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किडनी खराब होने से बचाने के लिए रोज कितना पानी पीना चाहिए: डॉक्टर की सलाह

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पानी की सही मात्रा जानकर रखें किडनी को हेल्दी, डॉक्टर ने बताए आसान टिप्स

पानी सिर्फ प्यास बुझाने का साधन नहीं, बल्कि जीवन के लिए सबसे बुनियादी जरूरत है। शरीर के लगभग 60-70% हिस्से में पानी मौजूद होता है और यह हर अंग के सही तरीके से काम करने के लिए आवश्यक है। खासकर किडनी (गुर्दे) के लिए पानी एक तरह से “जीवन रक्षक” है।
किडनी का मुख्य काम है – खून से अपशिष्ट पदार्थ (वेस्ट), टॉक्सिन्स और अतिरिक्त पानी को छानकर मूत्र के रूप में बाहर निकालना। लेकिन अगर हम पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते, तो यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है और किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। लंबे समय में यह आदत किडनी फेलियर, पथरी (किडनी स्टोन) और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।

किडनी के लिए पानी क्यों जरूरी है?

वेस्ट को बाहर निकालना: पानी शरीर से यूरिया, क्रिएटिनिन और अन्य टॉक्सिन्स को मूत्र के जरिए बाहर निकालने में मदद करता है। किडनी स्टोन से बचाव: पर्याप्त पानी पीने से मूत्र पतला रहता है और इसमें मिनरल्स का जमाव नहीं होता, जिससे पथरी बनने का खतरा कम हो जाता है। ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना: पानी सही मात्रा में होने से ब्लड वॉल्यूम ठीक रहता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर का खतरा घटता है – और यह किडनी हेल्थ के लिए फायदेमंद है। इंफेक्शन से बचाव: पर्याप्त पानी पीने से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) की संभावना कम हो जाती है।

डॉक्टरों के मुताबिक रोज कितना पानी पीना चाहिए?

नेफ्रोलॉजिस्ट और डाइटीशियन के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना 2 से 3 लीटर (लगभग 8–12 गिलास) पानी पीना चाहिए। हालांकि, यह मात्रा उम्र, वजन, मौसम और एक्टिविटी लेवल पर निर्भर करती है।

सामान्य गाइडलाइन:

पुरुष: लगभग 3 लीटर (12–13 गिलास)

महिला: लगभग 2.2 लीटर (8–10 गिलास)

गर्मी के मौसम में: पसीने की वजह से ज्यादा पानी की जरूरत होती है – लगभग 3.5 लीटर तक।

एक्सरसाइज करने वालों को: पसीना ज्यादा निकलने पर पानी के साथ इलेक्ट्रोलाइट्स भी लेना चाहिए।

कम पानी पीने के नुकसान

किडनी फेलियर: लंबे समय तक डिहाइड्रेशन किडनी को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है।

किडनी स्टोन: पानी की कमी से मिनरल्स क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं और पथरी बनाते हैं।

यूटीआई का खतरा: बैक्टीरिया आसानी से पनपते हैं क्योंकि मूत्र का फ्लो कम हो जाता है।

थकान और चक्कर: शरीर में पानी की कमी से ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीजन सप्लाई प्रभावित होती है।

कितना पानी ज्यादा है?

ज्यादा पानी पीना भी हानिकारक हो सकता है, खासकर अगर आपकी किडनी या हार्ट में पहले से कोई समस्या है। बहुत ज्यादा पानी पीने से हाइपोनेट्रेमिया (शरीर में सोडियम लेवल का गिरना) हो सकता है, जो खतरनाक है।
इसलिए, पानी की मात्रा हमेशा डॉक्टर की सलाह और अपने शरीर के संकेतों के अनुसार लें।

पानी पीने का सही तरीका

सुबह खाली पेट: उठते ही 1–2 गिलास गुनगुना पानी पिएं।

थोड़ा-थोड़ा कर के: एक साथ बहुत ज्यादा पानी न पिएं, दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पिएं।

प्यास का इंतजार न करें: प्यास लगना डिहाइड्रेशन का पहला संकेत है, इसलिए समय-समय पर पानी पिएं।

गर्मी में ज्यादा ध्यान: धूप में या पसीना आने पर पानी की मात्रा बढ़ाएं।

किडनी हेल्थ के लिए अतिरिक्त टिप्स

सोडा और कोल्ड ड्रिंक से बचें: इनमें मौजूद फॉस्फेट और शुगर किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं।

संतुलित डाइट लें: नमक और प्रोसेस्ड फूड कम करें।

ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल करें: डायबिटीज और हाई बीपी किडनी खराब होने के मुख्य कारण हैं।

रेगुलर चेकअप कराएं: अगर फैमिली में किडनी डिजीज का इतिहास है तो साल में कम से कम एक बार किडनी फंक्शन टेस्ट करवाएं।

किडनी को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना पर्याप्त पानी पीना एक आसान और प्रभावी तरीका है। डॉक्टरों का कहना है कि औसतन 2–3 लीटर पानी पीना अधिकांश लोगों के लिए सुरक्षित और फायदेमंद है।
ध्यान रखें, पानी सिर्फ जीवन का आधार नहीं, बल्कि आपकी किडनी का सबसे अच्छा दोस्त भी है। आज से ही अपने पानी पीने की आदत को सही करें और अपनी किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखें।

 

 

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