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पीएम मोदी ने नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री से की बात, कहा- भारत शांति के लिए प्रतिबद्ध

नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेपाल की अंतरिम पीएम सुशीला कार्की से फोन पर बातचीत करते हुए

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नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नेपाल की अंतरिम सरकार की पीएम सुशीला कार्की से फोन पर बातचीत की। उन्होंने हाल ही में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान जान गंवाने वालों के परिवारों को प्रति संवेदनाएं व्यक्त की और शांति तथा स्थिरता बहाल करने के उनके प्रयासों में भारत के समर्थन को दोहराया। पीएम मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सुशीला कार्की के साथ हुई बातचीत की जानकारी दी।
उन्होंने एक्स पर लिखा, “नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की से बात की। हाल की दुखद घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों को मेरी गहरी संवेदनाएं। शांति और स्थिरता बहाल करने के उनके प्रयासों में भारत के निरंतर समर्थन की बात दोहराई।”                                      यह वीडियो भी देखे :-                                                                       https://youtu.be/dQPyn2Waa4s
पीएम मोदी ने नेपाल के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर सुशीला कार्की और नेपाल के लोगों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा, “मैंने उन्हें और नेपाल की जनता को उनके राष्ट्रीय दिवस पर शुभकामनाएं दीं।”
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनने पर शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में पद ग्रहण करने पर सुशीला कार्की को हार्दिक शुभकामनाएं। नेपाल के भाई-बहनों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए भारत पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।”
बता दें कि सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। बीते शनिवार को उनके नाम का ऐलान हुआ और उसी शाम सुशीला कार्की को राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शपथ दिलाई। अंतरिम सरकार के गठन के साथ नेपाल की संसद को भंग करते हुए आम चुनाव कराने का प्रस्ताव दिया गया है।
नेपाल में यह सत्ता-परिवर्तन ‘जेन-जी’ आंदोलन के बाद हुआ है, जिन्होंने केपी शर्मा ओली की सरकार को गिराया। 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध के खिलाफ नेपाल के युवाओं ने अपना विरोध शुरू किया था, लेकिन यह विरोध हिंसक प्रदर्शन में बदल गया था। केपी शर्मा ओली की सरकार के कई मंत्रियों के घर फूंक दिए गए थे। यहां तक कि इस आंदोलन के दबाव में केपी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।

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