रकमा ने सभी जिलों व ब्लॉकों में मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन:
अल्पसंख्यक कर्मचारियों के तबादलों का विरोध
क्या है पूरा मामला?
जयपुर (रॉयल पत्रिका)। राजस्थान अधिकारी कर्मचारी माइनॉरिटी एसोसिएशन (रकमा) ने प्रदेश भर में अल्पसंख्यक वर्ग के कर्मचारियों के अनावश्यक स्थानांतरण के विरोध में मोर्चा खोल दिया है।
रकमा के प्रदेश अध्यक्ष अतीक अहमद के नेतृत्व में जयपुर में जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने सरकार से मांग की है कि प्रशासनिक कारणों की आड़ में किए जा रहे इन तबादलों पर रोक लगाई जाए।
अनावश्यक स्थानांतरण का विरोध
ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि अल्पसंख्यक वर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का ‘प्रशासनिक कारण’ बताकर दूरस्थ (काफी दूर) स्थानों पर किया जा रहा स्थानांतरण पूर्णतः अनीतिगत है। संगठन का कहना है कि इससे कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रकमा ने सरकार से अनुरोध किया है कि इन तबादलों पर पुनः विचार कर संशोधन किया जाए।
ज्ञापन देने पहुंचे पदाधिकारी
जयपुर में ज्ञापन देने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष अतीक अहमद के साथ कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे:
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प्रदेश महासचिव: मोहम्मद हबीब खान
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प्रदेश कोषाध्यक्ष: रहमतुल्ला
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प्रदेश प्रवक्ता: मो. इमरान शेख
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प्रदेश कार्यालय सचिव: हाजी गुलाम रसूल मंसूरी
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प्रदेश उपाध्यक्ष: वसीम रजा
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जाहिद हुसैन (एसएमएस) सहित अन्य।
प्रदेश भर में उठी मांग
प्रदेश कमेटी के निर्देश पर रकमा (RAKMA) की सभी ब्लॉक एवं जिला कमेटियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उपखंड अधिकारी (SDM) और जिला कलेक्टर्स को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
संगठन का तर्क है कि राजस्थान में अल्पसंख्यक वर्ग के कर्मचारियों को निशाना बनाकर दूरदराज के इलाकों में भेजा जा रहा है। यह न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि इससे कर्मचारियों का मनोबल भी गिर रहा है।
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