विधायक बालमुकुंद आचार्य जयपुर की जनता को बांटना चाहते हैं !
भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चल रहा है। पाकिस्तान आतंकियों ने 28 भारतीय पर्यटकों को, जो कश्मीर घूमने गए थे, को गोलियों से भून दिया। भारत के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री सेना और देश की जनता गुस्से में है और पाकिस्तान से बदला लेना चाहते हैं। क्योंकि पाकिस्तान अपनी गंदी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान भारत से युद्ध में चार बार शिकस्त खा चुका है। फिर भी भारत को साजिशें रचकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता रहता है। आज देश की जनता के सभी वर्गों को पाकिस्तान के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है। देश के सभी धर्मों के लोग चाहे वे हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिक्ख एवं बोद्ध हो सभी देश की खातिर एकजुट है और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े हुए हैं। देश की सभी विपक्षी पार्टिया और उनके नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान के खिलाफ उठाए जाने वाले कड़े से कड़े कदमों में साथ देना का आश्वासन दिया है। देश के 25 करोड़ मुसलमान पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए मोदी के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। देश नाजुक स्थिति में है, देश युद्ध के मुहाने पर खड़ा हुआ है। लेकिन देश में कुछ लोग नफरत की राजनीति करने, समाज में हिंदू मुस्लिम को आपस में लड़ाने का प्रयास कर रहे हैं। जयपुर में जनता के द्वारा चुने गए भाजपा के विधायक बाबा बालमुकुंद आचार्य को देश की नाजुक स्थिति में समाज की एकता, भाईचारा बढ़ाने का कार्य करना चाहिए लेकिन विधायक महोदय ने जयपुर की जामा मस्जिद के दरवाजे पर जाकर नारेबाजी की और पोस्टर चिपकाए हैं। बाबा यह क्यों भूल गए कि जामा मस्जिद मुसलमानों की इबादतगाह है पाकिस्तान भारत का बॉर्डर नहीं है। लेकिन भाजपा विधायक बालमुकुंद ने जयपुर के हिंदू मुस्लिम समाज को बांटने का प्रयास किया। जामा मस्जिद में घुसने, पोस्टर चिपकाने एवं नारेबाजी करने से जयपुर के मुसलमान और जामा मस्जिद कमेटी ने विरोध किया। एक बार तो आपस में टकराव की संभावना बन गई लेकिन जामा मस्जिद कमेटी, कांग्रेस के विधायक रफीक खान, अमीन कागजी एवं जयपुर पुलिस कमिश्नर और दूसरे आलाधिकारियों ने सूझबूझ से मामले को संभाल लिया। समझ में नहीं आ रहा है कि विधायक देश के जिम्मेदार पद पर रहते हुए जयपुर की जनता को बांटना क्यों चाहते हैं। विधायक जी को तो हिंदू मुस्लिम समुदाय के लोगों को संगठित करके पाकिस्तान के बॉर्डर पर कूच करना चाहिए लेकिन विधायक समय की नजाकत भी नहीं समझ पा रहे है कि देश हित में क्या अच्छा किया जा सकता है और क्या नहीं किया जा सकता है। विधायक के विधानसभा क्षेत्र में 1.25 लाख मुस्लिम मतदाता है। कहीं न कहीं उनकी जीत में मुसलमानों का बड़ा योगदान है। फिर भी विधायक जी हिंदू मुस्लिम की राजनीति से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। जबकि उनके क्षेत्र में विकास के काम काफी पेंडिंग पड़े हुए हैं।
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