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जयपुर की ‘महाराजा लाइब्रेरी’ जहां हवेली में बसी है किताबों की दुनिया

Jaipur

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जासिर पठान 

जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। जयपुर, एक ऐसा शहर जिसकी दीवारों में इतिहास की खुशबू और सांस्कृतिक विरासत की अमिट छाप समाई हुई है। इस ऐतिहासिक नगरी की पहचान न केवल उसकी भव्य हवेलियों और किलों से है, बल्कि यहाँ स्थित कई सांस्कृतिक संस्थान भी इसे खास बनाते हैं। ऐसी ही एक अनमोल धरोहर है चौड़ा रास्ता पर स्थित गवर्नमेंट महाराजा पब्लिक लाइब्रेरी, जो अपनी वास्तुकला और समृद्ध पुस्तक संग्रह के कारण पाठकों के लिए एक विशेष आकर्षण का केंद्र है। महाराजा माधोसिंह द्वारा 1866 में निर्मित यह हवेली आज भी अपने हैरिटेज रूप में विद्यमान है और राजस्थान की सांस्कृतिक छटा को जीवंत रखती है। इस पुस्तकालय में इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य तथा विज्ञान जैसे अनेक विषयों की दुर्लभ एवं हस्तलिखित पुस्तकें उपलब्ध हैं, जो ज्ञान की खोज में लगे शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए बहुमूल्य साधन हैं। यह लाइब्रेरी न केवल जयपुर की, बल्कि पूरे राजस्थान की सबसे बड़ी और पुरानी सार्वजनिक पुस्तकालयों में से एक है, जो शिक्षा और विद्या के प्रसार में अपना अहम योगदान दे रही है। माना जाता है कि इस पुस्तकालय में महाराजा सवाई जयसिंह के कई ग्रंथ मौजूद हैं। जयपुर शहर के संस्थापक सवाई जयसिंह काफ़ी विद्वान व्यक्ति थे , उन्होंने अपने जीवनकाल में कई ग्रंथ लिखे जिनका एक बड़ा संग्रह इस पुस्तकालय में पाठको और खोजकर्ताओ के लिए उपलब्ध हैं। इस पुस्तकालय में कई हस्तलिखित एवं दुर्लभ ग्रंथ मौजूद हैं। इसमें 108 दुर्लभ एवं 300 से अधिक हस्तलिखित ग्रंथ मौजूद हैं। इस पुस्तकालय में अबुल फ़ज़ल द्वारा उर्दू में अनूदित ‘महाभारत’  भी उपलब्ध है। इसके अलावा यहाँ कई पत्रिकाएं भी हैं, जो एक अपना संग्रह बनाती हैं। 1860 से भारत एवं पूरे विश्व की प्रमुख पत्रों का एक संग्रह भी यहाँ मौजूद है। जिसमे पॉयनियर, द लीडर, द टाइम्स ऑफ़ इंडिया, लंदन न्यूज़ एवं द ग्राफ़िक शामिल हैं।

महाराजा लाइब्रेरी में सरकारी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रो के लिए भी काफ़ी पुस्तक एवं पत्रिकाएँ उपलब्ध है। UPSC एवं सिविल सर्विसेज के लिए छात्रो को जिन पत्रिकाओं एवं न्यूज़ पेपर्स की ज़रूरत होती है वो यहाँ निशुल्क उपलब्ध है। यहाँ 12 न्यूज़पेपर्स एवं 19 पत्रिकाएँ छात्रो के लिए प्रतिदिन मौजूद रहती है, जिससे छात्र-छात्राओं को जीके और करंट अफेयर्स आदि की अच्छी तैयारी करते हैं। ये पुस्तकालय जयपुर डिवीज़न की सबसे बड़ी लाइब्रेरी है जिसका रख रखाव राजस्थान सरकार का लैंग्वेज एंड लाइब्रेरी डिपार्टमेंट  के अंतर्गत आता है। यहाँ पाठको के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। जैसे रीडिंग रूम्स, फ़्री वाईफाई इंटरनेट सुविधा आदि। लाइब्रेरी का समय सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक है। लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए पाठकों को मेम्बरशिप लेनी पड़ती है जो केवल  100 रुपये है। इस मेम्बरशिप के साथ पाठक वहाँ बैठ कर पढ़ सकते हैं। अगर कोई पाठक यहाँ से किताब लेना चाहे तो एक किताब की वार्षिक राशि 1000 रुपये की सिक्योरिटी जमा करनी होगी, इसके बाद उस किताब को वो लाइब्रेरी से ले जा सकते है, जिसे उन्हें 14 दिन में रिन्यू कराना होगा। इस पुस्तकालय में कई किताबों का अद्भुत संग्रह पाठको के लिए मौजूद है। इसके अलावा इस पुस्तकालय में पाठको के लिए कई लचीली सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

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