसा कर जेलों में डाला जाए I

भाजपा सरकारों को समझना चाहिए कि लोकतंत्र में कोई भी पार्टी आजीवन सत्ता में नहीं रहती है I जनता उनको विकास करने के लिए वोट देती है और भाजपा को समझना चाहिए कि क्या देश की दूसरी सबसे बड़ी आबादी को इस तरह से हास्य पर धकेल कर देश का विकास किया जा सकता है ? क्या वह नफरत के जरिए देश की दूसरी सबसे बड़ी आबादी को खत्म कर सकते हैं ?

-डॉ. शहाबुद्दीन खान

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