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मस्जिद गिराने की मांग को लेकर शिमला के संजौली में अनशन पर बैठे हिंदू संगठन, प्रशासन को दी चेतावनी

शिमला

मस्जिद गिराने की मांग को लेकर शिमला के संजौली में अनशन पर बैठे हिंदू संगठन, प्रशासन को दी चेतावनी

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अवैध घोषित मस्जिद को लेकर विवाद गहराया, प्रदर्शनकारी लिखित आदेश पर अड़े

 

संजौली में आंदोलन और आमरण अनशन

शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के संजौली क्षेत्र में अवैध घोषित मस्जिद को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मस्जिद के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हिंदू संगठनों ने शुक्रवार को एक बार फिर प्रशासन को चेतावनी दी है।

आंदोलन की स्थिति:

  • हिंदू संघर्ष समिति और अन्य संगठनों के कार्यकर्ता पिछले चार दिनों से संजौली थाने के बाहर धरने पर बैठे हैं।

  • संगठनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं होते, तब तक आंदोलन और आमरण अनशन जारी रहेगा।

गुरुवार देर रात प्रशासनिक अधिकारियों और हिंदू नेताओं के बीच बातचीत में मौखिक सहमति बनी बताई जाती है, लेकिन हिंदू नेता लिखित आदेश पर ही आंदोलन समाप्त करने की बात कह रहे हैं।

क्यों बढ़ा विवाद?

दरअसल, पिछले शुक्रवार को स्थानीय महिलाओं के साथ मिलकर देवभूमि संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को संजौली मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए जाने से रोका था।

  • समिति का तर्क: उनका कहना था कि यहाँ हुआ निर्माण कोर्ट की ओर से अवैध करार दिया जा चुका है। ऐसे में विवादित और अवैध निर्माण में नमाज नहीं की जानी चाहिए।

  • FIR दर्ज: इसके बाद स्थानीय महिलाओं के साथ देवभूमि संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज की गई। अब सरकार और प्रशासन के रवैये के खिलाफ समिति के सदस्य आमरण अनशन पर बैठे हैं।

हिंदू संगठनों की मुख्य मांगें

हिंदू संगठन और स्थानीय लोगों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

  1. कोर्ट द्वारा संजौली मस्जिद को अवैध घोषित करने के बाद, नियमों के मुताबिक बिजली-पानी कनेक्शन काटा जाए

  2. विवादित स्थल पर अवैध गतिविधि रोकी जाए

  3. बीते शुक्रवार को नमाजियों को मस्जिद में जाने से रोकने पर जिन 4 महिलाओं सहित 6 लोगों पर FIR दर्ज की गई है, उसे वापस लिया जाए।

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