भिश्ती समाज में पहली बार चुनावी प्रक्रिया, 40 हजार की आबादी होगी एक मंच पर
भिश्ती समाज अब संगठित, विकास की ओर बढ़ा बड़ा कदम
जयपुर (रॉयल पत्रिका)। राजधानी जयपुर से सामाजिक एकता की एक खास तस्वीर सामने आई है। भिश्ती सक्का अब्बासी समाज एकता मंच की ओर से समाज को एकजुट करने की दिशा में एक अनोखी पहल की गई है। दिल्ली रोड स्थित आमागढ़ के सामुदायिक केंद्र पर समाज के प्रबुद्धजन सामूहिक रूप से एकत्रित हुए। कार्यक्रम में समाज की एकजुटता और संगठन की मजबूत झलक देखने को मिली, जिसने यह संदेश दिया कि समाज अब एक प्लेटफॉर्म पर संगठित होकर आगे बढ़ने को तैयार है।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया और ऐतिहासिक चुनाव
मुस्लिम भिश्ती समाज के इकरामुद्दीन पटेल ने बताया कि समाज के इतिहास में पहली बार लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव कराए जा रहे हैं।
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पदों का चयन: जयपुर जिला स्तर पर होने वाले इन चुनावों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और महासचिव पदों का चयन किया जाएगा।
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जनसंख्या बल: जयपुर में भिश्ती समाज की आबादी लगभग 40 हजार है और यह समाज रियासत कालीन समय से अपनी विशिष्ट सामाजिक पहचान बनाए हुए है।
नगर निगम में ‘भिश्ती’ पद को पुनर्जीवित करने की मांग
समाज की ओर से राज्य सरकार के समक्ष एक महत्वपूर्ण मांग रखी गई है। युवाओं के रोजगार को लेकर चर्चा करते हुए कहा गया कि:
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लुप्त होता पद: पूर्व में नगर निगम में ‘भिश्ती’ का एक सम्मानजनक पद हुआ करता था, जो अब समाप्त होता नजर आ रहा है।
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रोजगार की गुहार: सरकार से मांग की गई है कि इस पद को पूर्ण रूप से पुनर्जीवित कर समाज के युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जाएं।
सामूहिक विवाह से रोजगार तक: विज़न प्लान
भिश्ती समाज एकता मंच ने समाज के उत्थान के लिए एक विस्तृत भविष्य की योजना (Vision Plan) तैयार की है। आने वाले समय में समाज निम्नलिखित कार्यों पर ध्यान केंद्रित करेगा:
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सामूहिक विवाह: फिजूलखर्ची रोकने और आपसी भाईचारा बढ़ाने के लिए सामूहिक विवाह सम्मेलन।
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शिक्षा को बढ़ावा: समाज के बच्चों के लिए आधुनिक और बुनियादी शिक्षा की बेहतर व्यवस्था।
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रोजगार सृजन: युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा करना।
[यहाँ आमागढ़ सामुदायिक केंद्र पर एकत्रित भिश्ती समाज के लोगों की फोटो लगाई जा सकती है]
समाज की एकता ही विकास की चाबी
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने जोर दिया कि भिश्ती समाज की यह पहल न केवल समाज को संगठित करेगी बल्कि विकास की नई दिशा भी देगी। इस महत्वपूर्ण अवसर पर अब्दुल करीम, इब्राहिम, दीन मोहम्मद, हाजी बाबुद्दीन, गुड्डू उर्फ सलीम, कमरुद्दीन, डॉ. अब्दुल रहमान सहित समाज के अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
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