जयपुर जेल से अस्पताल के बहाने, होटल पहुंचे कैदी
- 13 की गिरफ्तारी, पुलिसकर्मी सस्पेंड
जयपुर। राजधानी की सेंट्रल जेल से इलाज के बहाने चार बंदी अस्पताल की बजाय होटलों में जा पहुंचे। इस मामले का खुलासा होने पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक पांच पुलिसकर्मियों समेत कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में चारों बंदी, उनके चार रिश्तेदार और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आज जेल के संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और डॉक्टर से पूछताछ की जाएगी, ताकि इस पूरे घटनाक्रम की परतें खोली जा सकें।
जयपुर (पूर्व) डीसीपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि सेंट्रल जेल से उपचार के लिए एसएमएस अस्पताल की बजाए चार बंदियों के होटल पहुंचने के मामले में हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार, कांस्टेबल मनोज, दिनेश कुमार, अमित और विकास की भूमिका भी सामने आई है। इन्हें गिरफ्तार किया गया है। डीसीपी (मुख्यालय) ने इन पांचों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा बंदियों से होटलों में मिलने आए चार परिजनों को भी गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि बंदी रफीक की पत्नी हिना और रिश्तेदार रमजान को गिरफ्तार किया गया है। वह एक मोबाइल और चरस भी लाई थी, जो रफीक अपने साथ ले जाने वाला था। वह जेल में चरस दोगुने दाम पर बेचता और मोबाइल से लोगों को धमकियां देता। वहीं, बंदी अंकित के भाई आकाश बंसल और परिचित राहुल को भी गिरफ्तार किया गया है। बंदी अंकित और करण एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित एक होटल गए, जहां एक महिला भी थी जो मौके से फरार हो गई। अब तक की पड़ताल में सामने आया है कि सेंट्रल जेल के एक बंदी आनंद की कई जेल प्रहरियों, कर्मचारियों और चालानी गार्ड्स से सांठगांठ है। वह जेलकर्मियों की मदद से अन्य बंदियों के नाम की पर्ची जेल डॉक्टर से बनवा लेता है। पुलिस लाइन के कुछ जवान भी इस गठजोड़ में शामिल हैं, जो चालानी गार्ड के रूप में खुद की ड्यूटी लगवा लेते हैं। अब इस पूरे खेल में शामिल जेलकर्मियों, बाहरी लोगों, कैदियों व अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
सेंट्रल जेल में बंद चार कैदी, भट्टा बस्ती निवासी रफीक, जोबनेर निवासी भंवरलाल, हरियाणा निवासी अंकित बंसल और महेश नगर निवासी करण गुप्ता, शनिवार को इलाज के बहाने एसएमएस अस्पताल जाने के लिए जेल से निकले थे। लेकिन अस्पताल पहुंचने की बजाय ये चारों बंदी जालूपुरा और एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित होटलों में जा पहुंचे। रफीक हत्या के मामले में, भंवरलाल दुष्कर्म के आरोप में, जबकि अंकित और करण धोखाधड़ी के मामलों में जेल में बंद हैं। सभी ने एसएमएस अस्पताल के लिए रेफर पर्ची बनवाकर जेल से बाहर निकलने की अनुमति ली थी, लेकिन उसका गलत इस्तेमाल कर होटल पहुंच गए।
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