जल संसाधन मंत्री ने किया विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण
जयपुर,(रॉयल पत्रिक)। जल संसाधन एवं जल संसाधन (आयोजना) के कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान पखवाडे के तहत जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, पर्यावरण प्रेमी एवं जिलेवासी सक्रिय रूप से कार्य कर अभियान को जन आंदोलन के रूप में सफल बनायें एवं जल संरक्षण व हरियालो राजस्थान के तहत सभी की सहभागिता सुनिश्चित हो।
जल संसाधन मंत्री ने करौली के पांचना बांध पर बुधवार को पुर्नवास एवं सुधार कार्य सहित अन्य एनिकट निर्माण कार्यों का भूमि पूजन और शिलान्यास के दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि आज हम पाँचना बांध पर संयुक्त रूप से एकत्रित होकर जल संरक्षण से संबंधित विभिन्न कार्यों के लोकार्पण, शिलान्यास व भूमि पूजन के भागी बन रहे है। पाँचना बांध पांच नदियों के संगम पर स्थित है और इस क्षेत्र में जलापूर्ति का अभिन्न हिस्सा है। हम सब की जिम्मेदारी है कि अपने-अपने क्षेत्र में जितने भी जल स्रोत है उनकी साफ सफाई कर इस पखवाड़े को सफल बनाये। यह परियोजनाएं मुख्यमंत्री की मंशानुरूप जल संरक्षण की दिशा में स्थाई समाधान और स्थानीय पर्यावरण सुधार में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।
जल संसाधन मंत्री ने बताया कि विभाग ने जिले में जल संरक्षण की दिशा में कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। विभाग द्वारा बनाई गई और निर्माणाधीन संरचनाओं से भविष्य के लिए स्थायी जल उपलब्धता संभव हो सकेगी। जल संरचनाओं से पर्याप्त पेयजल और सिंचाई के लिए जल उपलब्ध हो सकेगा। मानसून के बाद भी खेती में निरंतरता बनी रहेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में प्रदेश में जल संरचनाओं के विकास को प्राथमिकता से गति दी जा रही है। दोनो जिलों के कार्यों से पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा। यह संरचनाएं मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने बताया कि अब से पहले वर्षा का पानी बह कर महासागरों में व्यर्थ चला जाता था हमारी सरकार ने इसका संज्ञान लिया और निदियों को लिंक करके जल परियोजनाओं पर कार्य किया और पूर्वी राजस्थान को सुपुर्द की गई ईआरसीपी वृहद जल परियोजना इसका उल्लेखनीय उदारहण है।
उन्होंने बताया कि इस दौरान करौली जिले के लिए 28 करोड़ रूपए से अधिक के 4 कार्यों का भूमि पूजन और शिलान्यास किया गया है। इनमें पांचना बांध के समग्र जीर्णोद्धार व आधुनिकीकरण कार्य का भूमि पूजन के कार्य सम्मलित है। जिनके अन्तर्गत पांचना बांध के कार्यों में पिंचिंग, ड्रेनेज गेलेरी की रिपेयरिंग, बांध के एप्रोच रोड का निर्माण, डी.जी सेट सप्लाई, बांध के गेटों की मरम्मत, हाई मास्ट लाइट, पत्थर की चिनाई, स्पिलवे निर्माण सहित विभिन्न कार्यों का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि इन कार्यों में 14 करोड़ रूपए से अधिक की लागत आएगी। जिससे बांध अधिक सुदृढ़ होगा और इसकी क्षमता बढ़ेगी।
उन्होंने बताया कि करौली में तहसील सूरौठ की ग्राम पंचायत वाईजट में नाले पर नवीन एनिकट का निर्माण किया जाएगा। इसमें लगभग 6 करोड़ 6 लाख रूपए की लागत आएगी। इससे ग्राम वाईजट, धुरसी, ईन्तखेड़ा, विजयपुरा आदि गांवों के भू-जल स्तर में वृद्धि होगी। सपोटरा तहसील की ग्राम पंचायत कालागुड़ा में 1.62 करोड़ रूपए की लागत से तिखूटी एनिकट का निर्माण होगा। तहसील सूरौठ की ग्राम पंचायत जटनगला के पास जग्गर नदी पर एनिकट बनेगा। इसमें 6.31 करोड़ रूपए की लागत आएगी। इससे ग्राम जटनगला, एकोराशी, बहादुरपुर, आलापाड़ा इत्यादि गांवों में भू-जल स्तर में बढोतरी होगी। पशु-पक्षियों को भी पानी सुलभ हो सकेगा। तीनों ही जगहों पर ऑवर फ्लो एनिकट, अपस्ट्रीम व डाउनस्ट्रीम लेमिना कार्य, डाउनस्ट्रीम एप्रॉन कार्य, प्लम कंक्रीट, विंग वॉल, कट ऑफ वॉल सहित विभिन्न कार्य कराए जाएंगे।
धौलपुर की 61 करोड़ रूपए की 7 परियोजनाओं का किया लोकार्पण- जल संसाधन एवं जल संसाधन (आयोजना) मंत्री ने इस अवसर पर रिहैबिलिटेशन ऑफ उर्मिला सागर मीडियम इरीगेशन प्रोजेक्ट में 8.89 करोड़ रूपए लागत आई है। इससे धौलपुर विधानसभा क्षेत्र के 25 गांवों की 2900 हैक्टेयर भूमि को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। उर्मिलासागर बांध की शेष बची 21.87 किमी लम्बाई की नहरी तंत्र को पक्का करने, बांध सुदृढ़कीरण, फिल्टर टो एवं केच ड्रेन का कार्य, 3 डब्ल्यू.यू.ए भवन निर्माण और महिलाओं के लिए स्नानघाट और पशुओं के लिए कैटल रैम्प के कार्य कराए गए हैं। इनसे सीपेज की समस्या के समाधान से जल व्यर्थ नहीं बहेगा।
पार्वती बांध की सैंपऊ ब्रांच का आर.डी 2100 मीटर से 4300 मीटर तक जीर्णाेद्धार कार्य 5.62 करोड़ रूपए से किया गया है। इससे 35 गांवों की 3400 हैक्टेयर भूमि को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा। पार्वती नदी पर संजापुरी आश्रम के पास 220 मीटर लम्बाई, 2 मीटर ऊंचाई एवं 27.85 एमसीएफटी जलभराव वाले नवीन एनिकट निर्माण कार्य हुआ है, जिसमें 21.25 करोड़ रूपए व्यय हुए हैं। बसेड़ी तहसील क्षेत्र में कार्य से 12 गांवों (बरई, भगरीपुरा, बनौरा, अर्जुन का पुरा, कांकोर, पूंठ, कच्छपुरा, इब्राहिमपुर, धीमरी, गोटे का पुरा, खरगपुरा, खरगपुर कॉलोनी इत्यादि) के जलस्तर में वृद्धि होगी।
रिपेयर, रिनोवेशन एंड रेस्टोरेशन ऑफ उमरेह बांध एंड कैनाल कार्य- इसमें 1.37 करोड़ रूपए से उमरेह बांध की नहरी तंत्र की लाईनिंग और बांध सुदृढ़ीकरण के कार्य हुए हैं। लागत 1.37 करोड़ रूपए। इससे बाड़ी विधानसभा क्षेत्र के 3 गांवों की 323.88 हैक्टेयर भूमि को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। पार्वती मुख्य नहर एवं माकरा ब्रान्च का 6.5 कि.मी लम्बाई में जीर्णाेद्धार कार्य, जिसमें 9.95 करोड़ रूपए व्यय किए गए हैं। इससे सैंपऊ तहसील क्षेत्र के 42 गांवों की 5500 हैक्टेयर भूमि को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। यहां नहर को पक्का करने से नहर में हो रहे सीपेज की समस्या का समाधान होगा। जल को व्यर्थ बहने से रोका जाएगा। क्षेत्र में कृषि उत्पादकता में अभिवृद्धि होगी, जिससे किसानों के सामाजिक और आर्थिक स्तर में सुधार आएगा।
बामनी नदी पर आश्रम के पास, सरमथुरा-बाड़ी रोड पर 70 मीटर लम्बाई, 2 मीटर ऊंचाई एवं 3.177 एमसीएफटी जलभराव वाले नवीन एनिकट निर्माण कार्य 4.70 करोड़ रूपए लागत कराया गया है। एनिकट में पानी का भराव से 5 गांवों (चौखापुर, आदमपुर, सागौर, सलेमाबाद इत्यादि) के जलस्तर में वृद्धि होगी। पार्वती नदी पर बैनपुरा के पास 150 मीटर लम्बाई, 2 मीटर ऊंचाई और 40.31 एमसीएफटी जल भराव वाले नवीन एनिकट का निर्माण कार्य कराया गया है। इस पर 9.68 करोड़ रूपए व्यय हुए हैं। इस एनिकट से 7 गांवों (बैनपुरा, मदारीपुरा, भीमगढ़, टोंटरी, सन्डे का पुरा, अंगद का पुरा, जटपुरा आदि) में जलस्तर बढ़ने से किसान लाभान्वित होंगे।
इस अवसर पर करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान राज्य सरकार की एक अभूतपूर्व पहल है जो जन आंदोलन की ओर बढ़ रहा है जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी पर्यावरण प्रेमी व आमजन आपसी समन्वय के साथ सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर अभियान को जिले में सफल बनाने की ओर अग्रसर है कार्यक्रम के दौरान सपोटरा विधायक हंसराज मीणा ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, चिकित्सा, सानिवि, पीएचईडी, जल संरक्षण व पर्यावरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य कर रही है इस अवसर पर विधायकों ने जिले में हो रहे जल व पर्यावरण संरक्षण के कार्यों के लिए राज्य सरकार का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि विधायकों एवं आमजन के द्वारा विकास कार्यों की गई मांग का परीक्षण कर पूर्ण करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना सहित अन्य जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पर्यावरण प्रेमी एवं बडी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
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