पेरिस में बिखरा राजस्थानी सुरों का जादू, पद्मश्री बेगम बतूल ने ‘पधारो म्हारे देस’ से बाँधा समां
पेरिस, (एजेंसी)। पेरिस होली महोत्सव में ‘पधारो म्हारे देस’ की गूंज सुनाई दी, जब राजस्थानी लोकसंगीत की प्रसिद्ध गायिका पद्मश्री बेगम बतूल ने 20 मई को आयोजित महोत्सव में अपनी प्रस्तुति दी। पेरिस में हुए इस आयोजन की शुरुआत उन्होंने गणेश वंदना से की और फिर प्रसिद्ध मांड रचना ‘केसरिया बालम आवो नी, पधारो म्हारे देस’ प्रस्तुत की। उनके साथ उनके समूह ‘बसंत’ के कलाकार मनवर, फरहान, रोबिन, रमीज, लूमनाथ और साहिल ने संगत की। यह आयोजन ग्लोबल इंडियन ऑर्गनाइजेशन और लुई वित्तों फाउंडेशन के सहयोग से हुआ, जिसमें भारत के राजदूत संजीव सिंगला ने भी शिरकत की। कार्यक्रम का निर्देशन सांस्कृतिक निदेशक अनवर हुसैन ने किया, जिसमें 300 से अधिक कलाकारों ने भाग लिया और करीब 32,000 दर्शकों ने प्रस्तुतियों का आनंद लिया। समारोह के दौरान बेगम बतूल ने श्रीराम और सालासर बालाजी के भजनों की भी प्रस्तुति दी। इस प्रस्तुति में हारमोनियम पर अनवर हुसैन और तबले पर साहिल बागड़ा ने संगत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
- यूरोप के 6 देशों के सांस्कृतिक दौरे पर
बेगम बतूल को 28 अप्रैल 2025 को राष्ट्रपति द्वारा पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था। इसके बाद वे अपने समूह ‘बसंत’ के कलाकारों के साथ तीन महीने के यूरोपीय दौरे पर हैं, जिसमें वे फ्रांस, हॉलैंड, स्विट्जरलैंड, इटली, स्पेन और जर्मनी जैसे देशों में भजन, मांड और राजस्थानी लोक संगीत की प्रस्तुतियां देंगी। नागौर के केराप गांव में जन्मी बेगम बतूल ने बिना किसी औपचारिक शिक्षा के केवल रियाज़ के बल पर गायन सीखा। उन्होंने मांड गायिकी को वैश्विक पहचान दिलाई है और अब तक 25 से अधिक देशों में प्रस्तुति दे चुकी हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, मोनाको, ट्यूनीशिया आदि शामिल हैं। इस मौके पर जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JITO) फ्रांस के अध्यक्ष ललित और प्रवीणा भंडारी के पेरिस स्थित आवास पर एक स्वागत समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें राजस्थान एसोसिएशन फ्रांस के अध्यक्ष अनवर हुसैन और डॉ. रेखा भंडारी भी उपस्थित रहे। बेगम बतूल ने वहां भी भजनों की प्रस्तुति दी और सभी मेहमानों ने उनका सम्मान किया।
- सम्मान और उपलब्धियां
बेगम बतूल को अब तक कई महत्वपूर्ण सम्मानों से नवाजा जा चुका है, जिनमें 2022 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा दिया गया नारी शक्ति पुरस्कार, 2024 में फ्रांस सीनेट भारत गौरव सम्मान और ऑस्ट्रेलिया संसद सांस्कृतिक सम्मान, 2023 में राजस्थान गौरव सम्मान और 2021 में GOPIO अचीवर्स अवार्ड शामिल हैं। वे 2017 से हर वर्ष पेरिस में आयोजित होने वाले यूरोप के सबसे बड़े होली महोत्सव की मुख्य प्रस्तुतकर्ता रही हैं, जिसमें 35,000 से अधिक लोग भाग लेते हैं। उनकी साधना आज भी 70 साल की उम्र में जारी है और वे धर्म और जाति की सीमाओं से ऊपर उठकर राम और कृष्ण के भजनों को स्वर दे रही हैं।
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