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जिले में भारी बारिश के मद्देनज़र प्रशासन सतर्क, जर्जर भवनों के उपयोग पर तत्काल रोक

बारां

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जिला कलक्टर ने भवनों के सर्वे, वैकल्पिक व्यवस्था और त्वरित मरम्मत के दिए निर्देश

शब्बीर हुसैन

बारां (रॉयल पत्रिका)। राज्य सरकार एवं मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा के निर्देशों की पालना में बारां जिला प्रशासन ने भारी बारिश के चलते संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से व्यापक सतर्कता और सुरक्षा उपाय शुरू किए हैं।

जिला कलक्टर ने स्वयं किया जमीनी निरीक्षण:

भारी बारिश के बीच रविवार को जिला कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने स्वयं क्षेत्र का दौरा कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी  गेंदा लाल रैगर, एसई  राजवीर सिंह चौधरी तथा सहायक जनसंपर्क अधिकारी मोहन लाल भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान कलक्टर ने बासथूनी, रानीबदौद, फ़्ल्दी, भंवरगढ़ कस्बा, भंवरगढ़ डांडा एवं घट्टी सहित विभिन्न स्कूल भवनों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल परिसरों के भीतर जाकर कमरों की स्थिति देखी और जिन कमरों में पानी टपक रहा था या जो जर्जर स्थिति में थे, उन्हें तत्काल प्रभाव से सील करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भंवरगढ़ में भारी वर्षा के कारण  पानी भराव की स्थिति देखी गई। जिला कलक्टर ने वहां पानी में उतरकर स्वयं स्कूल के हर कमरे का निरीक्षण किया और ग्रामीणों, शिक्षकों एवं अधिकारियों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली।

जहां भवन अत्यंत जर्जर पाए गए, वहां नए भवन निर्माण के निर्देश दिए गए। साथ ही पानी की निकासी और आवश्यक मरम्मत कार्य एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश बीडीओ और अधीक्षण अभियंता को दिए गए।

छतों की सफाई और जलजमाव रोकने की अपील:

तोमर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे भवनों की छतों की तत्काल सफाई कराएं, ताकि जलजमाव, रिसाव और छत भराव जैसी स्थितियों से बचा जा सके।

प्रशासन सक्रिय मोड में, सर्वेक्षण और निगरानी शुरू:

जिला कलक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने अधीनस्थ शासकीय भवनों – विशेषकर विद्यालयों, कॉलेजों, आंगनबाड़ी केंद्रों, मां-बाड़ी केंद्रों, पुलियों और अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवनों की स्थिति का भौतिक सर्वे करें।

इस सर्वे में भवनों की मजबूती, छतों की स्थिति, दीवारों की दरारें, जल निकासी व्यवस्था और रिसाव की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा। जहां भवन पूरी तरह से अनुपयुक्त पाए जाएंगे, वहां उन्हें सील कर बंद किया जाएगा और उनकी जगह वैकल्पिक भवनों की व्यवस्था की जाएगी।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक, पोषण या अन्य सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए वैकल्पिक भवनों की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही जर्जर भवनों की मरम्मत निर्धारित समय सीमा में कराई जाएगी और आवश्यकता होने पर नए भवनों के निर्माण के प्रस्ताव भी भेजे जाएंगे।

विशेष निगरानी दल गठित:

जिला प्रशासन ने भवनों की स्थिति पर निगरानी के लिए विशेष सर्वे टीमों का गठन किया है, जो मौके पर जाकर रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभागों को सौंपेंगी।

जिला कलक्टर ने कहा कि बारां जिले में किसी भी प्रकार की जनहानि ना हो, इसके लिए प्रशासन सतर्क और संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रहा है।

जिला कलक्टर ने स्कूलों में निरीक्षण से पूर्ण संबंधित प्रधानाचार्य को उपस्थित रहने के निर्देश दिए थे,  बासथूनी स्कूल के विष्णु गोपाल शर्मा एवं फलदी स्कूल के जुल्फिकार अली को अनुपस्थित मिलने पर चार्टशीट जारी की गई।

साथ ही भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए जिले प्रशासन ने आदेश जारी कर जिले के सभी सरकारी गैर सरकारी स्कूलों में नर्सरी से 12 कक्षा एवं सभी मां बाड़ी केंद्र और आंगनबाड़ी केंद्र में 28 और 29 जुलाई को अवकाश घोषित किया गया है।

 

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