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देश का अगला औद्योगिक पावरहाउस बनने की ओर राजस्थान: अनिल अग्रवाल

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जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक प्रेरणादायक संदेश जारी करते हुए राजस्थान को भारत का अगला औद्योगिक पावरहाउस बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने राज्य की अपार खनिज संपदा, ऊर्जा संसाधनों और उद्यमशीलता की परंपरा को उजागर करते हुए कहा कि यदि इनका समुचित दोहन किया जाए तो राजस्थान जल्द ही आर्थिक रूप से देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।

  • खनिजों से समृद्ध लेकिन जीडीपी में पिछड़ता राज्य

अनिल अग्रवाल ने आंकड़ों के ज़रिए बताया कि राजस्थान की जीडीपी फिलहाल लगभग 196 बिलियन डॉलर है, जबकि गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्य 300 बिलियन डॉलर से ऊपर हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि “जब राजस्थान के पास देश के सबसे समृद्ध खनिज भंडार हैं, तो वह पीछे क्यों है?” उन्होंने इस दिशा में औद्योगिक विकास को तेज़ करने और खनिजों को मूल्यवर्धित उत्पादों में बदलने की ज़रूरत बताई।

  • प्राकृतिक संपदा और ऊर्जा का संगम

अग्रवाल ने अपने पोस्ट में लिखा कि तेल, गैस, स्टोन, तांबा, चांदी, सोना, जिंक, पोटाश, रॉक फॉस्फेट जैसे तत्व राज्य को समृद्धि की नई दिशा में ले जा सकते हैं। साथ ही, उन्होंने रिन्यूएबल एनर्जी और ऑयल एंड गैस की प्रचुर संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि “यह शक्तिशाली संयोजन राजस्थान को भारत का नंबर एक राज्य बना सकता है।” उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य को चाहिए कि वह खनिज संसाधनों के पूर्ण उपयोग और उन्हें मूल्यवर्धित उत्पादों में बदलने के लिए हजारों निर्माण इकाइयाँ स्थापित करे। इससे राजस्व और जीडीपी में उछाल के साथ-साथ भारी मात्रा में रोजगार भी सृजित किया जा सकता है। अनिल अग्रवाल ने राजस्थान की बिज़नेस स्पिरिट की तारीफ करते हुए कहा कि देश और दुनिया में नाम कमाने वाले कई महान उद्यमी राजस्थान से हैं। उनके अनुसार, राज्य की यही परंपरा इसे भविष्य में उद्यमिता और नवाचार का केंद्र बना सकती है। वेदांता समूह, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड और केयर्न ऑयल एंड गैस के माध्यम से राजस्थान में बड़े पैमाने पर खनन और ऊर्जा क्षेत्र में सक्रिय है। अग्रवाल ने कहा कि वेदांता राज्य में जिंक, चांदी और तेल-गैस उत्पादन को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने राजस्थान को अपनी “कर्मभूमि” बताते हुए राज्य के साथ अपनी दीर्घकालिक साझेदारी और प्रतिबद्धता दोहराई।

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