मुसलमानों ने बता दिया कि देशभक्त कौन है
भारत-पाकिस्तान का संघर्ष विराम हो चुका है, सीमाओं पर शांति है। भारत की फौजों ने पाकिस्तान की नापाक करतूत का मुंह तोड़ जवाब दिया। दो-तीन दिन की झड़पों में भारतीय सेना ने पाकिस्तान सेना और पाकिस्तानी नेताओं को घुटनों पर ला दिया। पाकिस्तान ने हवाई, ड्रोन एवं मिसाइल हमले किए। लेकिन शक्तिशाली भारतीय सेना ने देश की सीमा में घुसने से पहले इन सबको मार गिराया। भारतीय सेना ने दिखा दिया कि देश की रक्षा के लिए पाकिस्तान या किसी भी देश में घुसकर मारना उसके लिए असंभव नहीं है। युद्ध की स्थिति में देश को दुश्मन पर तब ही सफलता या विजय मिलती है जब देश की जनता की ओर से हर प्रकार का सहयोग मिलता है। दुश्मन देश पाकिस्तान ने पहले तो धर्म पूछ कर आतंकवादी हमला करवाया और फिर भारत देश में हिंदू-मुस्लिम के बीच टकराव करवाने के लिए चालें चली। पाकिस्तान की कुटिल चालों का साथ देश के अंदर कुछ राजनेताओं, संगठनों एवं भटके हुए लोगों ने भी दिया। लेकिन भारत-पाकिस्तान में तनाव के बीच देश के मुसलमानों ने मोदी सरकार, प्रदेश सरकारों, सुरक्षा बलों एवं सरकारी एजेंसियों एवं सरकारी नीतियों का एक तरफा आंख बंद करके साथ दिया और देश को मुश्किल समय में मजबूती प्रदान की। देश में मुस्लिम समुदाय का बच्चा, बड़ा, औरत और मर्द देश की कुर्बानी के लिए तैयार बैठा था।मुस्लिम समुदाय के राजनेताओं, कार्यकर्ताओं, सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों, व्यवसायियों, आम आदमी एवं सेनाओं में कार्यरत मुसलमानों ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए कमर कस ली थी। मुस्लिम पत्रकारों एवं समाजसेवियों ने भी मुस्लिम अवाम को पाकिस्तान को सबक सिखाने, उसके विरोध में खड़ा करने में बड़ा योगदान दिया। इस दौरान मुसलमानों की पाकिस्तान के विरोध में आंदोलन और रुख को देखकर ऐसे लोग गायब हो गए हैं, जो मुसलमानों से बात-बात पर देशभक्ति का सर्टिफिकेट मांगते थे। इस अवसर पर मुसलमानों ने बता दिया कि देश का मुसलमान सबसे ज्यादा देशभक्त है और देश की खातिर कुर्बानी देने से कभी भी पीछे नहीं हटेगा। भारत का मुसलमान देश पर संकट आने पर कुर्बानी देने के लिए तैयार है, जिस तरह देश के स्वतंत्रता संग्राम में कुर्बानी मुसलमानों ने दी थी।
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