स्मार्ट सिटी” की गलियों में गंदगी का “अंबार”, जर्जर नाला बना मौत का फांस
“स्मार्ट सिटी” की गलियों में गंदगी का “अंबार”, जर्जर नाला बना मौत का फांस
निगम और जनप्रतिनिधि मौन
वार्ड 19 के निवासियों का फूटा गुस्सा; पार्षद को बताया ‘लापता’, विधायक के आश्वासनों पर भी उठाए सवाल; नाले में गिर चुके हैं वाहन और राहगीर
भूप सिंह
जयपुर (रॉयल पत्रिका) I जयपुर राजधानी जयपुर को ‘गुलाबी नगरी’ और साफ-सुथरा शहर कहा जाता है I लेकिन शहर की अंदरूनी बस्तियों की हकीकत इसके उलट है। वार्ड नंबर 19 (हवामहल जोन) में स्थित एक विशाल नाला वर्तमान में नर्क का द्वार बना हुआ है। नाले में जमा गंदगी का अंबार और इसकी जर्जर दीवारें किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रही हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारी और क्षेत्रीय पार्षद उनकी शिकायतों को अनसुना कर रहे हैं।
नाले की दीवार में आई दरारें, हादसे का डर
रॉयल पत्रिका की टीम ने जब मौके का मुआयना किया तो पाया कि नाले की दीवारें कई जगह से टूट चुकी हैं और उनमें गहरी दरारें आ गई हैं। हाल ही में एक मस्जिद की दीवार गिरने से हुए हादसे का जिक्र करते हुए स्थानीय निवासी मोहम्मद सद्दीक ने बताया, “दीवारें इतनी कमजोर हैं कि कभी भी गिर सकती हैं। यहाँ आए दिन बाइक और रिक्शा नाले में गिर रहे हैं। तीन दिन पहले ही एक मोटरसाइकिल सवार नाले में गिर गया, जिससे उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया।”
पार्षद और निगम की मिली भगत के आरोप
क्षेत्र के लोगों में स्थानीय पार्षद अफज़ल महबूब के खिलाफ भारी आक्रोश है। मोहम्मद रईस और अन्य युवाओं का कहना है कि पार्षद सिर्फ बजट न होने का बहाना बनाते हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि नाले का निर्माण इतना घटिया होता है कि वह दो महीने भी नहीं टिकता। निवासियों ने तीखे शब्दों में कहा, “पार्षद और ठेकेदार मलबे और मिट्टी से काम चला देते हैं ताकि दोबारा टेंडर पास कराकर पैसा बनाया जा सके । आगामी पार्षद चुनाव में जनता इन्हें सबक सिखाएगी।”
विधायक से उम्मीद, पर धरातल पर काम शून्य
हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य से भी क्षेत्रवासियों ने गुहार लगाई है। लोगों का कहना है कि विधायक साहब आते हैं, देखकर चले जाते हैं और नाले को ऊपर से ढकने (छपाने) का आश्वासन भी देते हैं I लेकिन अब तक एक पत्थर भी नहीं हिला है। स्थानीय निवासी इस बात से परेशान हैं कि सत्ता में होने के बावजूद विधायक इस गंभीर समस्या का समाधान क्यों नहीं करवा पा रहे हैं।
अधिकारियों ने साधी चुप्पी, जिम्मेदारी से झाड़ रहे पल्ला
जब इस समस्या को लेकर ‘रॉयल पत्रिका’ ने हवामहल जोन कार्यालय के अधिकारियों से संपर्क किया, तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया। अधिकारियों का तर्क है कि यह मामला पुराने अधिकारियों के समय का है। वहीं पार्षद ने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा और विधायक ने शहर से बाहर होने का हवाला दिया। सवाल यह है कि अगर इस जर्जर नाले की वजह से कोई जनहानि होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?
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