एक हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिला प्ररेणादायक प्रशिक्षण
– महिला एवं बाल विकास विभाग और रॉकेट लर्निंग की पहल से बच्चों के समग्र विकास को मिलेगा नया आयाम
सवाई माधोपुर, (रॉयल पत्रिका)। जिला प्रशासन सवाई माधोपुर एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों को सषक्त और गुणवत्तपूर्ण बाल देखभाल का का केन्द्र बनाने की दिषा में निरंतर प्रयास किए जा रहे है। महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से रॉकेट लर्निंग संस्था द्वारा जिले की सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर रही हैं। रॉकेट लर्निंग एक गैर-सरकारी संस्था है जो प्रारंभिक एवं पूर्व प्रारंभिक शिक्षा के लिए काम करती है। संस्था माता-पिता, आंगनवाड़ियों को जोड़ने के लिए डिजिटल और डायरेक्टरेट हस्तक्षेप के मिश्रण का उपयोग करती है। इसी के अंतर्गत रॉकेट लर्निंग के द्वारा टोंक जिले के सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सेक्टर अनुरूप पूर्व में मॉड्यूल 1 प्रारम्भिक ब्लायावस्था शिक्षा का महत्व तथा विकास के आयाम का प्रशिक्षण दिया गया था। संस्था के द्वारा सम्पूर्ण जिलें में “आंगनवाड़ी प्रशिक्षण कार्यक्रम” की शुरुआत अप्रैल माह से शुरू किया गया था, जिसकी कुल अवधि 180 मिनट थी। इस समयावधि के अंतर्गत बतौर सुगमकर्ता लवीश सांखला, चितरंजन नामा तथा मोहित वैष्णव के द्वारा जिले के समस्त 38 सेक्टर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मुख्य सत्र के रूप में कार्यक्रम का अवलोकन एवं मूल्यांकन, आईस ब्रेकर गतिविधियाँ, खेल और बच्चों के लिए उत्साहवर्धक एवं सुरक्षित वातावरण, समग्र विकास और विकास के विभिन्न क्षेत्रों का परस्पर संबंध, कक्षा कक्ष का आयोजन, दैनिक दिनचर्या एवं टीएलएम (शिक्षण अधिगम सामग्री) पर प्रभावी प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने खेलों के माध्यम से बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के नए तरीकों को सीखा। उन्होंने यह समझा कि कैसे एक प्रेरक और सुरक्षित वातावरण बच्चों के सामाजिक, भावनात्मक, भौतिक और संज्ञानात्मक विकास में सहायक होता है। कार्यकर्ताओं ने कक्षा कक्ष की सजावट, दिनचर्या के निर्माण और बच्चों की उम्र के अनुसार टीएलएम (शिक्षण अधिगम सामग्री) के प्रभावी उपयोग के व्यावहारिक तरीके सीखे। इसके अलावा, गतिविधि आधारित शिक्षण और समूह कार्यों के माध्यम से उन्होंने आपसी संवाद और टीमवर्क को भी बेहतर तरीके से अपनाने की दिशा में प्रगति की। कई कार्यकर्ताओं ने साझा किया कि प्रशिक्षण से उन्हें अपने कार्य में नई ऊर्जा और रचनात्मकता मिली है, जिसे वे अपने केंद्रों में लागू करने को उत्साहित हैं। प्रशिक्षण के दौरान महिला एवं बाल विकास अधिकारी प्रियंका शर्मा, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी महिला परिवेक्षक आदि उपस्थित रहे। साथ ही समस्त कर्मचारियों का इस प्रशिक्षण के दौरान सहयोग रहा।
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