सवाई माधोपुर में बाढ़ से भारी तबाही, खाने-पीने का सामान व पहनने के कपड़े तक नहीं बचे
छतों पर बैठकर गुजारी रात
सवाई माधोपुर विधान सभा क्षेत्र से प्रदेश के कृषि मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता वर्तमान में विधायक हैं
शादाब अली
सवाई माधोपुर, (रॉयल पत्रिका)I सवाई माधोपुर के पुराने शहर में 30 जुलाई बुधवार की रात तबाही की रात बनकर आई I जिसने सारा जन-जीवन उथल-पुथल कर दिया । रात के 12 बजे से जिले में भारी बारिश का दौर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते शहर के कई इलाके जल-मग्न होते चले गए। मस्जिद की दीवार टूट गई तो कहीं जानवर बकरा बकरी, भैंस, गाय, मुर्गा-मुर्गी बह गए या मर गए। कुछ नहीं बचा मकान, दुकान, स्कूल, मदरसे, जानवर सब डूबने लगे। लोगों का कहना है उस रात जैसी रात आज तक हमने अपने पूरे जीवन में कभी नहीं देखी, जो मंजर सामने था वो मुंह से बताया भी नहीं जा सकता I औरत बच्चे बूढ़े सब अपनी बर्बादी को रोकने में लगे हुए थे। छतों पर बैठकर शहर के लोगों ने अपनी जानें बचाई। स्कूल, मदरसों में बच्चों के पढ़ने की व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई। शहर के मुख्य बाजार की अनेकों दुकानों में पानी भर गया और लाखों का माल खराब हो गया। पुराने शहर के अंसारी मोहल्ला, हम्माल मोहल्ला, मिर्जा मोहल्ला, रैगर मोहल्ला, कुम्हार मोहल्ला और कागजी मोहल्ले में काफी अधिक नुकसान हुआ है । 50 हजार से ज्यादा पुराने शहर के लोग इस बाढ़ की चपेट में आए हैं। जिसकी भरपाई हो पाना असंभव-सा है। बाढ़ के बाद बिजली पानी की समस्या से जूझना पड़ा, 40 घंटों के बाद शहर में बिजली की व्यवस्था सुचारु हुई। सवाई माधोपुर का पूरा जिला बाढ़ ग्रस्त है आस-पास के दर्जनों गांव जलमग्न हैं। सवाई माधोपुर विधान सभा क्षेत्र से प्रदेश के कृषि मनती और भाजपा के कद्दावर नेता वर्तमान में विधायक हैं I
जिला प्रशासन मुस्तैद नज़र आया
जिला कलक्टर कानाराम एवं पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनिवाल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया I पुलिस व सिविल डिफेन्स की टीम ने राहत और बचाव कार्य किया I जिले में सैंकड़ों लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
नौजवानों द्वारा बाढ़ पीड़ितों के लिए की खाने-पीने की व्यवस्था
शहर के मिर्जा मोहल्ले में नौजवान युवाओं ने अंजुमन स्कूल में दोनों टाइम खाने और नाश्ते की बेहतरीन व्यवस्था की, जिसमें कुम्हार मोहल्ला, रैगर मोहल्ला, मिर्जा मोहल्ला अन्य सभी बाढ़ पीड़ितों को खाना खिलाया गया।
बाढ़ आने के मुख्य कारण क्या रहे।
बाढ़ के हालात क्यों पैदा हुए- रॉयल पत्रिका की खास रिपोर्ट व आमजन की प्रतिक्रिया
- सवाई माधोपुर में बरसाती नाले में फ्लाई ओवर और सीवरेज के चौड़े-चौड़े पिलर और चैम्बर बनाने और उनकी बीस-बाईस फीट गहरी नींव खुदाई का मलबा नाले में ही पड़े रहने के कारण नाला चौक हो गया और रुका हुआ पानी बस्तियों में भर गया। स्थानीय शहर निवासियों का करोड़ों का नुकसान हो गया। मेरे निवास और मेरे क्लिनिक में भी लगभग 5 लाख का नुकसान हुआ है। इसकी ज़िम्मेदारी सीवरेज और फ्लाई ओवर बनाने वाले ठेकेदारों की है। उन्होंने नींव खुदाई का मलबा नाले में ही पड़ा रहने दिया। इस बात पर प्रशासन ने ध्यान क्यूं नहीं दिया।
-डॉ. सैयद सारिम अली, सहारा क्लिनिक, सवाई माधोपुर
- सवाई माधोपुर में 29 जुलाई की रात में आयी तूफानी बारिश ने हाहाकार मचा कर रख दिया। जहां तक नजर गई वहां तक तबाही का मंज़र दिखाई पड़ रहा था। जिले के इतिहास में आज तक बारिश का इतना विकराल रूप नहीं देखा गया। पुराने शहर में बसे अंसारी मोहल्ला, हम्माल मोहल्ला, मिर्ज़ा मोहल्ला, रैगर मोहल्ला, कागज़ी मोहल्ला, कुम्हार मोहल्ला, मनिहारी मोहल्ले के घरों में इतना पानी घुस गया कि लोगों ने छतों पर चढ़कर बामुश्किल जान बचाई। लगातार भारी बारिश के चलते लोगों के दुकानों और घरेलू सामान व स्कूली छात्रों की किताबें बैग सहित पानी के साथ बह गई । ऐसी प्राकृतिक आपदा में सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि अतिशीघ्र इस त्रासदी में प्रभावित लोगों का युद्ध स्तर पर सर्वे करवाए और उचित मुआवजा देकर क्षतिपूर्ति करे और लोगों को दोबारा से बसाए।
(रजीउद्दीन अंसारी, सवाई माधोपुर)
- पुराने शहर सवाई माधोपुर में एलिवेटेड रोड निर्माण कंपनी व ठेकेदारों द्वारा नाले की जो खुदाई की गई पिलरों के लिए उसका सारा मलबा नाले में ही डाल दिया गया। उसी मलबे को बिछाकर अपनी सुविधा के लिए सड़क बना दी गई, जिससे कि नाले का लेवल ऊपर उठ गया और जब बारिश का पानी आया तो पिलरों से टकराकर पानी शहर की बस्ती हम्माल मौहल्ला, अंसारी मोहल्ला, कागजी मोहल्ला, मिर्ज़ा मोहल्ला, रैगर मोहल्ला, कुम्हार मोहल्ला इन सब में घुस गया I इससे काफी माल की हानि हुई I इस नाले की खुदाई हो और दोनों तरफ सुरक्षा दीवार बने।
-जाहिद खान, नेचर गाइड, सवाई माधोपुर
- सीवरेज की मैन लाइन की खुदाई से और एलिवेटेड रोड के कोलम की खुदाई से निकली मिट्टी को वहीं छोड़ देना जिससे नाले का लेवल और चौड़ाई दोनों कम हो गए। भेरू दर्रे पर शहर का कचरा नाले में डालना और पानी का मार्ग अवरुद्ध करना, जिसके कारण पानी मिर्च मार्केट से सीधा रोड से निकला और भेरू दरवाज़ा मस्जिद की तरफ वाले रोड की टाइल्स उखड़ते हुए गहरे गड्ढे कर गया। नाले के किनारे-किनारे विभिन्न स्थानों पर अतिक्रमण होना I
-डॉ. सैयद बलीग अहमद, सवाई माधोपुर
- विगत दिनों शहर में आई बाढ़ के लिए कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोडी लाल मीणा के आदेश से नगर परिषद, सवाई माधोपुर ने बाढ़ पीड़ितों के लिए सुबह और शाम भोजन की व्यवस्था की है और सरकारी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सब की एक रिपोर्ट बनाकर दें और उनका जो भी नुकसान हुआ है उसकी भरपाई की जाएगी।
-सुरेन्द्र शर्मा, जिला प्रवक्ता भाजपा सवाई माधोपुर
- सरकार की अदूरदर्शिता अकर्मण्यता और प्रशासन में प्रभावहीनता के चलते समय रहते अतिवृष्टि की जानकारी होने पर भी उचित प्रबंधन न कर पाना इसकी सबसे बड़ी वजह रही है I मुख्यमंत्री प्राकृतिक आपदाओं के प्रबंधन की बजाय अपनी कुर्सी को बचाने के प्रबंधन में लगे हुए हैं, सारे मंत्री अपनी-अपनी तरह से कुर्सी पर बने रहने के प्रयास में लगे हुए हैं I पूरी भारतीय जनता पार्टी कहीं ना कहीं आपसी खींचतान में व्यस्त है I जनता की परवाह नहीं, अति वृष्टि के पूर्वानुमान के बावजूद प्रदेश में बाढ़ के यह भयावह हालात होना सरकारी फैलियर को दर्शाता है।
-डॉ. सुमित गर्ग, महासचिव एवं प्रवक्ता प्रदेश कांग्रेस कमेटी राज.
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