जयपुर में ऑल इंडिया आइडियल टीचर्स एसोसिएशन द्वारा शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन
जयपुर (रॉयल पत्रिका) । ऑल इंडिया आइडियल टीचर्स एसोसिएशन (AIITA), राजस्थान इकाई ने 31 जुलाई को जयपुर में एक शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें दस स्कूलों के 120 शिक्षकों ने हिस्सा लिया। इस कार्यशाला का आयोजन इस्लामिक सेंटर में किया गया, जिसमें शिक्षकों के पेशेवर विकास, नैतिकता, और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप शिक्षण कौशल को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
प्रथम सत्र: शिक्षण में नवाचार और व्यावसायिकता
कार्यशाला का पहला सत्र सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ, जिसके कन्वीनर कारी इशाक रहे। सत्र की शुरुआत तिलावते कुरआन से हुई, जिसके बाद जयपुर इकाई के अध्यक्ष मोहम्मद अंसार ने स्वागत भाषण दिया। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षकों का स्वागत करते हुए AIITA के साथ जुड़ने और इसके मिशन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इसके बाद जमात-ए-इस्लामी हिंद के अमीरे हल्का मोहम्मद नाजिमुद्दीन ने आध्यात्मिक संबोधन दिया। सत्र में AIITA के उद्देश्यों और कार्य प्रणाली पर परिचयात्मक सत्र भी आयोजित हुआ।
AIITA के राज्य अध्यक्ष खालिद अख्तर साहब ने “कक्षा प्रबंधन” पर प्रभावी व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने कक्षा में अनुशासन और शिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने के व्यावहारिक तरीके साझा किए। इसके बाद मोहम्मद फरीद (सचिव, MTB, नई दिल्ली) ने “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षण में व्यावसायिक कौशल कैसे विकसित करें” विषय पर विस्तृत भाषण दिया। उन्होंने NEP 2020 के प्रमुख बिंदुओं और शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
सत्र का समापन शारिक अंसार (सचिव, ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन, नई दिल्ली) के “प्रभावी शिक्षण अधिगम विधियां” पर व्याख्यान के साथ हुआ। उन्होंने शिक्षण को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए नवीन तकनीकों और विधियों पर जोर दिया। इसके बाद नमाज और दोपहर के भोजन के लिए अवकाश लिया गया।
द्वितीय सत्र: शिक्षक नैतिकता और AIITA की नीतियां
दोपहर के सत्र के कन्वीनर अब्दुल हमीद रहे। इस सत्र की शुरुआत में प्रदेश अध्यक्ष खालिद अख्तर ने AIITA के परिचय, नीतियों और कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद शारिक अंसार ने “शिक्षक के नैतिक गुण और पेशेवराना योग्यता” पर एक घंटे का प्रेरक व्याख्यान दिया। उन्होंने शिक्षकों को नैतिकता, समर्पण और पेशेवर दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी।
सत्र में शिक्षकों ने अपने शिक्षण अनुभव साझा किए और एक जीवंत प्रश्नोत्तर सत्र में भाग लिया। शिक्षकों ने अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए, जिससे कार्यशाला और अधिक इंटरैक्टिव बनी।
आइडियल टीचर्स अवार्ड की घोषणा
कार्यशाला में AIITA द्वारा इकाई और राज्य स्तर पर “आइडियल टीचर्स अवार्ड” की घोषणा भी की गई, जिसका उद्देश्य उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करना और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों को प्रोत्साहित करना है।
समापन और दुआ
कार्यशाला का समापन जमात-ए-इस्लामी हिंद के अमीरे हल्का मोहम्मद नाजिमुद्दीन के हृदयस्पर्शी भाषण और दुआ के साथ हुआ। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षा के क्षेत्र में नैतिकता और समर्पण के साथ काम करने का आग्रह किया। धन्यवाद प्रस्ताव के साथ इस प्रेरणादायक कार्यशाला का अंत हुआ।
AIITA का उद्देश्य
AIITA का लक्ष्य शिक्षकों को पेशेवर और नैतिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे समाज में शिक्षा के माध्यम से सकारात्मक बदलाव ला सकें। इस कार्यशाला में ताहिर आजाद ने भी शिक्षकों को संबोधित किया और शिक्षण के क्षेत्र में निरंतर व्यावसायिक विकास (CPD) पर जोर दिया।
यह कार्यशाला शिक्षकों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि उन्हें अपने पेशे के प्रति और अधिक प्रेरित और समर्पित होने का अवसर भी प्रदान किया। AIITA की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और नैतिकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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