Loading...

मानसून ने पकड़ी रफ्तार, गोवा में की एंट्री…यूपी-एमपी में प्री-मानसून बारिश से पारा लुढ़का

Follow us

Share

नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार (4 जून, 2026) को केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने की पुष्टि की। यह मानसून के सामान्य रूप से आने की तारीख 1 जून से तीन दिन और विभाग की अपनी भविष्यवाणी वाली तारीख से चार दिन की देरी से आया है। 4 दिन की देरी से आने के बाद मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मानसून केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु को पार कर अब गोवा पहुंच गया है। मुंबई में भी इसके जल्द पहुंचने की संभावना है। फिलहाल पणजी, बेंगलुरु, सलेम, पंबन में मानसून के कारण तेज बारिश हो रही है।

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन दिन में मानसून असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल और बंगाल के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकता है। 10 दिन में यह बिहार, झारखंड और ओडिशा में आ सकता है। हालांकि, बाद में मानसून अटक सकता है। वहीं, केरलम में आज बारिश का रेड अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां तेज बारिश हो सकती है। बारिश को देखते हुए वायनाड-कासरगोड में स्कूल आज बंद रहेंगे। टूरिस्ट ट्रेकिंग स्पॉट पर जाने, पहाड़ी रास्तों पर रात में ट्रैवलिंग और पत्थर निकालने के काम पर रोक लगा दी गई है।

केरल में हुई तेज बारिश

इससे पहले केरल में शुक्रवार को रातभर तेज बारिश हुई। बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया, कई जगह पेड़ उखड़ गए हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को भी केरल के 8 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया। यहां बारिश के साथ 40 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान आने की आशंका है। वहीं तमिलनाडु के नीलगिरी, थेनी, डिंडीगुल और कोयंबटूर के घाट वाले इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान, बिजली और बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।

Advertisement

7 राज्यों में प्री-मानसून एक्टिव

स्काईमेट वेदर के एक्सपर्ट जीपी शर्मा के मुताबिक एमपी, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बंगाल में मानसून को आगे बढ़ाने के लिए बंगाल की खाड़ी में एक मजबूत सिस्टम की जरूरत होती है, जो फिलहाल मौजूद नहीं है। ऐसे में इन राज्यों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। गुजरात को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में प्री-मानसून एक्टिव है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश हो रही है। इन राज्यों में आज के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

राजस्थान में 25 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

राजस्थान में प्री-मानसून की शुरुआत अच्छी रही। दो दिनों तक आंधी-बारिश के चलते अधिकतम तापमान में 5 डिग्री तक गिर गया। वहीं प्री-मानसून के चलते बांसवाड़ा, बूंदी और भीलवाड़ा समेत कई जिलों में 3 इंच तक पानी बरसा। चूरू, हनुमानगढ़ और बीकानेर में ओले भी गिरे। करौली, दौसा, डूंगरपुर, नागौर और जयपुर समेत कई शहरों का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया। मौसम विभाग ने शनिवार को 25 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, 8 जून से राज्य के पश्चिमी हिस्सों में एक बार फिर गर्मी के तेवर तीखे होने और हीटवेव की चेतावनी है।

यूपी में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी

यूपी में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी है। वाराणसी में बिजली गरज के साथ जोरदार बारिश हुई। करीब एक घंटे की झमाझम बारिश के चलते मौसम सुहावना हो गया। कौशांबी में भी सुबह-सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई। अमेठी में मिट्‌टी की दीवार ढहने से मां-बेटी की मौत हो गई। बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 43 जिलों में बारिश, 21 जिलों में आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 24 घंटे में पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो जाएगा।

22 जून को एमपी पहुंच सकता है मानसून!

मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश के चलते पारा लुढ़क गया है। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। एमपी के श्योपुर जिले में पारा 32 डिग्री के साथ सबसे ठंडा शहर रहा, जो प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी (34.2 डिग्री) से भी ठंडा दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने शनिवार रात में कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य तारीख से 5 से 7 दिन देरी से पहुंच सकता है। प्रदेश में मानसून की सामान्य एंट्री 15 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार इसके 20 से 22 जून के बीच पहुंचने की संभावना है।

क्या होता है मानसून?

दरअसल में हवाओं के मौसमी परिवर्तन और उनसे होने वाली वर्षा की प्रणाली को मानसून कहते हैं। देश की कुल बारिश की 70-75 फीसदी मानसून ही लाता है। गर्मियों में भारतीय उपमहाद्वीप तेजी से गर्म होता है, जिससे उत्तर भारत में हवाओं का निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है। वहीं हिंद महासागर पर उच्च दबाव रहता है। इस दबाव के अंतर के कारण दक्षिण-पश्चिम दिशा से नम हवाएं भारतीय भूमि की ओर खिंचकर आती हैं।

कहां से आता है मानसून?

हवाएं अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आती हैं, जिससे भारी बारिश होती है। मानसून हवाओं के दो मुख्य रूट अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की शाखा है। अरब सागर में ये हवाएं केरल से शुरू होकर मुंबई, गुजरात, राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ती है। बंगाल की खाड़ी की तरफ से ये हवाएं अंडमान-निकोबार से शुरू होकर पूर्वोत्तर राज्यों, बंगाल, बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ती है।

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।