सांचौर के नेहड़ क्षेत्र में आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी सरकारी बस सुविधा से वंचित है कई गांव, ग्रामीण परेशान
ग्रामीणों को मजबूरन निजी वाहनों में महंगा किराया देकर करना पड़ रहा है सफर
सांचौर (रॉयल पत्रिका)। नेहड़ क्षेत्र आजादी के सात दशक बीच जाने के बाद भी नेहड़ क्षेत्र के दर्जनों गांव राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बस सुविधा से वंचित है। क्षेत्र के ग्रामीण आज भी आवागमन के लिए निजी बसों, लोडिंग टोलो और जीपो का सहारा लेने को मजबूर हैं। इससे जहां लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है वहीं परिवहन सुरक्षा नियम की अनदेखी के कारण कभी भी बड़ी दुर्घटनाएं होने की आशंका बनी रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारें बदलती रहती है, घोषणाएं होती रहती हैं। लेकिन क्षेत्र में परिवहन विभाग की बसें आज तक शुरू नहीं की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी बस सेवा नहीं होने से विद्यार्थियों, बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर मरीजों को गंभीर परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार उपचार या जरूरी कार्यों के लिए लोगों को महंगे निजी वाहनों का सारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार हाडेचा, काछेला,जानवी, केसुरी, खासरवी,सुराचन्द, भीमगुड़ा,डूंगरी सेसावा, टॉपी, दुठवा,होतीगांव, गोमी,सगड़वा, डबाल,पालड़ी, डावल, बावरला, बिछावाडी, सरवाना, जोरादर,भटकी,खेजड़ीयाली,सिपाहियों की ढाणी , दांतिया, अचलपुर, सुथाना सहित करीब दर्जनों पंचायत में अब तक राजस्थान राज्य परिवहन निगम की कोई नियमित बस सेवा प्रारंभ नहीं हुई है। दीपावली का त्यौहार होने से महंगे महंगे किराया देकर ग्रामीणों को मजबूरन निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का कहना है की निजी बस चालक बिना किसी नियंत्रण के मन माने किराए वसूल कर रहे हैं और नियमों की अनदेखी करते हुए अवर लोडिंग करते हैं इससे यात्रियों की जान को हमेशा खतरा बना रहता है ग्रामीणों ने चेतावनी दी हैं कि यदि जल्दी ही बस सेवा शुरू नहीं की गई तो वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहां कि क्षेत्र के विकास के लिए सरकारी बस सेवा आवश्यक हैं उन्होंने परिवहन विभाग से मांग की है सांचौर चितलवाना मार्ग से जुड़े इन गांव में जल्द नियमित बसें चलाई जाए ताकि ग्रामीणों को रात मिल सके ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री से शीघ्र हस्तक्षेप कर क्षेत्र के उपेक्षित गांव में बस सेवा प्रारंभ करने की मांग की है। ताकि आमजन को सुरक्षित सस्ती और सुविधाजनक यात्रा का अधिकार मिल सके। नेहड़ क्षेत्र चितलवाना तहसील के आसपास दर्जनों पंचायत से जुड़े गांव सीमावर्ती इलाकों से लेकर आखिर तक एक भी सरकारी बस सेवा शुरू नहीं होने के कारण मजबूर होकर हमें निजी बसों एवं निजी वाहनों का मुंह मांगा किराया देकर सफर करना पड़ रहा है। आखिर कब तक ये परेशानियां झेलनी पड़ेगी।
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