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रोजगार के नये अवसर वस्त्र रसायन : टेक्सटाइल केमिस्ट्री में बी. टेक.

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रंगों के बिना दुनिया का आनंद अधूरा है। बिना रंगों के दुनिया में कोई भी वस्तु नहीं सुहाती है। जहाँ तक वस्त्रों की बात है, जो कि हमारे व्यक्तित्व में चार चाँद लगाते हैं; रंग-बिरंगे ही सुहाते हैं। वस्त्र तकनीकी तंतु से वस्त्र बनाने का कार्य बताती है, वस्त्र अभियांत्रिकी इससे संबंधित मशीनरी का कार्य बताती है; लेकिन वस्त्रों को विभिन्न रंगों में रंगने, आकर्षक डिजाइनों में छापने और उनकी प्रकृतिजन्य और मिलाई गई अशुद्धियों को दूर कर पहनने लायक बनाने तथा विशेष कार्य (अग्निरोधक, जलरोधक, मुलायम आदि) के लिये तैयार करने का कार्य वस्त्र रसायन (टेक्सटाइल केमिस्ट्री) करती है।

इंजीनियरिंग की इस शाखा का राजस्थान प्रदेश का एकमात्र कॉलेज माणिक्यलाल वर्मा टेक्सटाइल एवं इंजीनियरिंग कॉलेज है, जो भीलवाड़ा जिले में भीलवाड़ा-उदयपुर राजमार्ग पर भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन से लगभग 2 किलोमीटर दूर पांसल चौराहे (महाराणा प्रताप चौराहा) पर स्थित है। इस कॉलेज में टेक्सटाइल केमिस्ट्री की बीस सीटें सरकार से अनुदानित (शासकीय) हैं, जबकि बीस ही स्ववित्तपोषित (प्राइवेट) हैं। योग्य छात्रों को विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्तियाँ भी मिलती हैं।

प्रवेश के लिये योग्यताएँ:

इस शाखा में प्रवेश के लिये अनिवार्य योग्यताओं में छात्र को 12वीं कक्षा भौतिकी, रसायन शास्त्र और गणित अथवा जीवविज्ञान के साथ पास होना जरूरी है। गणित की अनिवार्यता हटा देने से 12वीं कक्षा साइंस-बायोलॉजी से उत्तीर्ण करने वाले छात्र तथा जिन छात्रों का REAP 2025 (रीप 2025) के द्वारा कहीं भी प्रवेश नहीं हो पा रहा है, उनके लिये इंजीनियरिंग की इस शाखा में प्रवेश लेकर बी. टेक. करने का सुनहरा मौका है। इसमें फॉर्म 28 मई 2024 से भरे जायेंगे तथा 30 जून 2025 अंतिम तिथि है। प्रवेश की पूरी प्रक्रिया की जानकारी reap2025.com से ली जा सकती है।

इसके अलावा हथकरघा प्रौद्योगिकी, वस्त्र तकनीकी, वस्त्र अभियांत्रिकी अथवा वस्त्र रसायन में तीन साल का डिप्लोमा प्राप्त छात्रों को सीधे द्वितीय वर्ष में प्रवेश मिलता है।

रोजगार के अवसर:

किसी भी विधा में प्रवेश लेकर समय, श्रम और धन व्यय करना तभी सार्थक समझा जाता है जब उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को एक तय समय सीमा में रोजगार मिले। अक्सर यह समझा जाता है कि इस विषय में डिग्री तथा मास्टर डिग्री लेने से केवल निजी क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर हैं, लेकिन ऐसा केवल जानकारी के अभाव में ही कहा जा सकता है। वास्तव में तो ऐसे अनेकानेक क्षेत्र हैं, जिनमें वस्त्र रसायन में डिग्री करने वाले व्यक्तियों को रोजगार मिलता रहा है और आगे भी मिलेगा, बस हमें उसकी जानकारी नहीं होती है।

प्रमुख संस्थान जहां रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं:

  • केन्द्रीय सिल्क बोर्ड
  • भारतीय कपास निगम
  • केन्द्रीय कपास अनुसंधान केंद्र
  • जूट तकनीकी संस्थान, कोलकाता
  • केन्द्रीय टसर रिसर्च एवं ट्रेनिंग संस्थान, भागलपुर (बिहार)
  • केन्द्रीय ऊन अनुसंधान केंद्र, जोधपुर
  • सेन्ट्रल कॉयर बोर्ड
  • केन्द्रीय भेड़ और ऊन अनुसंधान केंद्र, अविका नगर (मालपुरा और बीकानेर)
  • टेक्सटाइल कमेटी
  • DRDO का पैराशूट डिविजन, आगरा
  • BIS आदि केंद्र सरकार व राज्य सरकारों के संस्थान

भारतीय सेना के लिये कपड़े बनाने वाली आयुध वस्त्र निर्माणियाँ (जो अवड़ी, शाहजहाँपुर और चेन्नई में स्थित हैं) में भी छात्र रोजगार पा सकते हैं। वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत विभिन्न तकनीकी पदों पर भी छात्र नौकरी पा सकते हैं।

इनके अलावा देश भर में विभिन्न राज्यों में स्थित टेक्सटाइल कॉलेजों में अध्यापन का कार्य भी कर सकते हैं, लेकिन इसके लिये समय-समय पर इनकी वेबसाइट को देखते रहना आवश्यक है।

इसके अलावा देशभर में हथकरघा प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा के 10 संस्थानों (वाराणसी, गौहाटी, सेलम, जोधपुर, गड़ग, वेंकटगिरि, कन्नूरी, चम्पा, बरगढ़ और फूलिया) में कहीं भी प्रवक्ता पद पर नौकरी पा सकते हैं। छात्र भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान, भदोही में भी रोजगार पा सकते हैं।

राज्य सरकार के संस्थानों की बात करें तो जिला उद्योग केंद्र में तकनीकी पदों पर विद्यार्थी नौकरी पा सकते हैं। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण विभाग में कनिष्ठ अभियंता, पर्यावरण के पद पर भी विद्यार्थियों ने नौकरियाँ पाई हैं।

इसके अलावा विभिन्न कॉलेजों में, जहाँ वस्त्र रसायन, टेक्सटाइल और क्लोदिंग (टेक्सटाइल एंड क्लोदिंग) चलती है, वहां तथा पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवक्ता पद पर अध्यापन करवा सकते हैं। विगत वर्षों में इस ब्रांच से संबंधित पदों पर साधारण बी.एससी. या एम.एससी. पास व्यक्ति को ले लिया जाता था, लेकिन अब उन पदों के लिये बी. टेक. आवश्यक योग्यता कर दी गई है। डिग्री कॉलेजों में अध्यापन के लिये एम. टेक. की डिग्री चाहिये जो भी इस कॉलेज से बी. टेक. के बाद प्राप्त कर सकते हैं।

निजी क्षेत्र में आदित्य बिरला ग्रुप, रेमण्ड, दिग्जाम, अरविंद, रिलायंस, नाहर, वेलस्पन, ओसवाल, बीपीएल, मयूर सूटिंग्स, बिरला रिसर्च संस्थान का रेयॉन डिविजन आदि प्रसिद्ध ग्रुप हैं, जिनमें हमेशा ट्रेनी विद्यार्थियों की माँग बनी रहती है। विभिन्न प्रोसेस हाउसों में छात्र अपना अच्छा भविष्य बना सकते हैं। छात्र विभिन्न प्रकार के रंजकों और इस विधा से संबंधित रसायनों की मार्केटिंग और टेस्टिंग में भी रोजगार पा सकते हैं।

इस प्रकार टेक्सटाइल केमिस्ट्री में बी. टेक. के बाद सरकारी और निजी संस्थानों में रोजगार के अच्छे अवसर मिलते हैं, बशर्ते छात्र थोड़े मेहनती हों और समय-समय पर संबंधित वेबसाइट्स को देखते रहें।

प्रवेश बाबत छात्र या अभिभावक अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं:

डॉ. श्याम सुंदर बैरवा

सहायक प्रोफेसर, टेक्सटाइल केमिस्ट्री

माणिक्यलाल वर्मा टेक्सटाइल एवं इंजीनियरिंग कॉलेज,

भीलवाड़ा – 311001

मोबाइल: 8764122431

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