जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025: दिल्ली में साहित्य के महाकुंभ की अद्भुत झलक
जयपुर(रॉयल पत्रिका)। “दुनिया के सबसे बड़े साहित्यिक आयोजन” के रूप में विख्यात जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का 18वाँ संस्करण, 30 जनवरी से 3 फरवरी, 2025 तक होटल क्लार्क्स आमेर, जयपुर में आयोजित होगा। मुख्य फेस्टिवल से पहले, कार्यक्रम की आयोजक टीमवर्क आर्ट्स ने लीला पैलेस, नई दिल्ली में हाल ही में इसका दिल्ली-प्रीव्यू आयोजित किया, जिसमें इस आयोजन की तैयारियों और कार्यक्रमों की एक झलक पेश की गई। इस वर्ष फेस्टिवल की थीम उन विचारों और किताबों पर आधारित है, जिन्होंने हमारी दुनिया को गहराई से प्रभावित किया है और हमारी कल्पना को उड़ान दी है।लोकतंत्र और समानता पर आधारित सत्र, न्याय और संवैधानिक आदर्शों को गहराई से समझने का प्रयास करेंगे। जहां एक ओर क्राइम-फिक्शन जैसी सदाबहार शैली इसमें रहस्य और रोमांच का तड़का लगाएगी, वहीं दूसरी ओर जीवनियाँ और संस्मरण शैली की किताबें असाधारण लोगों के जीवन और उनकी दुनिया की बारीकियों से हमें परिचित कराएंगी। वहीं खाने के शौकीनों के लिए गैस्ट्रोनॉमी थीम, स्वाद की उस परंपरा का जश्न मनाएगी जो सरहदों के पार संस्कृतियों को जोड़ती है। इसके अलावा, नाटक, सिनेमा, इतिहास और संस्कृति पर आधारित सत्र हमारी सामूहिक विरासत से जुड़ी कथाओं पर एक विस्तृत दृष्टिकोण हमारे सामने रखेंगे।
फेस्टिवल में शामिल होने वाले कुछ प्रमुख वक्ता
नोबेल पुरस्कार विजेता
नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी, एस्थर डुफ्लो और वेंकी रामकृष्णन फेस्टिवल का हिस्सा होंगे।
बुकर/पुलित्जर पुरस्कार विजेता
गीतांजलि श्री: अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार विजेता हिंदी लेखिका।
स्टीफन ग्रीनब्लाट: पुलित्ज़र पुरस्कार विजेता और साहित्यिक आलोचक।
प्रतिष्ठित लेखक
डेविड निकोल्स, जेम्स वुड और एंड्रयू ओ’हागन।
इतिहासकार और विचारक
गोपालकृष्ण गांधी, अनीता आनंद, मनु एस. पिल्लई और रंजीत होस्कोटे।
थिएटर, सिनेमा, और कला से जुड़े दिग्गज
डेविड हेयर, जावेद अख्तर, इम्तियाज अली और मानव कौल।
पत्रकार और मीडिया विशेषज्ञ
लिंडसे हिल्सम, टीना ब्राउन और गैथ़ अब्दुल-अहद।
अंतर्राष्ट्रीय लेखक और क्यूरेटर
अन्ना फंडर, क्लेयर मेसुद और कैटी हेसल।
नूपुर संस्थान के सहयोग से साइन लैंग्वेज और इन्टरप्रिटेशन सेशन्स इस बार भी फेस्टिवल का हिस्सा होंगे जो हर व्यक्ति तक विचारों को पहुँचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। पिछले संस्करणों में इस पहल को काफी सराहा गया था, इससे यह भी सुनिश्चित होता है कि फेस्टिवल में कहानियाँ और विचार सबकी पहुँच में हैं। फेस्टिवल नोबेल-बुकर पुरस्कार विजेताओं, पत्रकारों, नीति निर्माताओं और दुनिया भर में सराहे गए लेखकों सहित 300 से अधिक हस्तियों की मेजबानी करेगा। दक्षिण एशिया का अग्रणी प्रकाशन-सम्मेलन जयपुर बुक मार्क (JBM), अनुवाद, कहानी कहने के नए तरीकों और प्रकाशन के भविष्य में एआई की भूमिका को चर्चा के केंद्र में रखते हुए अपना 12वां वर्ष मनाएगा। पुरस्कृत इतिहासकार और फेस्टिवल के सह-निदेशक विलियम डेलरिम्पल ने कहा, “दुनिया का सबसे बड़ा लिटरेचर फेस्टिवल,जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल, एक शानदार लाइनअप के साथ लौट रहा है, जिसमें पुरस्कार विजेता लेखकों की एक फेहरिस्त है। यह फेस्टिवल एक वैश्विक मंच है जहां दुनिया की कुछ सबसे प्रभावशाली आवाजें शामिल होने, प्रेरित करने और विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए एक साथ आती हैं। यह विविध सांस्कृतिक और बौद्धिक दृष्टिकोणों को जोड़ते हुए, जरूरी बातचीत को बढ़ावा देता है। यह न केवल साहित्य का जश्न मनाता है, बल्कि इस दुनिया में जो जुड़ी होने के बावजूद एक-दूसरे से बहुत दूर भी है, ऐसी दुनिया में यह फेस्टिवल समझ और सहयोग के प्रकाशस्तंभ के रूप में भी कार्य करता है। हमें उम्मीद है कि आप सब वहाँ आएंगे, जहां हमारे ग्रह के महानतम लेखक साहित्य, विचार और संवाद के एक लाजवाब उत्सव के लिए एक साथ आते हैं”
पुरस्कृत लेखिका और फेस्टिवल की सह-निदेशक नमिता गोखले ने कहा, “जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल किताबों और विचारों, कविता और संगीत की दुनिया पर अपना जादू बिखेरने के लिए लौट आया है। हमारा शानदार आयोजन विभिन्न महाद्वीपों और संस्कृतियों की समृद्ध विविधता को शामिल करता है। यह संस्करण पुस्तकों, विचारों, तर्कों और संवादों की एक और रंगीन खूबसूरत पच्चीकारी है। 13 अंतर्राष्ट्रीय और 13 भारतीय भाषाओं सहित कुल -26 भाषाओं के साथ यह फेस्टिवल ‘भाषाएँ अनेक, साहित्य एक’ के अनोखे भाषाई परिदृश्य का जश्न मनाते हुए, कई दुनियाओं के लिए खिड़कियां खोलता है। एक ऐतिहासिक संस्करण आपकी राह देख रहा है!”
टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजय के. रॉय ने कहा, “इस वर्ष का संस्करण किताबों और विचारों की उस शक्ति का प्रतीक है जिसमें बदलाव के बीज होते हैं, जो साहित्य के प्रति हमारे प्रेम का जश्न मनाने के लिए संस्कृतियों और विचारों की दूरियों के बीच एक पुल का निर्माण करता है। फेस्टिवल विचार-विमर्श की जगह है, जहां कहानियां और विचार जीवन में आते हैं, उदारता, समझ और सामूहिक विकास को बढ़ावा मिलता है। यह महज लिखित शब्द के उत्सव से कहीं अधिक है; यह एक आंदोलन है जो साझा कहानियों और विमर्श के माध्यम से लोगों और समुदायों को जोड़ता है।”
टीमवर्क आर्ट्स की अध्यक्ष प्रीता सिंह ने कहा, “जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 18 अविश्वसनीय वर्षों का जश्न मनाते हुए, हम अपने सहयोगी -ब्रांड्स, राजदूतों, फाउंडेशनों और मीडिया के बहुमूल्य समर्थन और सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। साथ मिलकर, हम दुनिया के 400 मिलियन से अधिक लोगों तक पहुंचे हैं। यहां तक कि- कोविड की चुनौतियों के दौरान भी, हमारे सहयोगी दृढ़ता से हमारे साथ खड़े रहे, यूट्यूब और हॉटस्टार जैसे प्लेटफार्मों ने हमारी पहुंच सुनिश्चित की और मीडिया साझेदारी हमारी कहानियों को जम्मू-कश्मीर और नागालैंड जैसी जगहों तक ले गई। हम नंद घर, हॉथोर्नडेन फाउंडेशन, अमेरिकी दूतावास, यूएन वूमेन, आयरलैंड दूतावास, कल्चर आयरलैंड ग्रांट, ईयू, वेदिका, मुकेश बंसल, द होल्बर्ग प्राइज़, नीदरलैंड-दूतावास, ऑस्ट्रियन-दूतावास, ब्लूस्मार्ट, फ्रेटेली, बैनियन स्कूल ट्री, राजस्थान पर्यटन, दिल्ली पर्यटन, हार्पर कॉलिन्स, और एचयूपी एमसीएलआई को हृदय से धन्यवाद कहते हैं। हम अपने मीडिया पार्टनर्स-एबीपी न्यूज, TV9, डेली हंट और द प्रिंट के साथ-साथ अपने प्रिंट मीडिया पार्टनर्स-न्यू इंडियन एक्सप्रेस, राजस्थान पत्रिका, मलयाला मनोरमा, बिजनेस स्टैंडर्ड, अमर उजाला, दैनिक भास्कर और सकाल का भी आभार व्यक्त करते हैं। फेस्टिवल की भावना और संदेश को बढ़ाने में उनके बहुमूल्य समर्थन के लिए हमारे रेडियो पार्टनर, रेड एफएम को धन्यवाद। जेबीएम, नॉर्वेजियन दूतावास और तमिल प्रकाशनों के सहयोग से, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल वास्तव में ‘साहित्य का महाकुंभ’ बन गया है, जो दुनिया के लिए विचारों और प्रेरणा का प्रतीक है।”
भारत में नॉर्वे के राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने कहा, “एक दशक पहले जब जयपुर बुकमार्क की स्थापना हुई थी तब से ही नॉर्वे इसका कंट्री पार्टनर रहा है। संस्थापक-सहयोगी के रूप में हमें इस पब्लिकेशन-फोरम की सफलता और विस्तार पर बहुत गर्व है। प्रकाशन उद्योग और अनुवाद पर जेबीएम का ध्यान देना साहित्य का एक महत्वपूर्ण पहलू है । हम जेबीएम को शुभकामनाएँ देते हैं और हमें इस आयोजन का इंतज़ार है।”
द लीला पैलेस, होटल्स और रिसॉर्ट्स की चीफ मार्केटिंग और सेल्स ऑफिसर श्वेता जैन ने कहा “लीला-समूह के तौर पर हम, असाधारण अनुभवों से सजी बेजोड़ कहानियों की ताकत में भरोसा करते हैं। जो जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के साथ हमारी इस चौथे साल की साझेदारी और प्रतिबद्धता को और गहरा करती है, जिससे ऐसी साझेदारियाँ और भी अधिक सार्थक बन जाती हैं।”
इस कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध खरताल वादक भुंगार खान की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुति से हुई, जिसने राजस्थान के समृद्ध लोक-रागों की झलक पेश की। होटल क्लार्क्स आमेर, जयपुर में विचारों की इस शानदार मैराथन के लिए 30 जनवरी से 3 फरवरी, 2025 की तारीखों को अपने कैलेंडर में चिन्हित कर लीजिए।
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