नशीला पदार्थ देकर की गई डकैती का पर्दाफाश
- नेपाल भागने से पहले दोनों आरोपी गिरफ्तार
जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। राजधानी मे एक सनसनीखेज डकैती की वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो नेपाली अभियुक्तों को नेपाल भागने से पहले उत्तराखंड बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 14 मई 2025 को सामने आई, जब परिवादी रोहित सिंह ने थाना वैशालीनगर जयपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके मामा संदीप चौधरी, मामी ममता चौधरी और नानी कृष्णा चौधरी आनंद नगर वैशालीनगर में निवास करते हैं। घरेलू कार्य हेतु उन्होंने 28 अप्रैल को एक प्लेसमेंट एजेंसी से नेपाली दंपत्ति भरत घनश्याम बिष्ट और उसकी पत्नी काजल को काम पर रखा था। यह दंपत्ति घर के प्रथम तल पर बने सर्वेंट क्वार्टर में रह रहा था। घटना वाले दिन परिवादी को उनके मामा ने फोन कर बताया कि नानी और मामी बेहोश हैं और संदेह है कि उन्हें नौकरों द्वारा नशीला पदार्थ दिया गया है। परिवादी ने मौके पर पहुंचकर देखा कि घर में मामा की अलमारी टूटी हुई थी, दरवाजे पर निशान थे, और नानी के कमरे में उल्टी व खून के निशान थे। कीमती सामान गायब था। पीड़ितों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस रिपोर्ट पर थाना वैशालीनगर में मुकदमा संख्या 157/2025 भारतीय न्याय संहिता की धारा 123, 306, 109 व 3(5) बीएनएस में दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम अमित कुमार, IPS के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल के सुपरविजन और सहायक पुलिस उपायुक्त आलोक गौतम के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में रवीन्द्र सिंह नरूका थानाधिकारी वैशालीनगर, गणेश सैनी प्रभारी डीएसटी, विमलेश कुमार, ईश्वर सिंह, हेमलता शर्मा, माल सिंह सहित कुल 30 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल किए गए। घटनास्थल पर जाकर फिंगरप्रिंट एकत्रित किए गए, सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, और इलाके में सघन पूछताछ की गई। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की सूचना पर पता चला कि आरोपी नेपाल भाग सकते हैं। तत्पश्चात विशेष टीमों को उत्तराखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर रवाना किया गया। 16 मई को बनबसा (उत्तराखंड) नेपाल सीमा पर आरोपी भरत बिष्ट और हरि बहादुर धामी को बॉर्डर पार करने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उन्होंने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। दोनों आरोपी भरत बिष्ट पुत्र घनश्याम बिष्ट, उम्र 28 वर्ष, निवासी जिला धनघडी, सुदूर पश्चिम प्रदेश, नेपाल एवं हरि बहादुर धामी पुत्र गणेश बहादुर धामी, उम्र 29 वर्ष, निवासी जिला बजंग, सुदूर पश्चिम प्रदेश, नेपाल। दोनों ही नेपाल के सुदूर पश्चिमी राज्यों के निवासी हैं के रहने वाले हैं।
पुलिस की कार्यवाही में निम्नलिखित पुलिसकर्मियों का विशेष योगदान रहा:
रवीन्द्र सिंह नरूका, गणेश सैनी, विमलेश कुमार, ईश्वर सिंह, हेमलता शर्मा, माल सिंह, पवन कुमार, सुनील कुमार, राजेन्द्र प्रसाद, सुरेन्द्र, दिनेश, रणबीर सिंह, भरत सिंह, कृष्णचंद, राकेश कुमार, राजेन्द्र कुमार, रामेश्वर लाल, कोमल सिंह, प्रदीप सिंह, श्रीराम, बीरबल, रविन्द्र, विक्रम सिंह, ललीत्ता, विनोद कुमार, हरि प्रसाद, देवेन्द्र, विजय कुमार, आशीष कुमार और सोहन कुमार। इसके अतिरिक्त दिल्ली पुलिस और उत्तराखंड पुलिस का भी अहम सहयोग प्राप्त हुआ। फिलहाल अन्य फरार आरोपियों की तलाश में कई राज्यों में दबिश दी जा रही है और पुलिस का प्रयास है कि जल्द से जल्द सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।
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