लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया दिव्याशा केंद्र का उद्घाटन, दिव्यांगजनों को मिला सम्मान और सहारा
कोटा, (रॉयल पत्रिका)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को कोटा के एमबीएस अस्पताल परिसर में प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र दिव्यांगजनों के आत्मबल, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ेगा। यह केवल उपकरण वितरण का केंद्र नहीं बल्कि दिव्यांगजन के आत्मसम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का माध्यम बनेगा। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहल समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग तक विकास और अधिकार की पहुंच सुनिश्चित करने की सोच का सशक्त उदाहरण है। आज देशभर में दिव्यांगजन आत्मबल के साथ अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं, उन्होंने स्वयं देखा है कि कैसे दिव्यांगजन मोटरसाइकिल से कुल्फी, कपड़े आदि बेचते हुए आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस परिवर्तन ने समाज की सोच को भी बदला है।
- दिव्यांग – शब्द नहीं, सोच का बदलाव-
बिरला ने कहा कि यह केन्द्र प्रधानमंत्री मोदी की उस संवेदनशील सोच का सजीव उदाहरण है जिसमें हर नागरिक विशेषकर हमारे दिव्यांगजन और वरिष्ठजन, गरिमा और आत्मसम्मान के साथ जीवन जी सकते हैं। पीएम द्वारा ‘विकलांग’ के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द को अपनाना केवल भाषाई परिवर्तन नहीं, बल्कि दृष्टिकोण में बदलाव की एक अनूठी पहल है। उन्होंने कहा, ‘‘दिव्याशा केन्द्र की मानवीय और पुनीत पहल के लिए मैं पीएम मोदी को धन्यवाद देता हूं।’’
- राज्य सरकार की पहल की सराहना-
बिरला ने मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ित व्यक्ति को मुख्यमंत्री इलेक्ट्रिक व्हील चेयर योजना के तहत ऑटोमेटेड मोटरसाइकिल उपलब्ध कराने के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि इससे दिव्यांगजनों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा।
- सहायक उपकरणों से बदलेगा जीवन-
प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र में दिव्यांगजनों को दंत प्रत्यारोपण, चश्में, कृत्रिम अंग, कमर व गर्दन के पट्टे, सहायक छड़ियां और अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। विशेष रूप से डिज़ाइन की गई ऐसी छड़ी भी दी जाएगी जो अंधेरे में व्यक्ति की मौजूदगी का संकेत देती है। यह सभी उपकरण दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुलभ और सक्रिय बनाएंगे।
- कोटा में बनेगा दिव्यांगजन पार्क-
बिरला ने कोटा में 15 करोड़ रू. की लागत से एक आधुनिक दिव्यांगजन पार्क के निर्माण की घोषणा की। इस पार्क में योग केंद्र, व्यायाम स्थल, पुस्तकालय और रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं होंगी, जहां दिव्यांगजन स्वतंत्र रूप से समय व्यतीत कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह पार्क शारीरिक सुविधा के साथ ही बल्कि आत्मबल और आत्मविश्वास को भी मज़बूती देगा।
प्रदेश की तीसरा और आधुनिक केन्द्र-
एलिम्को, कानपुर के विपणन प्रबंधक हरीश कुमार ने बताया कि यह राजस्थान का तीसरा प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र है जिसमें 16 प्रकार के उपकरण वरिष्ठ जनों की सहायतार्थ एवं 16 प्रकार के उपकरण दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध हैं। जरूरतमंद पात्र जन सीधे ही केंद्र में आकर जरूरी दस्तावेज दिखाकर सहायता उपकरण प्राप्त कर सकते हैं। बिरला ने कार्यक्रम में 127 वरिष्ठ जनों को व 99 दिव्यांगजनों को उपकरण भेंट किए। इसमें मोटराइज्ड ट्राईसाईकिल, व्हील चेयर, स्मार्ट स्टिक, श्रवण यंत्र, गले का पट्टा, कृत्रिम अंग, वॉकर, छड़ी एवं अन्य उपकरण शामिल है। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की संयुक्त निदेशक सविता कृष्णिया, एलिम्को आरएमसी, जयपुर के उप प्रबंधक एवं प्रभारी हरीश कक्कड़, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ संगीता सक्सेना, महाराव भीम सिंह चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ धर्मराज मीणा सहित अन्य अधिकारी, चिकित्सक एवं गणमान्य जन उपस्थित रहे।
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