सांचौर जिला बहाली को लेकर धरना विरोध प्रदर्शन 25 दिन से जारी
सांचौर(रॉयल पत्रिका)। सांचौर जिला बहाली की मांग को लेकर जिला बचाओं संघर्ष समिति के तत्वाधान में पूर्व मंत्री सुखराम विश्नोई के नेतृत्व में धरना विरोध प्रदर्शन लगातार 25 वें दिन भी जारी है। पूर्व मंत्री सुखराम विश्नोई के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन की मुख्य मांग है कि वर्तमान भाजपा सरकार की ओर से रद्द किए गए सांचौर जिले को वापस बहाल किया जाए। इस दौरान पूर्व मंत्री सुखराम विश्नोई ने कहा कि सांचौर जिला मुख्यालय जालौर से 145 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जबकि इसका अंतिम गांव आकोड़िया रणखार करीब 250 किलोमीटर दूर है। पूर्व सरकार द्वारा गठित रामलुभाया कमेटी ने दूरी और आबादी के मानकों के आधार पर सांचौर को जिला बनाया था, लेकिन इस भाजपा सरकार ने जिला रद्द कर दिया। यह फैसला सांचौर की जनता के साथ सरासर अन्याय धोखा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि डींग, खैरथल और सलूम्बर जैसे गए जिले जो आबादी में सांचौर के बराबर हैं और अपने निकटवर्ती जिलों से काफी कम दूरी पर स्थित हैं उन्हें बरकरार रखा गया है। जबकि गुजरात सीमा से सटा हुआ सांचौर का भी विकास होता और सीमावर्ती जिला होने से व्यापारिक आदान-प्रदान का फायदा सांचौर को अवश्य मिलता। अपराधों पर अंकुश लगाने में भी यह प्रशासनिक दांचा जरूरी था। सांचौर जिला बना रहता तो अपराधों पर अंकुश रहता। भजनलाल सरकार के इस अविवेकपूर्ण फैसले का कांग्रेस पुरजोर विरोध कर रही है। इस दौरान जिला संर्घष समिति अध्यक्ष भीमाराम चौधरी, हिन्दुसिंह चौहान प्रधान प्रतिनिधि चितलवाना, अर्जुन देवासी पूर्व विधानसभा युथ कांग्रेस अध्यक्ष, हिराराम देवासी, विरमाराम भील, सेंधाराम भील, गमनाराम भील, नरसीराम देवासी, सोनाराम, रिडमलराम, दरगाहराम मेघवाल, चंदनसिंह विरोल, लालाराम साहू डांगरा, पबसिंह राजपूत हाडेचा, मेवाराम वासन चौहान, केशाराम मेहरा, रामनिवास विश्नोई सहित कई लोग मौजूद थे।
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