पैगंबर मोहम्मद के 41वें वंशज से मिले पीएम मोदी:
जॉर्डन में हुआ भव्य शाही स्वागत
कौन हैं किंग अब्दुल्ला द्वितीय? सोशल मीडिया पर गूंजा सवाल
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों पश्चिम एशिया और अफ्रीका के अहम दौरे पर हैं। इस यात्रा के पहले पड़ाव पर वे जॉर्डन पहुंचे, जहां उनका भव्य और शाही स्वागत किया गया।
जॉर्डन के शासक किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने जिस आत्मीयता और गरिमा के साथ पीएम मोदी का स्वागत किया, उसने दुनिया भर का ध्यान खींचा। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक ही सवाल गूंजने लगा—आखिर कौन हैं किंग अब्दुल्ला द्वितीय, जिनका संबंध सीधे पैगंबर मोहम्मद साहब से बताया जाता है?
पैगंबर मोहम्मद के वंशज हैं किंग अब्दुल्ला द्वितीय
किंग अब्दुल्ला द्वितीय जॉर्डन के हाशमी (Hashemite) शाही परिवार से आते हैं।
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हाशमी वंश को इस्लामी इतिहास में विशेष स्थान प्राप्त है।
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यह वंश पैगंबर मोहम्मद के परदादा हाशिम बिन अब्द मुनाफ से जुड़ा है।
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हाशमी परिवार पैगंबर मोहम्मद की बेटी फातिमा और उनके पति हज़रत अली के जरिए उनके वंशज माने जाते हैं।
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यही कारण है कि किंग अब्दुल्ला द्वितीय को पैगंबर मोहम्मद का 41वां प्रत्यक्ष वंशज माना जाता है।
मक्का से जॉर्डन तक का शाही सफर
हाशमी परिवार का इतिहास काफी पुराना और प्रभावशाली रहा है।
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इस परिवार ने सदियों तक सऊदी अरब के हिजाज़ क्षेत्र और मक्का पर शासन किया।
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वर्ष 1201 से 1925 तक इस परिवार का मक्का पर प्रभाव रहा।
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साल 1916 में ‘ग्रेट अरब विद्रोह’ के दौरान किंग अब्दुल्ला द्वितीय के परदादा शरीफ हुसैन बिन अली ने उस्मानी शासन (Ottoman Empire) के खिलाफ बगावत का नेतृत्व किया था। इसी संघर्ष के बाद आधुनिक अरब राज्यों की नींव पड़ी।
जॉर्डन की स्थापना और सत्ता की विरासत
जॉर्डन के अस्तित्व में आने की कहानी भी इसी वंश से जुड़ी है:
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1921: ट्रांसजॉर्डन अमीरात की स्थापना हुई।
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1946: यह स्वतंत्र होकर ‘हाशमी किंगडम ऑफ जॉर्डन’ बना।
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देश के पहले शासक किंग अब्दुल्ला प्रथम बने, जिन्होंने आधुनिक जॉर्डन की राजनीतिक और संवैधानिक नींव रखी।
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1951 में उनकी हत्या के बाद सत्ता उनके बेटे किंग तलाल और फिर किंग हुसैन के पास आई। वर्तमान में किंग अब्दुल्ला द्वितीय इसी विरासत को संभाल रहे हैं।
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