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भगवान के लिए शिक्षा के मंदिर को बदनाम ना करो-बच्चों की जिंदगी को यूं बर्बाद ना करो

सांगानेर

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सादिक हिंदुस्तानी

सांगानेर, (रॉयल पत्रिका)I  सांगानेर के स्कूल भवनों का गहन निरीक्षण कर तुरंत कार्रवाई करना चाहिए। राजस्थान के इतिहास में पहली बार बच्चों के साथ त्रासदी वाली इतनी बड़ी घटना घटित हुई है। झालावाड़ में एक स्कूल के भवन के गिरने के कारण विद्यार्थियों के साथ हुई दर्दनाक, दिल को झकझोर देने वाली घटना ने राजस्थान के अधिकतर सरकारी भवनों की दुर्दशा को उजागर कर दिया। कांग्रेस पार्टी के सांगानेर विधानसभा से प्रत्याशी रहे पुष्पेंद्र भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि झालावाड़ की इस घटना से शिक्षा विभाग के साथ-साथ सार्वजनिक निर्माण विभाग की भी आंखें खुल जानी चाहिए। सांगानेर के कई स्कूलों के भवन भी अपनी नाजुक हालत पर आंसू बहा रहे हैं। बस यह सिलसिला कई वर्षों से यूं ही चला आ रहा है, ना कोई सुनने वाला और ना कोई देखने वाला। प्रदेश के सैंकड़ों स्कूल जर्जर हालत में हैं । जहां स्कूल में पढ़ने वाले हजारों बच्चों की जान जोखिम में है। पुष्पेंद्र भारद्वाज ने बताया कि मुख्यमंत्री की विधानसभा सांगानेर में भी दर्जनों स्कूलों की हालत खस्ता है। जो निम्नलिखित है –

(1)          महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, किरण पथ मानसरोवर (2) राजकीय माध्यमिक विद्यालय, वरुण पथ (3) राजकीय प्राथमिक विद्यालय, सीताराम नगर (4) राजकीय प्राथमिक विद्यालय, सूर्य नगर (5) राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय,मानसरोवर (6) राजकीय प्राथमिक विद्यालय, सुखिया गेट नंबर मुहाना मंडी के पास सांगानेर (7) राजकीय माध्यमिक विद्यालय, कांटा वाली ढाणी हाज्या वाला (8) राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ढाणी कुमावत (9) राजकीय प्राथमिक विद्यालय, सरोज बिहार (10) राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कमला नेहरू नगर केशोपुरा (11) राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कल्याणपुरा सांगानेर (12) राजकीय प्राथमिक विद्यालय, अंबेडकरनगर सांगानेर (13) राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कमला नेहरू नगर (14) राजकीय प्राइमरी विद्यालय, नारायण विहार (15) राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, देवरी सांगानेर I

इसके लिए भाजपा के विधायक जिम्मेदार हैं, क्योंकि दो दशकों से उन्हीं के विधायक बनते आ रहे हैं। किसी ने भी सरकारी स्कूल के भवनों की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दिया। मैं समझता हूं कि सरकार को झालावाड़ की घटना से सबक लेना चाहिए। वरना सांगानेर में भी ऐसी घटना घटित हो सकती है। इसके लिए शिक्षा विभाग को मुस्तैदी से कार्य करना चाहिए। हमें सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 2256 स्कूल जर्जर स्थिति में हैं । शिक्षा विभाग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि निरीक्षण के दौरान सरकार को इतनी बड़ी संख्या में स्कूल भवनों की खराब स्थिति की जानकारी मिली थी। यही वजह थी कि राज्य सरकार ने बजट 2024 -25 में 750 स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए 250 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विधानसभा में भी आठ विधायकों द्वारा स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए सवाल किए गए थे। लेकिन बताते हैं कि शिक्षा विभाग के द्वारा एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया गया। इस तरह इस घटित घटना पर नेताओं के द्वारा दुख प्रकट किया गया। एक दूसरे पर दोषारोपण किया गया। लेकिन नैतिक जिम्मेदारी किसी ने भी नहीं ली। आज के इस दौर में नैतिक जिम्मेदारी लेकर त्याग पत्र देने का सिलसिला समाप्त हो चुका है। नैतिकता मर चुकी है। लेकिन हम कहते हैं कि नैतिक जिम्मेदारी में दोनों पार्टी भाजपा और कांग्रेस बराबर की जिम्मेदार है। और शिक्षा विभाग के मंत्री और प्रशासन इसका सबसे बड़ा दोषी है। जिसने मरम्मत के लिए बजट मिलने के बावजूद भी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। लेकिन वह भी क्या करें ? हमारे देश की शिक्षा प्रणाली में ही सबसे बड़ा दोष है, क्योंकि स्कूल के शिक्षकों को साल में कई तरह के काम, जिम्मेदारियां दे दी जाती हैं। जनगणना से संबंधित, स्वास्थ्य विभाग से संबंधित, वोटिंग से संबंधित, सरकारी कैंपों से संबंधित और अन्य काम सौंप दिए जाते हैं। इसलिए शिक्षकों के पास बच्चों को पढ़ाने के लिए इतना भी समय नहीं मिलता कि उनका पूरा कोर्स करा दिया जाए। मेरा सुझाव है कि शिक्षकों को बच्चों की पढ़ाई और खेलकूद के लिए फ्री हैंड दे दिया जाए। जिससे पढ़ाई का स्तर भी सुधरेगा और खेलों में भी हमारे बच्चे देश का नाम रोशन करेंगे। शिक्षकों से सीधा कहा जाए कि अब आपको सिर्फ बच्चों को पढ़ाई करानी है। विद्यालय से संबंधित हर जिम्मेदारी आपकी है। बच्चों की पढ़ाई का स्तर नहीं सुधरा तो आपकी 50% परसेंट सैलरी काटी जाएगी। स्कूल भी सुधरेंगे, बच्चे भी सुधरेंगे, शिक्षक भी सुधरेंगे और गारंटी से शिक्षा का स्तर भी सुधरेगा। राजनैतिक बयानबाजी बंद कर झालावाड़ जैसी गलती दोबारा ना होना हो, इसके लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

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