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ट्रम्प ने 23 देशों को ड्रग तस्कर बताया, भारत-PAK भी लिस्ट में शामिल

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अमेरिका में फेंटेनाइल से नेशनल इमरजेंसी जैसे हालात

वॉशिंगटन डीसी (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बड़ी घोषणा करते हुए भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन और कई लैटिन अमेरिकी देशों को उस सूची में शामिल किया है जिन्हें ड्रग तस्करी और अवैध ड्रग उत्पादन में शामिल बताया गया है। सोमवार को अमेरिकी संसद में पेश की गई ‘प्रेसिडेंशियल डिटरमिनेशन रिपोर्ट’ में ट्रम्प ने साफ कहा कि ये देश खतरनाक केमिकल और ड्रग्स के निर्माण और सप्लाई में भूमिका निभा रहे हैं, जिसकी वजह से अमेरिका में पब्लिक हेल्थ पर संकट खड़ा हो गया है।

23 देशों की सूची में भारत भी शामिल

रिपोर्ट में कुल 23 देशों का नाम दर्ज है, जिनमें भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, कोलंबिया, बोलिविया, वेनेजुएला, मैक्सिको और कुछ अन्य अफ्रीकी व लैटिन अमेरिकी देश शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इनके इलाकों से अवैध ड्रग्स का उत्पादन और तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है, जो अमेरिकी बाजार तक पहुँच रही है। ट्रम्प ने अपने बयान में कहा कि “ये देश सीधे तौर पर अमेरिकी समाज और युवाओं के जीवन के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।” खासतौर पर फेंटेनाइल और उसके जैसे सिंथेटिक ड्रग्स ने अमेरिका में नेशनल इमरजेंसी जैसे हालात बना दिए हैं।

अमेरिका में फेंटेनाइल का कहर

फेंटेनाइल एक अत्यधिक शक्तिशाली सिंथेटिक ड्रग है, जो अक्सर अवैध रूप से तैयार होकर बाजार में पहुँचती है। ट्रम्प ने कहा कि इस ड्रग की वजह से अमेरिका में मौतों की दर तेजी से बढ़ रही है। आंकड़ों के अनुसार, 18 से 44 साल के अमेरिकी नागरिकों की मौत का सबसे बड़ा कारण ड्रग ओवरडोज़ है, जिसमें फेंटेनाइल अहम भूमिका निभा रहा है। अमेरिकी हेल्थ एजेंसियों की रिपोर्ट बताती है कि हर साल हजारों अमेरिकी नागरिक इन खतरनाक ड्रग्स की वजह से अपनी जान गंवा रहे हैं। ट्रम्प ने इसे “पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी” की संज्ञा दी और कहा कि ड्रग तस्करी अब केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का भी बड़ा खतरा है।

भारत और पाकिस्तान पर निशाना

ट्रम्प प्रशासन ने खासतौर पर भारत और पाकिस्तान का नाम लेकर कहा कि यहां से बनने वाले कुछ फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट्स और सिंथेटिक ड्रग्स गलत नेटवर्क के ज़रिए अमेरिका तक पहुँचते हैं। पाकिस्तान के संदर्भ में अफगानिस्तान से आने वाली अफीम और हेरोइन की सप्लाई का जिक्र किया गया। वहीं भारत के लिए कुछ रसायनों और प्रीकर्सर केमिकल्स के अवैध इस्तेमाल की बात कही गई। हालांकि भारत पहले भी कई बार कह चुका है कि वह अवैध ड्रग तस्करी को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रहा है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और अन्य एजेंसियां लगातार कार्रवाई करती रही हैं। लेकिन अमेरिकी रिपोर्ट ने संकेत दिया कि मौजूदा प्रयास पर्याप्त नहीं हैं।

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ट्रम्प की चेतावनी और अंतरराष्ट्रीय दबाव

ट्रम्प ने कांग्रेस को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा कि अगर ये देश सख्त कार्रवाई नहीं करते तो अमेरिका उनके खिलाफ आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ा सकता है। इसमें व्यापार पर असर डालने वाले प्रतिबंधों तक की संभावना जताई गई। अमेरिका का कहना है कि ड्रग्स की यह सप्लाई न केवल उसके युवाओं को तबाह कर रही है, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था पर भी गहरा नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। अपराध दर, हिंसा और स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

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