हजरत फातिमा ज़हरा की शहादत का गम मनाया गया
जयपुर(रॉयल पत्रिका)। पैगंबर ए इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बेटी हजरत फातिमा ज़हरा की शहादत की याद में गुरुवार को जयपुर में विभिन्न स्थानों पर मजलिस और मातम का आयोजन किया गया। सुभाष चौक स्थित इमाम चौक पर शिया समुदाय द्वारा विशेष मजलिस रखी गई, जहां मुंबई से आए मौलाना शाहिद हसन रिज़वी ने खिताब किया।
मजलिस और मातम का आयोजन
मजलिस में मौलाना शाहिद हसन रिज़वी ने हजरत फातिमा ज़हरा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा, “बीबी फातिमा ज़हरा तमाम औरतों के लिए एक बेहतरीन आदर्श हैं। उनकी शिक्षाओं में महिलाओं की शिक्षा और सम्मान को बढ़ावा दिया गया है।” मजलिस के बाद ताबूत-ए-जनाबे फातिमा निकाला गया। अंजुमन जाफर अब्बास, अकरम, रज़ा जैदी, और अली हसन के नेतृत्व में नौहाख्वानी और सीनाजनी की गई।
हजरत फातिमा का संदेश
मजलिस में मौलाना शाहिद हसन ने बताया कि हजरत फातिमा ने हमेशा महिलाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने का संदेश दिया। उनके अनुसार, “ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़ उठाना हर इंसान का फर्ज है। फातिमा ज़हरा ने जीवन भर इंसाफ और मानवता का समर्थन किया।”
अंजुमनों की भागीदारी
कार्यक्रम में जयपुर और अन्य शहरों से बड़ी संख्या में अजादारों ने हिस्सा लिया। काले लिबास पहने शिया समुदाय के लोगों ने देर रात तक नौहाख्वानी करते हुए शहादत का गम मनाया। इस आयोजन में अंजुमन जाफर अब्बास, दस्त-ए-हुसैनी, और अन्य स्थानीय अंजुमनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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