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जयपुर के प्रो. मिर्ज़ा साक़िब बैग को मिला हार्वर्ड में विशेष सम्मान

Jaipur

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  • बायोमेडिकल साइंस में बनाई वैश्विक पहचान

जयपुर। गुलाबी नगरी जयपुर एक बार फिर गर्वित है। यहां जन्मे और पले-बढ़े प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. (डॉ.) मिर्ज़ा साक़िब बैग को हाल ही में अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय में विशेष सम्मान से नवाज़ा गया है। यह सम्मान उन्हें बायोमेडिकल विज्ञान में उनके अनुकरणीय योगदान और मानवता की सेवा में किए गए शोध कार्यों के लिए प्रदान किया गया। हार्वर्ड विश्वविद्यालय, अमेरिका का एक प्रतिष्ठित और विश्वविख्यात शिक्षण संस्थान है, जो अपनी उच्चतम शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध के लिए जाना जाता है। यहां सम्मान मिलना किसी भी वैज्ञानिक के लिए गौरव की बात होती है। जयपुर में जन्मे प्रो. बैग ने राजस्थान विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से एम.एससी. पूरी करने के बाद लखनऊ के सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट से पीएच.डी. की। इसके बाद उन्होंने मेयो क्लिनिक और यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय एट शिकागो में बायोमेडिकल रिसर्च में पोस्टडॉक्टोरल शोध किया। इम्यूनोलॉजी और कैंसर अनुसंधान में प्रो. बैग के कार्यों ने उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाई। विशेष रूप से कोविड-19 के दौरान वैक्सीन विकास और रोग उपचार के क्षेत्रों में उनका योगदान सराहनीय रहा।वैज्ञानिक प्रो. बैग ने कैम्ब्रिज, ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड जैसे विश्व के शीर्ष संस्थानों में विज़िटिंग प्रोफेसर के रूप में भी योगदान दिया है। इतनी ऊंचाइयों को छूने के बाद भी, वे जयपुर से गहराई से जुड़े हैं।आज वे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT),इंदौर में एक प्रमुख वैज्ञानिक और शिक्षक हैं। उनकी प्रयोगशाला में कैंसर और पुरानी सूजन से संबंधित बीमारियों के लिए नई दवाओं की खोज पर गहन शोध चल रहा है। प्रो. बैग की उपलब्धियाँ उनकी पारिवारिक जड़ों से भी जुड़ी हैं। उनके पिता मिर्ज़ा मुख़्तार बैग एक प्रतिष्ठित सिविल इंजीनियर थे, जिन्होंने उन्हें ईमानदारी और निष्ठा के संस्कार दिए। उनके बड़े भाई, कैप्टन मिर्ज़ा मोह्ताशिम बैग, पिछले 25 वर्षों से एक कुशल एयरलाइन पायलट हैं। एक भाई, मिर्ज़ा शारिक बैग, सिविल इंजीनियर हैं, जिन्होंने जयपुर के जल महल के सौंदर्यीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके अलावा, प्रो. बैग की भाभी, रूबी खान, राजस्थन की मशहूर समाज सेविका और राजनेता हैं। प्रो. बैग अपने परिवार की दुआओं और अपने पिता की शिक्षाओं को अपनी सफलता का आधार मानते हैं। वे कहते हैं कि मेरे पिता ने हमें मेहनत, ईमानदारी और विनम्रता सिखाई। मेरे भाइयों और परिवार के समर्थन ने मुझे हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। वैज्ञानिक प्रो. बैग और उनके भाइयों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे जयपुर का नाम रोशन किया है। तीनों भाइयों का सौम्य और शालीन स्वभाव उनकी सफलता को और भी खास बनाता है। उनकी कहानी आज नई पीढ़ी के लिए एक मिसाल है, जो सिखाती है कि मेहनत, लगन और अच्छे संस्कारों के साथ कोई भी सपना हकीकत में बदल सकता है।जयपुरवासियों के लिए वैज्ञानिक प्रो. बैग की यह उपलब्धि गर्व का विषय है

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