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नया चीन या उससे भी बेहतर… भारत की इकोनॉमी पर जिम  दिग्‍गज रोजर्स की बड़ी भविष्‍यवाणी

नई दिल्‍ली

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नई दिल्‍ली।  जिम रोजर्स दुनिया के जाने-माने निवेशक हैं। उन्‍होंने भारत की आर्थिक क्षमता पर बड़ा बयान दिया है। उनके मुताबिक, भारत में ग्‍लोबल पावरहाउस बनेने की क्षमता है। जिम रोजर्स का मानना है कि भारत ‘नया चीन या उससे भी बेहतर’ बन सकता है। शर्त यह है कि वह विकास-समर्थक आर्थिक सुधारों को जारी रखे। रोजर्स ने भारत की विशाल, शिक्षित आबादी और बढ़ते बाजार को इसकी ताकत बताया है। ये इसे ग्‍लोबल अर्थव्यवस्था में मजबूत स्थान हासिल करने का असली मौका देते हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि यह अवसर अपने आप नहीं मिलेगा। यह पूरी तरह से नीतिगत दिशा पर निर्भर करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रोडक्टिविटी बढ़ाने, व्यापार करने में आसानी लाने और निवेश का समर्थन करने वाले सुधार नहीं किए गए तो भारत की क्षमता रुक सकती है। उन्होंने यह भी ध्‍यान दिलाया कि हाल में विदेशी निवेशकों की निकासी के बावजूद भारतीय शेयर बाजार घरेलू निवेशकों के कारण लचीला बना हुआ है। वह इसे एक सकारात्मक संकेत मानते हैं। रोजर्स क्वांटम फंड के सह-संस्थापक हैं। उन्होंने ईटी नाउ से बात करते हुए भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर अपना नजरिया रखा। दिग्‍गज निवेशक के अनुसार, अगर सरकार का रवैया सही रहा तो भारत दुनिया के सबसे सफल देशों में से एक बन जाएगा। हालांकि, यह मौका अपने आप नहीं मिलेगा। यह सब नीतियों पर निर्भर करता है। अगर सुधारों से उत्पादन नहीं बढ़ा, कारोबार करना आसान नहीं हुआ और निवेश को बढ़ावा नहीं मिला तो यह संभावना रुक सकती है।

भारत में चीन से भी बेहतर बनने की क्षमता

विदेशी निवेशक आजकल भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। इसके बावजूद बाजार मजबूत बना हुआ है। छोटे निवेशकों ने बाजार को गिरने से बचा लिया है। जिम रोजर्स इसे अच्छा संकेत मानते हैं। उनका कहना है कि भारत में चीन से भी बेहतर बनने की क्षमता है। लेकिन, इसके लिए सरकार को सही नीतियां बनानी होंगी। अगर नीतियां सही नहीं होंगी तो भारत पिछड़ सकता है। जिम रोजर्स अभी भारतीय शेयर बाजार में पैसा नहीं लगा रहे हैं। उन्होंने चीन और उज्बेकिस्तान में निवेश किया है। उन्हें लगता है कि इन देशों के बाजार में सुधार हो रहा है। रोजर्स भारत पर नजर रखे हुए हैं। अगर भारत में गिरावट आती है तो वह फिर से निवेश कर सकते हैं।

अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर नहीं भरोसा

अमेरिका पर बात करते हुए रोजर्स ने कहा कि वह दुनिया का सबसे बड़ा कर्जदार देश है। उन्होंने डॉलर में निवेश सिर्फ सावधानी के तौर पर किया है। उन्हें अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भरोसा नहीं है। उनका मानना है कि जब दुनिया में डर का माहौल होगा तो डॉलर मजबूत होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि लोगों के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं होगा। रोजर्स को यह भी नहीं पता कि वह आगे क्या करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्‍हें कोई दूसरी करेंसी नहीं दिखती जो डॉलर से मुकाबला कर सके। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, ‘अगर आपको कोई करेंसी पता है तो मुझे ईमेल करें।’ भारत अभी दुनिया को दिखा रहा है कि वह चीन का अच्छा विकल्प बन सकता है। पश्चिमी देशों में राजनीतिक तनाव और बढ़ती लागत के कारण कई कंपनियां चीन से बाहर निकलना चाहती हैं। भारत के पास सुनहरा मौका है। रोजर्स का कहना है कि भारत को इस मौके का फायदा उठाना चाहिए। इसके लिए उसे लगातार सुधार करते रहने होंगे। अच्छी सरकार चलानी होगी। उनका संदेश साफ है: दुनिया देख रही है और दरवाजा खुला है। लेकिन, यह हमेशा खुला नहीं रहेगा। जिम रोजर्स ने भारत के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि भारत में बड़ी और शिक्षित आबादी है। भारत का बाजार भी तेजी से बढ़ रहा है। ये चीजें भारत को आगे बढ़ने में मदद कर सकती हैं। लेकिन, भारत को सही नीतियां बनानी होंगी। अगर भारत सही नीतियां बनाता है तो वह चीन से भी आगे निकल सकता है। (साभार)

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