वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के तहत मीडिया राउंड टेबल कार्यशाला का आयोजन
-जल संरक्षण के लिए जन जागरूकता में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा
बारां,(रॉयल पत्रिका)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में संचालित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जिले में शनिवार को मीडिया राउंड टेबल कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले में जल संरक्षण एवं संग्रहण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी पत्रकारों के माध्यम से व्यापक रूप से आमजन तक पहुंचाना है।
जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर के निर्देशन में कार्यशाला की शुरुआत कोटा रोड स्थित निजी रेस्टोरेंट में मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। दीप प्रज्वलन सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक योगेन्द्र शर्मा, वरिष्ठ पत्रकारों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
सहायक निदेशक योगेन्द्र शर्मा ने वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की रूपरेखा, उद्देश्यों एवं जिले में चल रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसमें जन-भागीदारी के माध्यम से जल के सतत संरक्षण की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
जल ग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग के अधीक्षण अभियंता मनोज पूरब गोला ने जिले में जल संरक्षण को लेकर सरकार द्वारा किए जा रहे अहम कार्यों की पीपीटी के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में अमृत सरोवर, एनीकट, तलाई, मॉडल तालाब, मेड निर्माण तथा चारागाह भूमि पर पौधारोपण जैसे अनेक कार्य पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान में ‘जन’ शब्द बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि जल संरक्षण कोई एक व्यक्ति या विभाग का कार्य नहीं, यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। आने वाली पीढ़ियों के लिए हमें अभी से ठोस कदम उठाने होंगे।”
जिला परिषद के एसीईओ हरीश चन्द मीणा ने ग्राम पंचायत स्तर पर जल संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार पंचायत स्तर पर संरचनात्मक विकास एवं जनजागरूकता के कार्यक्रमों के माध्यम से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाया जा रहा है।
कार्यशाला के दौरान जिले के सभी पत्रकारों, अधिकारियों और विभागीय प्रतिनिधियों ने जिले में जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं, चुनौतियों और अनुभवों को साझा किया। पत्रकारों द्वारा अभियान की निगरानी, आमजन में संप्रेषण और योजनाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु अनेक महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे गए, जिनका संबंधित अधिकारियों ने संतोषजनक उत्तर भी दिया।
इस अवसर पर एसीएफ नवनीत शर्मा, सहायक जनसंपर्क अधिकारी मोहन लाल जयपाल, महिला अधिकारिता विभाग सहायक निदेशक सतीश परिहार सहित जल ग्रहण विकास एवं भू – संरक्षण विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, पंचायत राज एवं अन्य संबद्ध विभागों के अधिकारीगण तथा जिले के प्रमुख पत्रकार गण उपस्थित रहे।
कार्यशाला के समापन पर जल संरक्षण को लेकर मीडिया की भूमिका पर चर्चा की गई और इसे जनहित में एक महाअभियान के रूप में प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यशाला ने यह स्पष्ट किया कि जल ही जीवन है और इसकी रक्षा हेतु शासन, प्रशासन एवं समाज को मिलकर कार्य करना होगा।
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