ब्राह्मणों को कांग्रेस की तरफ मोड़ना बड़ी चुनौती:
सुनील शर्मा बने जयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष
जयपुर शहर कांग्रेस में नया बदलाव
जयपुर (रॉयल पत्रिका)। कांग्रेस पार्टी ने एक चौंकाने वाले निर्णय में सुनील शर्मा को जयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब जयपुर का ब्राह्मण समाज पूरी तरह भाजपा की ओर झुका हुआ माना जाता है। सुनील शर्मा को आर.आर. तिवारी के स्थान पर यह जिम्मेदारी दी गई है।
सुनील शर्मा: एक प्रोफाइल
सुनील शर्मा एक बुद्धिजीवी कांग्रेस कार्यकर्ता हैं और शिक्षा जगत में उनका बड़ा नाम है। उन्होंने ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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राजनैतिक पृष्ठभूमि: पिछले विधानसभा चुनाव में हवा महल सीट से उनका टिकट घोषित हुआ था, लेकिन ‘जयपुर डायलॉग’ प्लेटफॉर्म से नाम जुड़ने के विवाद के कारण उनका टिकट काटकर आर.आर. तिवारी को दे दिया गया था।
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विशेषताएं: उन्हें एक अच्छा वक्ता और तार्किक भाषण देने में पारंगत माना जाता है, हालांकि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच उनकी पकड़ एक बड़ी चुनौती होगी।
सुनील शर्मा के सामने प्रमुख चुनौतियां
नवनियुक्त जिलाध्यक्ष के सामने राह आसान नहीं है। उनके कार्यकाल की सफलता इन दो बड़े मोर्चों पर टिकी होगी:
1. ब्राह्मण समाज को जोड़ना वर्तमान में ब्राह्मण समाज भाजपा का कोर वोटर है। जयपुर में कांग्रेस को इस वर्ग का मात्र 1-2 प्रतिशत वोट ही मिलता है। सुनील शर्मा के लिए चुनौती है कि वे कम से कम 15-20 प्रतिशत ब्राह्मण मतदाताओं को कांग्रेस की ओर वापस लाएं।
2. मुस्लिम वोट बैंक को बचाना जयपुर में कांग्रेस का मुख्य आधार मुस्लिम, दलित और पिछड़ा वर्ग है। महाराष्ट्र निकाय चुनावों में AIMIM की सफलता को देखते हुए यह डर है कि जयपुर नगर निगम चुनाव में मुस्लिम वोटर कांग्रेस से छिटक सकते हैं। यदि ऐसा हुआ, तो कांग्रेस का प्रदर्शन काफी कमजोर हो सकता है।
नगर निगम चुनाव 2026: अग्निपरीक्षा
जयपुर नगर निगम चुनाव अप्रैल 2026 तक होने की संभावना है। राज्य की भाजपा सरकार ने दोनों निगमों को मिलाकर अब 150 वार्डों का एक ही नगर निगम बना दिया है।
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वार्डों का पुनर्गठन: नए परिसीमन के बाद वार्डों का ढांचा भाजपा के लिए अनुकूल माना जा रहा है।
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रणनीति: विशेषज्ञों का मानना है कि सुनील शर्मा को केवल दफ्तर तक सीमित न रहकर धरातल पर उतरना होगा। कांग्रेस को यदि जीतना है तो उसे राहुल गांधी की नीतियों को मजबूती से लागू करना होगा और अपने सबसे मजबूत स्तंभ यानी मुस्लिम मतदाताओं के हक की बात प्रमुखता से उठानी होगी।
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