स्वदेशी से सशक्त होगा भारत, जीएसटी सुधार से मिलेगी राहत
प्रधानमंत्री मोदी का देश के नाम संबोधन- जीएसटी सुधार और स्वदेशी अभियान की गूंज
नई दिल्ली/जयपुर (रॉयल पत्रिका)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 सितम्बर को देशवासियों को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं और आर्थिक सुधारों को नई दिशा देने का संकल्प जताया। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं और इसे नए संकल्पों व सकारात्मक परिवर्तन का अवसर बताया। PM मोदी ने घोषणा की कि नवरात्री के पहले दिवस मतलब कल से पूरे देश में “जीएसटी बचत उत्सव” शुरू होगा, जिसके अंतर्गत रोज़मर्रा की कई वस्तुएँ सस्ती होंगी और आम जनता की जेब पर बोझ कम होगा। उन्होंने बताया कि 22 सितम्बर से “नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी दरें” लागू होंगी, जिसमें टैक्स ढाँचे को सरल बनाते हुए मुख्य रूप से केवल 5% और 18% स्लैब रखे गए हैं। इसे उन्होंने “डबल बोनस” बताते हुए कहा कि इससे नागरिकों को टैक्स में कटौती और आयकर छूट दोनों का लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री ने गरीबी उन्मूलन को अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकलकर नए मध्यवर्ग का हिस्सा बने हैं। उन्होंने इसे आर्थिक सुधारों और योजनाओं की सफलता का प्रमाण बताया। साथ ही, उन्होंने जनता से अपील की कि हर घर और हर दुकान को स्वदेशी का प्रतीक बनाया जाए और गर्व से कहा जाए “मैं स्वदेशी खरीदता हूँ, मैं स्वदेशी बेचता हूँ।” प्रधानमंत्री ने छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सरल प्रक्रियाएँ और टैक्स लाभ देकर इन्हें और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे निवेश और उत्पादन के लिए और बेहतर माहौल तैयार करें। इस संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा, “मोदी जी हमेशा भारत की जनता के हित में सोचते हैं। आज का संबोधन इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री गरीब से गरीब व्यक्ति की चिंता करते हैं और देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं। जीएसटी सुधार, स्वदेशी पर जोर और 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालना – यह सब मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व का नतीजा है।” राठौड़ ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री का यह संदेश केवल आर्थिक सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक बदलाव की ओर भी इशारा करता है। “स्वदेशी का आह्वान आत्मनिर्भर भारत की नींव है। जब हर घर और हर दुकान स्वदेशी बनेगी, तब देश के करोड़ों युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार और नए अवसर पैदा होंगे। खासकर राजस्थान जैसे राज्य में, जहाँ हस्तशिल्प, MSME और कृषि आधारित उद्योग बड़ी भूमिका निभाते हैं, प्रधानमंत्री का यह निर्णय किसानों, व्यापारियों और युवाओं को सीधा लाभ पहुँचाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने पिछले 11 वर्षों में जिस तरह गरीबों और मध्यम वर्ग को सशक्त किया है, वह आज़ादी के बाद का सबसे बड़ा सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन है। “राजस्थान के गाँव-गाँव में प्रधानमंत्री की योजनाओं का असर साफ दिखाई देता है। गरीब परिवारों को आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं से सीधा लाभ मिला है। अब जीएसटी सुधार और स्वदेशी अभियान से हमारे व्यापारी और उद्योगपति भी सशक्त होंगे। मोदी जी का विज़न केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, यह गाँव-गाँव और हर वर्ग तक पहुँचा है।”
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