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IOC ने 2036 ओलिंपिक की मेजबानी प्रक्रिया पर लगाई रोक: भारत को झटका

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 प्रेसिडेंट बोले, अभी मेजबान चुनने का सही समय नहीं

इंटरनेशनल ओलिंपिक काउंसिल (IOC) ने 2036 ओलिंपिक गेम्स की मेजबानी की बिडिंग प्रोसेस पर रोक लगा दी है। इससे गेम्स के लिए भारत की मेजबानी पर फैसला टल गया है। IOC की प्रेसिडेंट क्रिस्टी कॉवेंट्री ने गुरुवार, 26 जून को कहा- ‘एग्जीक्यूटिव बोर्ड के सभी सदस्यों ने इस प्रोसेस को रोकने और इसकी समीक्षा करने का फैसला लिया है। हम इस पर दोबारा विचार करने के लिए एक कार्य समूह गठित करेंगे।’ 41 साल की क्रिस्टी लुसाने में एग्जीक्यूटिव बोर्ड की पहली बैठक ली। पिछले साल एक अक्टूबर को भारत सरकार ने एक अक्टूबर को लेटर ऑफ इंटेंट के जरिए IOC से गेम्स का आयोजन कराने की इच्छा जाहिर की थी। इस पर अगले साल तक फैसला होने की उम्मीद की जा रही थी। भारत ने पेरिस ओलिंपिक में 6 मेडल जीते थे…

2032 तक के मेजबान तय हैं, 2036 के लिए बिडिंग होगी

2032 तक के ओलिंपिक मेजबान तय हो चुके हैं। 2032 की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन शहर को दी गई है। जबकि 2028 के ओलिंपिक लॉस एंजिलिस में होने हैं।

अब तक 2 एशियाड, एक कॉमनवेल्थ गेम्स करा चुका है भारत

भारत अब तक 3 मल्टी स्पोर्ट्स गेम्स की मेजबानी कर चुका है। देश ने आखिरी बार 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी। इससे पहले भारत में 1982 और 1951 के एशियन गेम्स भी कराए जा चुके हैं।

कौन है क्रिस्टी कॉवेंट्री

क्रिस्टी कॉवेंट्री इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (IOC) की प्रेसिडेंट हैं। उन्हें 23 जून, 2025 को IOC प्रेसिडेंट चुना गया था। वे इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला और पहली अफ्रीकी हैं। उन्होंने थॉमस बाक की जगह ली। उनका कार्यकाल 8 साल का है। क्रिस्टी कॉवेंट्री दुनिया की सर्वश्रेष्ठ बैकस्ट्रोक स्विमर (जिसमें तैराक अपनी पीठ के बल पानी में तैरना) में से हैं। उन्होंने 5 ओलिंपिक गेम्स (2000, 2004, 2008, 2012, और 2016) में हिस्सा लिया और कुल 7 मेडल जीते।

भारत ने कब और कैसे पेश की थी दावेदारी?

पिछले साल अक्टूबर में मुंबई में हुई IOC सेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक मंच से 2036 ओलिंपिक खेलों की मेजबानी की भारत की महत्वाकांक्षा का ऐलान किया था। इसके बाद भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) ने आधिकारिक रूप से दावेदारी का खाका IOC के सामने रखा। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी स्पष्ट कर दिया था कि भारत 2036 ओलिंपिक की मेजबानी के लिए पूरी तैयारी और इच्छाशक्ति रखता है। अहमदाबाद में संभावित ओलिंपिक आयोजन के लिए मास्टर प्लान पर भी काम चल रहा था।

IOC ने क्यों रोका प्रोसेस

थॉमस बाक ने कहा है कि 2036 ओलिंपिक के लिए मेजबान शहर चुनने की कोई जल्दबाजी नहीं है। उनके अनुसार, अभी पेरिस 2024, लॉस एंजेलिस 2028 और ब्रिस्बेन 2032 ओलिंपिक खेलों पर फोकस किया जा रहा है, और इन आयोजनों को सफल बनाने के बाद ही 2036 की मेजबानी पर ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, वर्तमान में वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए IOC नहीं चाहता कि जल्दबाजी में कोई निर्णय लिया जाए।

भारत के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला?

भारत के लिए 2036 ओलिंपिक की मेजबानी का सपना न केवल खेलों के लिहाज से महत्वपूर्ण था, बल्कि यह देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और वैश्विक छवि को मजबूत करने का एक बड़ा अवसर भी था। यदि भारत मेजबानी हासिल कर लेता तो यह देश में खेल संस्कृति को नई ऊंचाई तक पहुंचाने का माध्यम बन सकता था। अब IOC की प्रक्रिया रोकने के बाद भारत को अपनी तैयारी जारी रखनी होगी, लेकिन मेजबानी कब और कैसे तय होगी, इस पर अनिश्चितता बढ़ गई है।

 

 

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