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बिहार में मुस्लिम विधायकों की संख्या बढ़ सकती है!

जयपुर

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मुस्लिम मतदाताओं के विभाजन के कारण विधानसभा चुनाव 2020 में 19 मुस्लिम विधायक जीत आए थे, जबकि उससे पहले 2015 में 24 मुस्लिम विधायक जीते थे।

एम खान

जयपुर। बिहार विधानसभा चुनाव की चर्चा पूरे देश में हो रही है। दोनों गठबंधन की पार्टियां चुनाव जीतने के लिए काफी मेहनत कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू, भाजपा और एनडीए के घटक दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की पार्टी राजद, कांग्रेस के साथ एवं इंडिया गठबंधन के दूसरी पार्टियों के साथ चुनाव लड़ रही है। कुछ दिनों में राजनीतिक पार्टियों के बीच सीटों का बंटवारा हो जाएगा। बिहार में चुनाव आयोग ने चुनाव तारीखो की घोषणा पहले ही कर दी है। माना जा रहा है कि इस बार भाजपा और जेडीयू का गठबंधन दमदारी से चुनाव लड़ रहा है। केंद्र में भाजपा की सरकार का फायदा एनडीए गठबंधन को मिल सकता है। वैसे भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं। राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले गृहमंत्री अमित शाह की पूरी कोशिश है कि बिहार में भाजपा गठबंधन की सरकार बने। बिहार चुनाव में इस बार सभी हथकंडे काम में लिए जाएंगे। भाजपा का हिंदूत्व का एजेंडा, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के विकास के नाम पर चुनाव में उतरेंगे। इसी तरह कांग्रेस और राजद दलित और पिछड़ों को एक साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं। इंडिया गठबंधन को बिहार में 20 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं का साथ मिल सकता है। सांसद ओवैसी की पार्टी एमआईएम मुस्लिम वोटो में सेध लाकर विभाजन कर सकती है।

मुस्लिम विधायकों की संख्या बढ़ सकती है?

मुस्लिम मतदाताओं की संख्या बिहार में 20 प्रतिशत के करीब है। पिछली बार 2020 विधानसभा चुनाव में मुस्लिम मतदाता राजद, कांग्रेस, जेडीयू और एमआईएम के बीच विभाजित हुए। मुस्लिम मतदाताओं के विभाजन के बावजूद बिहार में 19 मुस्लिम विधायक जीत कर आए थे। जो पिछली बार 2015 विधानसभा चुनाव से पांच विधायक कम थे। 2015 विधानसभा चुनाव में 24 मुस्लिम विधायक जीत कर आए थे। बिहार में  मुस्लिम मतदाताओं की संख्या के अनुसार विधायकों की संख्या ज्यादा होनी चाहिए। लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव में मुस्लिम विधायकों की संख्या बढ़ सकती है। क्योंकि मुस्लिम मतदाताओं में इस बार पहले से कम विभाजन होने की संभावना है। इस बार जेडीयू को मुस्लिम मतदाता पसंद नहीं कर रहा है। इसका फायदा इंडिया गठबंधन की पार्टियों को मिलने जा रहा है। एमआईएम के पिछली बार 5 विधायक थे, कांग्रेस के 4 विधायक और राजद के 8 विधायक जीत कर आए थे। इस बार बिहार में 30 मुस्लिम विधायकों की जीत हो सकती है। क्योंकि मुस्लिम मतदाता पहले से ज्यादा समझदार हुआ है, ऐसा कयास लगाए जा रहे हैं।

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