कड़कनाथ मुर्गे का मीट और अंडे क्यूँ अधिक पसंद किए जाते हैं?
कड़कनाथ मुर्गा-मुर्गी की प्रजाति मुख्यतः पश्चिमी मध्य प्रदेश के झाबुआ ,अलिराजपुरऔर धार जिलों में पायी जाती है। कड़कनाथ मुर्गी को काली मासी (काले मांस वाला मुर्गा) के नाम से भी जाना जाता है। यह मध्य भारत में पाया जाने वाला एक प्रकार की मुर्गा ,मुर्गी प्रजाति है। दशकों पहले कड़कनाथ को एमपी के झाबुआ और छत्तीसगढ़ के बस्तर में रहने वाले आदिवासी पालते थे। वो इसे काफी पवित्र मानते थे। दीवाली के बाद देवी के सामने कड़कनाथ की बलि देकर खाने का रिवाज रहा है। कड़कनाथ मुर्गा मुर्गी मांस पर भौगोलिक संकेत (जीआई टैग) टैग है, जिसे 30 जुलाई 2018 को भारत सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया था। कड़कनाथ नस्ल इंडोनेशिया में भी पाई जाती है। स्थानीय लोग इस मुर्गे को इंडोनेशिया में “अयाम सेमानी” कहते हैं चीन में पाए जाने वाले इस प्रजाति के मुर्गौं को सिल्की कहते हैं।
कड़कनाथ मुर्गां के तीन प्रकार हैं :-
1 जेड ब्लैक
2 गोल्डन ब्लैक
3 पेन्सिल ब्लैक
इस मुर्गे का शरीर, मांस, पैर, नाखून, नाक, पूंछ, आंतरिक परत, जीभ का रंग भी काला होता है। यह मुर्गा मांस वसा में कम और पोषक तत्वों में उच्च है। बाजार में इस मुर्गी मीट की मांग ज्यादा है। इस मुर्गी मांस की कीमत नियमित ब्रोइलर मुर्गी की कीमत से लगभग 3-4 गुना अधिक है। अन्य मुर्गी नस्लों में वसा की मात्रा 13-25% तक होती है, लेकिन कड़कनाथ चिकन मांस में वसा की मात्रा केवल 0.73-1.03% तक ही होती है। शरीर में मेलेनिन का स्तर अधिक होने के कारण इस चिकन का रंग काला होता है। मुर्गी का वजन लगभग 1.2-1.5 किलोग्राम (2.6-3.3 पाउंड) होता है। कड़कनाथ मुर्गियों के अंडे थोड़े गुलाबी और भूरे रंग के होते हैं। 6-7 महीने में मुर्गी का वजन – 1.5 किलो हो जाता है और पूर्ण विकास – 180 दिन में होता है। प्रति मुर्गी वार्षिक उत्पादन – 105 अण्डे होता है और 40 दिनों में अंडे का वजन – 49 ग्राम तक प्राप्त होता है। इस प्रजाति की प्रजनन क्षमता – 55% तक ही रहती है। कड़कनाथ जाति के मुर्गा मुर्गी के गुण अन्य प्रजाति के मुर्गा मुर्गी की अपेक्षा इनमें
प्रोटीन की मात्रा 25% तक रहती है और वसा की मात्रा 0.73 -1.035% तक ही रहती है।
कड़कनाथ मुर्गे के कई फ़ायदे हैं:
दिल के लिए फ़ायदेमंद:
कड़कनाथ मुर्गे के मांस में कोलेस्ट्रॉल कम होता है और फैट भी कम होता है। इसलिए यह दिल के मरीज़ों के लिए फ़ायदेमंद होता है।
पाचन के लिए फ़ायदेमंद: कड़कनाथ मुर्गे का मांस आसानी से पच जाता है।
खून बढ़ाने में फ़ायदेमंद: कड़कनाथ मुर्गे में आयरन की मात्रा ज़्यादा होती है, जिससे खून बढ़ता है।
आंखों के लिए फ़ायदेमंद: कड़कनाथ मुर्गे में विटामिन ए की मात्रा ज़्यादा होती है, जिससे आंखों की रोशनी बढ़ती है।
प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में फ़ायदेमंद: कड़कनाथ मुर्गे के मांस में बायोएक्टिव यौगिक होते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं।
मधुमेह के लिए फ़ायदेमंद: कड़कनाथ मुर्गे में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह मधुमेह रोगियों के लिए अच्छा भोजन विकल्प बन जाता है।
नर्वस डिसऑर्डर के लिए फ़ायदेमंद: कड़कनाथ मुर्गे का मांस औषधि के रूप में नर्वस डिसऑर्डर को ठीक करने में भी काम आता है। कड़कनाथ मुर्गे में विटामिन बी-1, बी-2, बी-6, बी-12, सी और ई की मात्रा भी ज़्यादा पाई जाती है। यह दुर्लभ नस्ल होने के कारण काफ़ी महंगा होता है।
सामान्य मुर्गी के मांस में 18-20% पोषक तत्व होते हैं जबकि कड़कनाथ मुर्गी के मांस में 25% से अधिक पोषक तत्व होते हैं। शोध से पता चला है कि अन्य पोल्ट्री प्रजातियों में वसा प्रतिशत 13-25% तक होता है, जबकि कड़कनाथ मुर्गियों में वसा प्रतिशत केवल 0.73-1.03% होता है। कड़कनाथमांस 18 प्रकार के अमीनो एसिड से भरपूर होता है, जिनमें से 8 अमीनो एसिड मानव शरीर के लिए बहुत अच्छे होते हैं। कड़कनाथ मांस में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं जैसे विटामिन बी 1, बी 2, बी 6, बी 12, सी, ई, नियासिन, पोषक तत्व, लोहा, कैल्शियम, फास्फोरस, निकोटिनिक एसिड, आदि। इसका मांस खाने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है और न्यूरोलॉजिकल बीमारियां कम होती हैं। आदिम जनजाति मस्तिष्क और तंत्रिका रोगों को ठीक करने के लिए कड़कनाथ मुर्गे के रक्त से बनी दवा पीते हैं। कड़कनाथ मुर्गी मेलेनिन ब्लैक पिगमेंट दिल में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, न्यूरोपैथी, स्ट्रोक, ब्लड क्लॉटिंग आदि बीमारियां कम हो जाती हैं। इसका उपयोग होम्योपैथिक दवाओं में भी किया जाता है। जैसा नाम से ही स्पष्ट हैं इनका मांस खाने मे कड़क, कुरकुरा और स्वादिष्ट होता हैं, दूसरा इसमें वसा का प्रतिशत ना के बराबर होता हैं तथा प्रोटीन की क्वालिटी सामान्य मुर्गे से अच्छी और ज्यादा होती हैं। सामान्य मुर्गे के मुकाबले कड़कनाथ की कीमत काफी ज्यादा होती है। बाजार में इसकी कीमत 900 रुपये से लेकर 1500 रुपये प्रति किलो तक है। मुर्गे का वजन लगभग 1.8 से लेकर 2 किलोग्राम तक होता है।
फ़ज़लुर्रहमान :- सहायक सचिव (सेवा निवृत्त)
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