डोल का बाढ़ जंगल को बचाने लिए एकजुट हुए लोग, युवाओं ने संभाली कमान
जयपुर,(रॉयल पत्रिका)। जयपुर में पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अहम पहल देखने को मिली जब डोल का बाढ़ जंगल को बचाने के मकसद से रविवार को 300 से ज़्यादा लोग एकजुट हुए। इस अभियान में बड़ी तादाद में युवाओं ने हिस्सा लिया और जंगल को नष्ट होने से बचाने का संकल्प लिया। सुबह 7 बजे अभियान की शुरुआत अर्बन स्केचर्स द्वारा जंगल के दृश्यों की चित्रकारी से हुई। इसके बाद करीब 10:30 बजे से लोगों का जुटना शुरू हुआ और सभी ने शांतिपूर्ण ढंग से धरना दिया। इस दौरान आंदोलन से जुड़े इतिहास को साझा किया गया और लोगों ने एक-दूसरे के साथ जुड़कर मानव श्रृंखला बनाई, जिससे एकता और प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया। इस अभियान में जयपुर के विभिन्न कॉलेजों के करीब 60 छात्रों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि रीको (RIICO) इस जंगल को काटने की योजना को बंद करे और सरकार इसे बायोडायवर्सिटी पार्क के रूप में विकसित करे। डोल का बाढ़ समिति ने ज़ोर देते हुए कहा कि यह जंगल किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं, बल्कि सभी की साझा धरोहर है जिसे आने वाली नस्लों के लिए बचाकर रखना हमारा फर्ज़ है। दोलनकारियों ने घोषणा की कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री, उद्योग मंत्री और रीको अधिकारियों से मुलाकात करेंगे ताकि इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाया जा सके।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, जयपुर में एयरपोर्ट के पास तारों की कूंट इलाके में डोल का बाढ़ क्षेत्र में रीको की ओर से फिनटेक पार्क और पीएम यूनिटी मॉल बनाया जाना प्रस्तावित है। फिनटेक पार्क, मॉल और रेजिडेंशियल स्पेस बनाने के लिए जंगल के 2500 पेड़ काटे जाएंगे। इनमें बड़ी संख्या में खेजड़ी के पेड़ भी शामिल हैं। पीएम यूनिटी मॉल के निर्माण के लिए टेंडर जारी हो चुके हैं। रीको की ओर से 17 जनवरी को 170 करोड़ रुपए में इस कार्य के लिए टेंडर जारी किया गया है। इसके लिए 540 दिन में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कुछ दिन पहले यहां टीनशेड लगाने का काम भी शुरू हो गया है। वहीं, टेंडर जारी होने के बाद ढोल का बाढ़ संघर्ष समिति और स्थानीय लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
Disclaimer
Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.
Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।
