Loading...

वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण: मुतवल्लियों को 3 महीने की राहत, किरेन रिजिजू का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली

Follow us

Share

वक्फ न्यायाधिकरण दे सकते हैं 6 महीने का अतिरिक्त समय — नहीं होगी सख्त कार्यवाही

नई दिल्ली। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने घोषणा की है कि ‘UMEED’ पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण नहीं कराने वाले मुतवल्लियों पर अगले तीन महीनों तक कोई जुर्माना या सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी।

सरकार कानून से बंधी, पर रास्ते खुले

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार कानून से बंधी है और समय सीमा को खुद नहीं बढ़ा सकती है, लेकिन प्रभावित पक्ष वक्फ न्यायाधिकरण (Waqf Tribunal) से संपर्क कर सकते हैं, जिसके पास छह महीने तक का अतिरिक्त समय देने का अधिकार है।

जुर्माने से तीन महीने की छूट

मंत्री ने आश्वासन दिया कि 5 दिसंबर 2025 की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी, अगले तीन महीनों तक पंजीकरण कराने वालों पर जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। यह उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो तकनीकी या अन्य कारणों से अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाए थे।

सुप्रीम कोर्ट का रुख और न्यायाधिकरण की भूमिका

सुप्रीम कोर्ट ने समय सीमा को एकमुश्त बढ़ाने से इनकार कर दिया था और याचिकाकर्ताओं को व्यक्तिगत राहत के लिए संबंधित वक्फ न्यायाधिकरणों में जाने का निर्देश दिया था।

वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत, केवल वक्फ न्यायाधिकरण ही वैध कारणों (जैसे तकनीकी समस्याएं) के आधार पर छह महीने तक का विस्तार दे सकते हैं।

कानूनी बाध्यता और पंजीकरण की मौजूदा स्थिति

किरेन रिजिजू ने जोर देकर कहा कि संसद द्वारा पारित कानून में संशोधन संभव नहीं है, इसलिए सरकारी स्तर पर सीधी समय सीमा नहीं बढ़ाई जा सकती।

पंजीकरण के आंकड़े: अब तक 1.5 लाख से अधिक संपत्तियां पोर्टल पर पंजीकृत हो चुकी हैं, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में संपत्तियों का पंजीकरण होना बाकी है।

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।