Loading...

जरूर बनवाएं अपार आईडी, योजनाओं का मिलेगा लाभ

Jaipur

Follow us

Share

जयपुर (रॉयल पत्रिका)। इन दिनों स्कूली बच्चों की अपार आईडी बनाने का काम चल रहा है। सरकारी स्कूल,  मदरसा स्कूल और प्राइवेट सभी स्कूलों में यह काम चल रहा है। सेंट्रल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने छात्रों के लिए ‘अपार’ कार्ड बनाने का काम शुरु किया है। ‘अपार कार्ड’ में छात्रों के कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक के सभी एकेडमिक रिकार्ड को दर्ज किया जाएगा। दर्ज रिकार्ड में छात्रों की मार्कशीट, उनके एकेडमिक क्वालिफिकेशन, आय और जाति प्रमाण पत्र तक की जानकारी दर्ज होगी. APAAR कार्ड का फुल फार्म होता है Automated Permanent Academic Account Registry जिसका हिंदी में अर्थ होता है ऑटोमैटिक स्थायी शैक्षणिक खाता पंजीकरण। अपार आईडी केंद्र सरकार की ‘वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी’ स्कीम के तहत बन रही है। इसमें प्रत्येक छात्र को एक 12 अंकों का यूनिक आईडी नंबर मिलेगा। राजधानी जयपुर में भी सभी स्कूलों में अपार आईडी का काम तेजी से चल रहा है। जयपुर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अभिषेक सिद्ध ने बताया कि मदरसा स्कूलों द्वारा भी APAR आईडी में सहभागिता दिखाई जा रही है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा बच्चों को मुहैया कराया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि सभी मदरसा स्कूल पीटीएम आयोजित करके अभिभावकों कों APAR आईडी के लाभो के बारे में जागरूक करें।

छात्रों को हैं कई फायदे :
अपार आईडी कार्ड से स्टूडेंट्स को काफी फायदे हैं। एक स्कूल छोड़कर किसी दूसरे स्कूल में जाने पर सभी डॉक्यूमेंट्स लेकर नहीं जाना पड़ेगा। यूनिक आईडी कार्ड का नंबर देखकर सब डिटेल्स प्राप्त कर सकते हैं। अपार आईडी कार्ड का उपयोग पूरे देश में कर सकते हैं।

नौकरी के आवेदन में नहीं होगी दिक्कत:
अपार आईडी कार्ड जो आधार कार्ड की तरह ही है। इस कार्ड पर संबंधित स्टूडेंट्स की यूनिक आईडी मेंशन होगी। ये कार्ड प्राइमरी से लेकर हायर एजुकेशन तक के छात्र-छात्राओं के बनाए जा रहे हैं। विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं और एडमिशन के दौरान वेरिफिकेशन करना एवं छात्रवृत्ति, क्रेडिट अकमुलेशन, क्रेडिट रिडेम्प्शन, क्रेडिट अकाउंटिंग, एक संस्थान से दूसरे संस्थान में क्रेडिट ट्रांसफर, इंटर्नशिप, सर्टिफिकेशन, नौकरी आवेदन और अकादमिक रिकॉर्ड्स के ऑथेंटिकेशन में अपार आईडी काफी काम आएगी। सरकारी योजनाओं का लाभ अब सीधे बच्चों को मुहैया करवाया जाएगा। छात्रों का डिजिटल लॉकर होगा, जहां एक ही जगह से छात्र अपने डॉक्यूमेंट प्राप्त कर सकेंगे। माता-पिता के एक शहर से दूसरे शहर या एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर के मामले में यह काफी सहायक साबित होता है।

आधार से जुड़ी होगी अपार आईडी:

अपार आईडी को छात्र के आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा। अगर छात्र नाबालिग है तो अपार आईडी बनाने के लिए माता-पिता से अनुमति जरूरी है। छात्र का आधार कार्ड अपार आईडी से माता-पिता की सहमति से ही जोड़ा जाएगा।  माता-पिता कभी भी अपनी सहमति वापस लेने का विकल्प चुन सकते हैं।

             सभी स्कूलों में अपार आईडी का काम तेजी से चल रहा है। लेकिन मदरसा स्कूल इसमें पिछड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। मदरसों को भी अपनी सहभागिता दिखाते हुए तेजी से अपार आईडी का काम पूरा करना चाहिए। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा बच्चों को मुहैया कराया जा सकेगा।

अभिषेक सिद्ध
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
जयपुर

 

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।