सुकेत में महात्मा गांधी स्कूल की सेछत गिरा प्लास्टर
सुकेत (रॉयल पत्रिका)। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय सुकेत की पुरानी व जर्जर हो चुकी इमारत की प्राथमिक कक्ष की छत से अचानक प्लास्टर और कंकड़ गिर पड़े। लेकिन मनोहरथाना के पिपलोदी स्कूल हादसे के बाद से सतर्क अध्यापक ने तुरंत बच्चों को बाहर निकाल लिया। जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। गुरुवार को जब बच्चों ने घटना की जानकारी अभिभावकों को दी तो कई अभिभावक विद्यालय पहुंचे और औचक निरीक्षण में छत व दीवारों में दरारें, टूटे पत्थर और करंट युक्त गेट देखकर भड़क उठे। कई बच्चों ने डर के कारण स्कूल जाने से इंकार कर दिया।
अभिभावकों ने जताई नाराजगी-
अभिभावकों एवं नगर वासियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि गत शनिवार को विशाल वृक्षारोपण – कार्यक्रम महात्मा गांधी राजकीय- विद्यालय सुकेत में किया गया था। लोगों ने सवाल किया कि मंत्री के प्रतिनिधियों ने इस समस्या से मंत्री को अवगत क्यों नहीं करवाया। बारिश में छत से प्लास्टर गिरने एवं छत में दरारें होने के कारण शिक्षकों को मजबूरन बच्चों की छुट्टी करनी पड़ती है। अभिभावकों ने बताया कि स्कूल की छत से पानी टपकता रहता है और स्कूल भवन की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। छत का प्लास्टर जगह-जगह से गिरता रहता है। स्कूल भवन का जगह-जगह से प्लास्टर गिरता रहता है। स्कूल का पुरानाप्रधानाचार्यकिरण श्रीवास्तव ने बताया कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत करवा दिया है। मजबूरी में बारिश के दौरान छात्रों की छुट्टी करनी पड़ती है। आक्रोशित अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और स्कूल प्रशासन को चेतावनी दी है। अभिभावकों ने स्कूल भवन की मरम्मत और नए कमरों का निर्माण नहीं होने पर बच्चों को स्कूल में पढ़ने से रोकेंगे। नगरवासियों एवं अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन से स्कूल की मरम्मत करवाने की मांग करते हुए बच्चों को सुरक्षित स्थान एवं दो शिफ्ट पर पढ़ाने में की मांग की है। कक्षा कक्ष की छत व दीवार से पत्थर गिरते देखे। गेट में करंट भी पाया गया। बच्चों को खतरे में नहीं डाल सकते। इमरान खान, अभिभावक नेताओं के लिए यह केवल माला और साफा पहनने का स्थान नहीं है। यहां नगर के होनहार बच्चों का भविष्य दांव पर है। छत का काम चालू होने की वजह से पत्थर आ गए थे। बच्चे सुरक्षित हैं। काम करने वाले मजदूरों को छुट्टी के बाद काम करने के लिए पाबंद किया गया है।
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